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फिर उफनाई गंगा, बाढ़ चौकियां अलर्ट

Sun, 29 Sep 2019 03:08 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 29 Sep 2019 03:08 AM IST
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Civic Amenities
बदायूं। गंगा का जल स्तर एक बार फिर खतरे के निशान की ओर बढ़ने लगा है। इसके अलावा रामगंगा के जल स्तर में भी इजाफा हुआ है। हरिद्वार और नरौरा बैराज से गंगा तो कालागढ़ बैराज से रामगंगा में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। शुक्रवार को गंगा में नरौरा से 70 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शनिवार को भी 90 हजार क्यूसेक पानी रिलीज किया गया। इससे कई तटवर्ती इलाकों में भू-कटान शुरू हो गया है। नदी का जल स्तर आबादी क्षेत्र की ओर भी बढ़ने लगा है, इसको देखते हुए बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है।
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दातागंज तहसील के गांव अहमदनगर, जटा, जाटी में भी बाढ़ का पानी घुसने लगा है। उसहैत और जमीदाराना बांध से सटकर पानी बह रहा है। यहां बांध के संपर्क मार्ग को भी खतरा पैदा हो गया है। इधर, सहसवान में गंगा-महावा बांध के कुछ हिस्सों में गंगा कटान करने लगी हैं। बाढ़ खंड की टीमें यहां हालात पर नजर रखे हुए हैं। पानी उतरने के साथ कटान का खतरा और ज्यादा बढ़ जाएगा। ऐसे में तटवर्ती गांवों के लोग सुरक्षित स्थानों का रुख करते दिख रहे हैं। नदी का पानी तहसील सदर के तेलियर नगला, दनियाई, कौआ नगला, कोटवारा व पथरामई गांव के निकट पहुंच जाने से वहां बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। कुछ तटवर्ती गांवों में कटान का भी खतरा बढ़ गया है। प्रभावित गांवों में प्रशासन की ओर से राहत सामग्री का वितरण भी कराया जा रहा है। नरौरा बैराज के सूत्रों ने बताया कि उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के चलते फिलहाल वाटर डिस्चार्ज से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
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संक्रामक बीमारियों का भी बढ़ा खतरा
गंगा, रामगंगा के तटवर्ती गांवों में बारिश और बाढ़ का पानी भरने से यहां संक्रामक रोगों का खतरा भी पैदा हो गया है। कादरचौक ब्लॉक के कई तटवर्ती गांवों में भरे बाढ़ के पानी में सड़ांध आने लगी है। हालांकि, तहसील प्रशासन का दावा है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में दवाओं का लगातार छिड़काव कराया जा रहा है। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में और सामान्य है।
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खतरे के निशान से 3.5 मीटर नीचे बह रही गंगो
नरौरा बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने से कछला में गंगा का जल स्तर बढ़ता जा रहा है। यहां गंगा खतरे के निशान से मात्र 3,5 मीटर नीचे रह गई है। इसके बावजूद जिन इलाकों में बाढ़ का पानी फैलाव ले रहा है वहां स्थिति ज्यादा खराब हो रही है। अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में भारी बारिश की चेतावनी के बीच फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं दिख रही। हालांकि, बाढ़ खंड स्थिति पूरी तरह से सामान्य होने की बात कह रहा है।


फिलहाल स्थिति सामान्य है। पिछले महीने गंगा में कई बार नरौरा बैराज से दो लाख क्यूसेक से भी ज्यादा पानी छोड़ा गया था। इसके बाद भी हालात ज्यादा नहीं बिगड़े। इस समय वाटर डिस्चार्ज इससे कहीं कम है। अब बाढ़ का ज्यादा खतरा नहीं बचा है। अगर पहाड़ों पर ज्यादा बारिश होती है तो हालात जरूर खराब हो सकते हैं। जल स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
दीपक शर्मा, एक्सईएन बाढ़ खंड
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