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शहर का ड्रेनेज सिस्टम फेल
बदायूं
Updated Sat, 27 Jun 2015 12:13 AM IST
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मानसून की पहली बरसात में ही शहर की जो तस्वीर उभर कर सामने आई है, उससे यह तो साफ हो गया है कि शहर का ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से फेल है। कई स्थानों पर तालाब जैसी स्थिति नजर आई। बरसात रुकने के कई घंटे बाद तक पानी नहीं निकल सका। जब पानी उतरा तो बजबजाहट ने मुश्किलें खड़ी कीं। अब सवाल उठ रहा है कि मानसून ने अभी दस्तक दी है, तो शहर का ये हाल है, पूरे सीजन में क्या होगा? इसका अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है। यदि ड्रेनेज सिस्टम में सुधार नहीं हुआ तो शहरवासियों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ेगा।
बुधवार की रात मूसलाधार और फिर गुरुवार को दिन में रुक-रुक कर होती रही बरसात के कारण शहर के मोहल्ला पनबाड़ी, गांधी ग्राउंड रोड, बाबूराम मार्केट, जोगीपुरा, शहबाजपुर, पटियाली सराय, टिकटगंज, नईसराय, स्टेशन रोड, कल्याननगर, प्राइवेट बस स्टैंड, रोडवेज, शिवपुरम आदि प्रमुख स्थानों पर जलभराव हो गया था। इनके अलावा भी कई गलियां थीं, जहां पर जलभराव से लोग घरों से निकल नहीं पाए। इसके पीछे मुख्य वजह है कि शहर का ड्रेनेज सिस्टम फेल है। कहीं पर ऐसा नहीं है, जहां से बरसात का पानी आसानी से पास हो सके। जो बड़े नाले हैं, वो गंदगी से पटे पड़े हैं। लोगों का कहना है कि ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने के नगर पालिका परिषद की ओर से कोई सार्थक कदम नहीं उठाए गए। यदि पालिका ने पहले से प्रयास किया होता तो बरसात में शहर में ताल-तलैया नजर नहीं आते।
नालों की नहीं हुई तली झाड़ सफाई
बरसात से पहले हर साल नगर पालिका परिषद प्रशासन द्वारा प्रमुख बड़े नालों की तलीझाड़ सफाई कराई जाती थी, लेकिन इस साल सफाई के नाम पर औपचारिकताएं ही निभाई गईं। लोगों का कहना है यदि नालों की ठीक से सफाई होती, तो पहली बरसात में यह दृश्य देखने को नहीं मिलता।
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बुधवार की रात मूसलाधार और फिर गुरुवार को दिन में रुक-रुक कर होती रही बरसात के कारण शहर के मोहल्ला पनबाड़ी, गांधी ग्राउंड रोड, बाबूराम मार्केट, जोगीपुरा, शहबाजपुर, पटियाली सराय, टिकटगंज, नईसराय, स्टेशन रोड, कल्याननगर, प्राइवेट बस स्टैंड, रोडवेज, शिवपुरम आदि प्रमुख स्थानों पर जलभराव हो गया था। इनके अलावा भी कई गलियां थीं, जहां पर जलभराव से लोग घरों से निकल नहीं पाए। इसके पीछे मुख्य वजह है कि शहर का ड्रेनेज सिस्टम फेल है। कहीं पर ऐसा नहीं है, जहां से बरसात का पानी आसानी से पास हो सके। जो बड़े नाले हैं, वो गंदगी से पटे पड़े हैं। लोगों का कहना है कि ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने के नगर पालिका परिषद की ओर से कोई सार्थक कदम नहीं उठाए गए। यदि पालिका ने पहले से प्रयास किया होता तो बरसात में शहर में ताल-तलैया नजर नहीं आते।
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नालों की नहीं हुई तली झाड़ सफाई
बरसात से पहले हर साल नगर पालिका परिषद प्रशासन द्वारा प्रमुख बड़े नालों की तलीझाड़ सफाई कराई जाती थी, लेकिन इस साल सफाई के नाम पर औपचारिकताएं ही निभाई गईं। लोगों का कहना है यदि नालों की ठीक से सफाई होती, तो पहली बरसात में यह दृश्य देखने को नहीं मिलता।
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