{"_id":"61bcd4941b5905738d4ef690","slug":"children-of-kasturba-school-found-weak-in-studies-dm-taught-badaun-news-bly4695902196","type":"story","status":"publish","title_hn":"पढ़ाई में कमजोर मिले कस्तूरबा स्कूल के बच्चे, डीएम ने पढ़ाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पढ़ाई में कमजोर मिले कस्तूरबा स्कूल के बच्चे, डीएम ने पढ़ाया
विज्ञापन
स्कूल में छात्राओं से बात करती डीएम। संवाद
- फोटो : BADAUN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं/ उझानी। डीएम दीपा रंजन और बीएसए डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह ने ब्लॉक उझानी में कस्तूरबा आवासीय विद्यालय व ग्राम लऊआ के प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। डीएम ने कस्तूरबा विद्यालय में बच्चों से पहाड़े पूछे और किताबें पढ़वाकर देखीं तो पाया कि वे पढ़ने में कमजोर हैं। इसे देख डीएम ने अध्यापिकाओं पर नाराजगी जताई और खुद कुछ देर बच्चों को पढ़ाया।
डीएम को प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे शिक्षा में अच्छे मिले। उन्होंने पहाड़े भी सुनाए और हिंदी व अंग्रेजी की किताबें भी अच्छे ढंग से पढ़कर सुनाईं। डीएम ने अध्यापिकाओं को निर्देश दिए कि बच्चों की कमजोरियों को समझाएं। जिन विषयों में बच्चे ज्यादा कमजोर हैं उन विषयों पर ज्यादा मेहनत की जाए। जो भी पढ़ाएं उसके बारे में बच्चों से अवश्य पूछें कि उन्होंने कितना सीखा। बच्चों के अंदर सीखने की बहुत क्षमता होती है। बच्चों को प्रेरित करने के लिए उन्हें आप महान हस्तियों की जीवनियां और शिक्षा देने वाली कहानियां सुनाएं। छोटे बच्चे का मानसिक स्तर इतना नहीं होता कि वह हर बात को एक बार समझाने पर ही समझ जाए। इसलिए उन्हें समझ न आने पर धैर्य रखते हुए उन्हें समझाते रहना है।
विज्ञापन
डीएम को प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे शिक्षा में अच्छे मिले। उन्होंने पहाड़े भी सुनाए और हिंदी व अंग्रेजी की किताबें भी अच्छे ढंग से पढ़कर सुनाईं। डीएम ने अध्यापिकाओं को निर्देश दिए कि बच्चों की कमजोरियों को समझाएं। जिन विषयों में बच्चे ज्यादा कमजोर हैं उन विषयों पर ज्यादा मेहनत की जाए। जो भी पढ़ाएं उसके बारे में बच्चों से अवश्य पूछें कि उन्होंने कितना सीखा। बच्चों के अंदर सीखने की बहुत क्षमता होती है। बच्चों को प्रेरित करने के लिए उन्हें आप महान हस्तियों की जीवनियां और शिक्षा देने वाली कहानियां सुनाएं। छोटे बच्चे का मानसिक स्तर इतना नहीं होता कि वह हर बात को एक बार समझाने पर ही समझ जाए। इसलिए उन्हें समझ न आने पर धैर्य रखते हुए उन्हें समझाते रहना है।
विज्ञापन