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कितने पौधे जिंदा, कितने मर गए, जानकारी नहीं दी को तहसीलदारों का वेतन रोका
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बदायूं। डीएम दिनेश कुमार सिंह का उस समय पारा चढ़ गया, जब शासन की प्राथमिकता के कार्यक्रम पौधरोपण और जमीन संबंधी मामलों के निस्तारण की सूचना तहसील प्रशासन ने उपलब्ध नहीं कराई। इस पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी तहसीलदारों का वेतन रोके जाने का फरमान जारी कर दिया, साथ ही कार्य के प्रति लापरवाही बरतने पर एसडीएम सहसवान और बिल्सी को भी कड़ी चेतावनी दी।
बुधवार को कलक्ट्रेट स्थित अटल बिहारी बाजपेयी सभागार में डीएम दिनेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में मासिक स्टाफ व कर-करेत्तर की बैठक आयोजित की गई। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग राजस्व वसूली निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष समय से पूर्ण करें। राजस्व वसूली में किसी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। भूमि संबंधी बंटवारे के मुकदमों में लापरवाही करने पर डीएम ने एसडीएम सहसवान और बिल्सी को कड़ी चेतावनी दी, साथ ही कहा कि सभी भूमि संबंधी बंटवारे के मुकदमों को 30 अक्तूबर तक अभियान चलाकर निस्तारित किया जाए।
तहसीलों में पौधरोपण के लिए आवंटित की गई भूमि पर पौधरोपण की स्थिति की रिपोर्ट न देने पर एसडीएम को चेतावनी और सभी तहसीलदारों के वेतन रोकने के निर्देश दिए। डीएम ने यह भी कहा कि जितनी भी भूमि पौधरोपण के लिए आवंटित की गई है, उसका समिति बनाकर सत्यापन कराया जाएगा कि कितने पेड़ जीवित हैं और कितने पेड़ मर गए। मरे हुए पेड़ों की जगह पर नए पेड़ लगवाए जाएं। कुम्हारी कला का कार्य करने वाले सभी लोगों को तालाब से मिट्टी निकालने के लिए पट्टे किए जाएं। लोग मिट्टी के बने बर्तन का प्रयोग करेंगे। इस मौके पर एडीएम प्रशासन आरएन शर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट केके अवस्थी, एसडीएम सदर पारसनाथ आदि मौजूद रहेे।
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बुधवार को कलक्ट्रेट स्थित अटल बिहारी बाजपेयी सभागार में डीएम दिनेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में मासिक स्टाफ व कर-करेत्तर की बैठक आयोजित की गई। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग राजस्व वसूली निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष समय से पूर्ण करें। राजस्व वसूली में किसी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। भूमि संबंधी बंटवारे के मुकदमों में लापरवाही करने पर डीएम ने एसडीएम सहसवान और बिल्सी को कड़ी चेतावनी दी, साथ ही कहा कि सभी भूमि संबंधी बंटवारे के मुकदमों को 30 अक्तूबर तक अभियान चलाकर निस्तारित किया जाए।
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तहसीलों में पौधरोपण के लिए आवंटित की गई भूमि पर पौधरोपण की स्थिति की रिपोर्ट न देने पर एसडीएम को चेतावनी और सभी तहसीलदारों के वेतन रोकने के निर्देश दिए। डीएम ने यह भी कहा कि जितनी भी भूमि पौधरोपण के लिए आवंटित की गई है, उसका समिति बनाकर सत्यापन कराया जाएगा कि कितने पेड़ जीवित हैं और कितने पेड़ मर गए। मरे हुए पेड़ों की जगह पर नए पेड़ लगवाए जाएं। कुम्हारी कला का कार्य करने वाले सभी लोगों को तालाब से मिट्टी निकालने के लिए पट्टे किए जाएं। लोग मिट्टी के बने बर्तन का प्रयोग करेंगे। इस मौके पर एडीएम प्रशासन आरएन शर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट केके अवस्थी, एसडीएम सदर पारसनाथ आदि मौजूद रहेे।
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