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Budaun News: खतरे में नौनिहाल, 102 अनफिट स्कूली वाहन भर रहे फर्राटा
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अनफिट स्कूल वाहन को चेक करते एआरटीओ हरिओम ।संवाद
बदायूं। शिक्षा के नाम पर अभिभावकों से मोटी फीस वसूलने वाले निजी स्कूलों में 102 अनफिट वाहनों से बच्चों को लाने-ले जाने का काम हो रहा है। परिवहन विभाग ने ऐसे सौ से अधिक स्कूल संचालकों को नोटिस भेजा है, जो बिना फिटनेस व प्रपत्र के खस्ताहाल वाहनों का इस्तेमाल छात्रों को ढोने में कर रहे हैं। जिले में अब इन वाहनों की फिटनेस नहीं हो रही है। वहीं 60 से 150 किमी चलकर बरेली जाकर फिटनेस कराने जाने से स्कूल संचालक और वाहन चालक कतरा रहे हैं।
जिले के 400 निजी स्कूलों में लगभग 550 छोटे-बड़े वाहन पंजीकृत हैं। अनफिट स्कूली वाहनों से हादसे न हों, बच्चे भी सुरक्षित रहें, इसके लिए परिवहन विभाग लगातार जांच अभियान चला रहा है। अभियान के तहत जनवरी में अब तक 47 स्कूली वाहनों पर कार्रवाई की जा चुकी है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो 358 वाहन चालक अपने वाहनों की फिटनेस काफी पहले जिले में ही करा चुके हैं। इसके अलावा तीन बार नोटिस मिलने के बाद नवंबर में 90 स्कूली वाहनों की फिटनेस व प्रपत्र दुरुस्त कराए गए। उस वक्त जिले में ही फिटनेस की जा रही थी। नए नियम के बाद 102 वाहन ऐसे हैं जो बिना फिटनेस कराए ही स्कूली बच्चों को ढो रहे हैं।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्कूल बसों में अग्निशमन किट, फर्स्ट एड बॉक्स सहित तमाम बिंदुओं पर ही फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करता है। वास्तविक हालात इससे अलग हैं। ऐसे वाहनों में बच्चे जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने के लिए विवश हैं।
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हादसे के बाद भी नहीं सुधर रहे स्कूल संचालक
स्कूल की बस से कुचलकर हो चुकी है एक बच्ची की मौत
जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव पड़रिया निवासी नरेश की बड़ी बेटी माही स्कूल गई थी। 17 दिसंबर को जब वह लौटी तो उसकी छोटी बहन सृष्टि उसको लेने बस के पास आ गई। स्कूल की बस की चपेट में आकर छह साल की सृष्टि की मौत हो गई।
दो साल पहले चार छात्र व चालक की जा चुकी है जान
जिले के उसावां थाना क्षेत्र में दो साल पहले स्कूल वैन के ड्राइवर और चार बच्चों की हादसे में मौत हो चुकी है। हादसा उसावां थाना क्षेत्र में असधरमई और गौंतरा गांव के बीच स्कूल वैन और स्कूल बस की आमने-सामने हुई टक्कर से हुआ था। हादसे में वैन सवार चार छात्र-छात्राओं समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि बस में सवार 23 छात्र-छात्राएं घायल हो गए थे। बस में सवार एक छात्रा के भी चोटें आईं थीं।
पेड़ से टकरा गई थी विद्यार्थियों से भरी स्कूल की बस
उघैती थाना क्षेत्र के गांव दारानगर के नजदीक तेज रफ्तार स्कूल बस पिकअप से बचने की कोशिश में सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई थी। गनीमत रही कि बस में सवार छोटे-छोटे बच्चे बाल-बाल बच गए। हादसे में बस चालक सत्यवीर को चोट आई थी। यह हादसा गत वर्ष सुबह आठ बजे हुआ था।
