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स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से लाखों की ठगी
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दातागंज। धंधेबाजों ने बेरोजगार युवाओं से स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ठग लिए। ठगों ने नौकरी न मिलने पर रुपये वापस करने का भी भरोसा दिया था। नौकरी के नियुक्ति पत्र दिलाने के नाम पर कई बार लखनऊ भी ले गए, लेकिन बेरोजगारों को नौकरी नहीं मिली। इसके बाद नौकरी और रुपयों की वापसी के नाम पर टरकाते रहे। ठगी का अहसास होने पर बेरोजगारों ने रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी है जिस पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
दातागंज तहसील के गांव गुलड़िया के कैलाश पुत्र गंगाधर, घनश्याम पुत्र लालूराम, हेमंत पुत्र जीसुखराम, डालचंद्र पुत्र नौबत, राकेश पुत्र भूपाल, कृष्णपाल पुत्र राधेश्याम और भगवानपुर के नरेंद्र पुत्र बाबूराम करीब एक साल पहले नौकरी की तलाश में थे। इन लोगों की मुलाकात मूसाझाग थाने के गांव गंगपुर के एक व्यक्ति से हुई। उसने इन सभी को नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग में सभी को नौकरी दिलाने के नाम पर कैलाश से 1.50 लाख और बाकी सभी बेरोजगारों से 70-70 हजार रुपये लिए। इतना ही नहीं गंगपुर के रहने वाले ठग ने दस रुपये के स्टांप पेपर पर यह लिखकर भी दिया कि नौकरी न मिलने पर वह रुपये वापस करेगा। उसने पंजाब नेशनल बैंक के बिना तारीख के चेक भी दिए। कहा कि अगर नौकरी न मिले तो चेक के माध्यम से उसके खाते से रुपये निकाल लें।
कई महीने बीतने के बाद भी बेरोजगारों को नौकरी नहीं मिली। जब गंगपुर के व्यक्ति से संपर्क किया तो वह इन सभी को लेकर लखनऊ गया। वहां नियुक्ति पत्र दिलाने की बात कही। कई बार लखनऊ के चक्कर काटने के बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं मिला तब बेरोजगारों को ठगी का अहसास हुआ। गंगपुर के व्यक्ति ने पीएनबी के जो चेक दिए थे उस खाते के बारे में पता लगा कि खाते में रुपये नहीं थे साथ ही चेक पर हस्ताक्षर भी गलत निकले। ठगी के बारे में पता लगने पर मूसाझाग थाने में तहरीर दी है। पुलिस मामले में जांच कर रही है।
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सफेदपोश के करीबी हैं धंधेबाज
- ठगी का शिकार हुए लोगों का कहना है कि धंधेबाज एक सफेदपोश के करीबी हैं। गंगपुर गांव के जिस व्यक्ति ने स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे रुपये लिए थे उसके गिरोह का सरगना मचलई गांव का एक व्यक्ति है। इसका कुछ सफेदपोश लोगों के साथ उठना-बैठना है। पता लगा है कि नौकरी दिलाने के नाम पर वह काफी लोगों से पहले भी ठगी कर चुका है, लेकिन एक सफेदपोश से करीबी होने के कारण उसके खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी है। ठगी का शिकार हुए बेरोजगारों ने धंधेबाजों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कुछ लोगों ने नौकरी के नाम पर ठगी की शिकायत की है। जांच की जा रही है। प्रथम दृष्ट्या पता लगा है कि मामला दातागंज कोतवाली क्षेत्र का है। रुपयों का लेनदेन वहीं हुआ था। जिन लोगों से ठगी हुई है वह दातागंज क्षेत्र के ही रहने वाले हैं।
- इंद्रेश कुमार, एसओ मूसाझाग
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दातागंज तहसील के गांव गुलड़िया के कैलाश पुत्र गंगाधर, घनश्याम पुत्र लालूराम, हेमंत पुत्र जीसुखराम, डालचंद्र पुत्र नौबत, राकेश पुत्र भूपाल, कृष्णपाल पुत्र राधेश्याम और भगवानपुर के नरेंद्र पुत्र बाबूराम करीब एक साल पहले नौकरी की तलाश में थे। इन लोगों की मुलाकात मूसाझाग थाने के गांव गंगपुर के एक व्यक्ति से हुई। उसने इन सभी को नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग में सभी को नौकरी दिलाने के नाम पर कैलाश से 1.50 लाख और बाकी सभी बेरोजगारों से 70-70 हजार रुपये लिए। इतना ही नहीं गंगपुर के रहने वाले ठग ने दस रुपये के स्टांप पेपर पर यह लिखकर भी दिया कि नौकरी न मिलने पर वह रुपये वापस करेगा। उसने पंजाब नेशनल बैंक के बिना तारीख के चेक भी दिए। कहा कि अगर नौकरी न मिले तो चेक के माध्यम से उसके खाते से रुपये निकाल लें।
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कई महीने बीतने के बाद भी बेरोजगारों को नौकरी नहीं मिली। जब गंगपुर के व्यक्ति से संपर्क किया तो वह इन सभी को लेकर लखनऊ गया। वहां नियुक्ति पत्र दिलाने की बात कही। कई बार लखनऊ के चक्कर काटने के बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं मिला तब बेरोजगारों को ठगी का अहसास हुआ। गंगपुर के व्यक्ति ने पीएनबी के जो चेक दिए थे उस खाते के बारे में पता लगा कि खाते में रुपये नहीं थे साथ ही चेक पर हस्ताक्षर भी गलत निकले। ठगी के बारे में पता लगने पर मूसाझाग थाने में तहरीर दी है। पुलिस मामले में जांच कर रही है।
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सफेदपोश के करीबी हैं धंधेबाज
- ठगी का शिकार हुए लोगों का कहना है कि धंधेबाज एक सफेदपोश के करीबी हैं। गंगपुर गांव के जिस व्यक्ति ने स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे रुपये लिए थे उसके गिरोह का सरगना मचलई गांव का एक व्यक्ति है। इसका कुछ सफेदपोश लोगों के साथ उठना-बैठना है। पता लगा है कि नौकरी दिलाने के नाम पर वह काफी लोगों से पहले भी ठगी कर चुका है, लेकिन एक सफेदपोश से करीबी होने के कारण उसके खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी है। ठगी का शिकार हुए बेरोजगारों ने धंधेबाजों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कुछ लोगों ने नौकरी के नाम पर ठगी की शिकायत की है। जांच की जा रही है। प्रथम दृष्ट्या पता लगा है कि मामला दातागंज कोतवाली क्षेत्र का है। रुपयों का लेनदेन वहीं हुआ था। जिन लोगों से ठगी हुई है वह दातागंज क्षेत्र के ही रहने वाले हैं।
- इंद्रेश कुमार, एसओ मूसाझाग