विभाग की ओर से ऐसे वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब ऐसे वाहनों से हादसा होने पर स्कूल संचालक व प्रधानाचार्य जिम्मेदार होंगे। स्कूल संचालकों को माध्यमिक व बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से पत्र भेजने की कवायद शुरू की जा रही है। स्कूल की जो बसें बिना फिटनेस के सड़क मिलेंगी उनको मौके पर ही सीज किया जाएगा। - हरिओम कुमार, उप संभागीय परिवहन अधिकारी, बदायूं
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जिले के 400 निजी स्कूलों में लगभग 550 छोटे-बड़े वाहन पंजीकृत हैं। अनफिट स्कूली वाहनों से हादसे न हों, बच्चे भी सुरक्षित रहें, इसके लिए परिवहन विभाग लगातार जांच अभियान चला रहा है। अभियान के तहत जनवरी में अब तक 47 स्कूली वाहनों पर कार्रवाई की जा चुकी है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो 358 वाहन चालक अपने वाहनों की फिटनेस काफी पहले जिले में ही करा चुके हैं। इसके अलावा तीन बार नोटिस मिलने के बाद नवंबर में 90 स्कूली वाहनों की फिटनेस व प्रपत्र दुरुस्त कराए गए। उस वक्त जिले में ही फिटनेस की जा रही थी। नए नियम के बाद 102 वाहन ऐसे हैं जो बिना फिटनेस कराए ही स्कूली बच्चों को ढो रहे हैं।
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परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्कूल बसों में अग्निशमन किट, फर्स्ट एड बॉक्स सहित तमाम बिंदुओं पर ही फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करता है। वास्तविक हालात इससे अलग हैं। ऐसे वाहनों में बच्चे जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने के लिए विवश हैं।
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हादसे के बाद भी नहीं सुधर रहे स्कूल संचालक
स्कूल की बस से कुचलकर हो चुकी है एक बच्ची की मौत
जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव पड़रिया निवासी नरेश की बड़ी बेटी माही स्कूल गई थी। 17 दिसंबर को जब वह लौटी तो उसकी छोटी बहन सृष्टि उसको लेने बस के पास आ गई। स्कूल की बस की चपेट में आकर छह साल की सृष्टि की मौत हो गई।
दो साल पहले चार छात्र व चालक की जा चुकी है जान
जिले के उसावां थाना क्षेत्र में दो साल पहले स्कूल वैन के ड्राइवर और चार बच्चों की हादसे में मौत हो चुकी है। हादसा उसावां थाना क्षेत्र में असधरमई और गौंतरा गांव के बीच स्कूल वैन और स्कूल बस की आमने-सामने हुई टक्कर से हुआ था। हादसे में वैन सवार चार छात्र-छात्राओं समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि बस में सवार 23 छात्र-छात्राएं घायल हो गए थे। बस में सवार एक छात्रा के भी चोटें आईं थीं।
पेड़ से टकरा गई थी विद्यार्थियों से भरी स्कूल की बस
उघैती थाना क्षेत्र के गांव दारानगर के नजदीक तेज रफ्तार स्कूल बस पिकअप से बचने की कोशिश में सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई थी। गनीमत रही कि बस में सवार छोटे-छोटे बच्चे बाल-बाल बच गए। हादसे में बस चालक सत्यवीर को चोट आई थी। यह हादसा गत वर्ष सुबह आठ बजे हुआ था।
विभाग की ओर से ऐसे वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब ऐसे वाहनों से हादसा होने पर स्कूल संचालक व प्रधानाचार्य जिम्मेदार होंगे। स्कूल संचालकों को माध्यमिक व बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से पत्र भेजने की कवायद शुरू की जा रही है। स्कूल की जो बसें बिना फिटनेस के सड़क मिलेंगी उनको मौके पर ही सीज किया जाएगा। - हरिओम कुमार, उप संभागीय परिवहन अधिकारी, बदायूं

अनफिट स्कूल वाहन को चेक करते एआरटीओ हरिओम ।संवाद

अनफिट स्कूल वाहन को चेक करते एआरटीओ हरिओम ।संवाद

अनफिट स्कूल वाहन को चेक करते एआरटीओ हरिओम ।संवाद