{"_id":"5ed539e28ebc3e9088557440","slug":"calsh-between-police-and-advocate-badaun-news-bly4077863157","type":"story","status":"publish","title_hn":"मास्क न लगाने पर इंस्पेक्टर और अधिवक्ता में तकरार, मारपीट का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मास्क न लगाने पर इंस्पेक्टर और अधिवक्ता में तकरार, मारपीट का आरोप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहसवान (बदायूं)। घर से ई-रिक्शा में बैठकर कचहरी जा रहे अधिवक्ता सैय्यद नजीबुर्रहमान नकवी उर्फ सिबतैन अखगर की मुख्य चौराहे पर पुलिस से तकरार हो गई। अधिवक्ता उस समय मास्क नहीं लगाए थे। आरोप है कि इस पर अधिवक्ता से अभद्रता की गई। जब उन्होंने विरोध किया तो इंस्पेक्टर सहसवान हरेंद्र सिंह और तीन पुलिसकर्मियों ने अधिवक्ता को पीट दिया। इसके बाद उनको गाड़ी में डालकर कोतवाली ले गए और हवालात में बंद कर दिया। विरोध में अधिवक्ताओं ने एसडीएम सहसवान, सीओ कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी की। सीओ रामकरन से अधिवक्ताओं की नोकझोंक भी हुई।
अधिवक्ता सैय्यद नजीबुर्रहमान नकवी सोमवार पूर्वाह्न को ई-रिक्शा से कचहरी जा रहे थे। पुलिस ने उनका ई-रिक्शा मुख्य चौराहे पर मुन्ना लाल हलवाई की दुकान के सामने रोक लिया और मास्क लगाने को कहा। धीरे-धीरे दोनों तरफ से बात बढ़ गई। इसके बाद इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह की उनसे तकरार हो गई। अधिवक्ता का आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने उनको जमकर पीटा और थाने ले जाकर हवालात में बंद कर दिया।
इधर, जैसे ही इसकी जानकारी अन्य अधिवक्ताओं को लगी तो उनमें आक्रोश फैल गया। एसडीएम और सीओ कार्यालय पर प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं ने मुंसिफ मजिस्ट्रेट अर्पित सिंह से मामले में लिखित शिकायत की। बताते हैं कि मुंसिफ मजिस्ट्रेट की सख्ती के बाद इंस्पेक्टर ने अधिवक्ता को छोड़ दिया।
विज्ञापन
इधर, वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ मारपीट को लेकर वकीलों में भारी आक्रोश है। उन्होंने इसकी शिकायत हाईकोर्ट के साथ जिला जज व पुलिस के अधिकारियों से की है। वकीलों ने इंस्पेक्टर और सिपाहियों के खिलाफ कार्यवाही के साथ सीओ के स्थानान्तरण की मांग की है।
अधिवक्ता के चेहरे व शरीर पर चोटों के सात जख्म
आक्रोशित अधिवक्ताओं ने सहसवान सीएचसी में अधिवक्ता का मेडिकल कराया। उनके चेहरे और शरीर पर जख्मों के साथ निशान हैं। इस बारे में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है। चेतावनी दी है कि अगर सीओ और इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वकील आंदोलन करेंगे।
तहसील बार की अपात बैठक आज
वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ पुलिस द्वारा की गई मारपीट का मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। माना जा रहा है कि अगर समय रहते मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वकील बड़ा आंदोलन कर सकते हैं। अधिवक्ता के साथ हुई मारपीट के मामले में तहसील बार एसोसिएशन की अपात बैठक मंगलवार को अध्यक्ष रियाज अहमद खां की अध्यक्षता में होनी है। इस बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
क्या कहते हैं अधिकारी
अधिवक्ता अपने घर से ईरिक्शा पर आ रहे थे। वह मास्क नहीं लगाए थे। इस पर पुलिस कर्मियों ने उनसे मास्क लगाने को कहा। इस पर अधिवक्ता पुलिस कर्मियों से अभद्र व्यवहार करने लगे। बात बढ़ने पर अधिवक्ता रिक्शे से उतरने की कोशिश में नीचे गिर गए। इससे उनके चेहरे पर चोटें आ गईं हैं। मारपीट का आरोप गलत है। - हरेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर, सहसवान
अधिवक्ता काफी बुजुर्ग हैं। वह ई-रिक्शा में बैठकर कहीं जा रहे थे। इंस्पेक्टर ने मास्क न लगाने की वजह से ई-रिक्शा रोका था। वह गुस्से में आ गए। रिक्शा से उतरे तो नीचे गिर गई और उनको चोट लग गई। बाकी कोई ऐसी बात नहीं है। अगर वह शिकायत करते हैं तो उसकी जांच कराएंगे।
- डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी देहात
विज्ञापन
अधिवक्ता सैय्यद नजीबुर्रहमान नकवी सोमवार पूर्वाह्न को ई-रिक्शा से कचहरी जा रहे थे। पुलिस ने उनका ई-रिक्शा मुख्य चौराहे पर मुन्ना लाल हलवाई की दुकान के सामने रोक लिया और मास्क लगाने को कहा। धीरे-धीरे दोनों तरफ से बात बढ़ गई। इसके बाद इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह की उनसे तकरार हो गई। अधिवक्ता का आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने उनको जमकर पीटा और थाने ले जाकर हवालात में बंद कर दिया।
विज्ञापन
इधर, जैसे ही इसकी जानकारी अन्य अधिवक्ताओं को लगी तो उनमें आक्रोश फैल गया। एसडीएम और सीओ कार्यालय पर प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं ने मुंसिफ मजिस्ट्रेट अर्पित सिंह से मामले में लिखित शिकायत की। बताते हैं कि मुंसिफ मजिस्ट्रेट की सख्ती के बाद इंस्पेक्टर ने अधिवक्ता को छोड़ दिया।
विज्ञापन
इधर, वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ मारपीट को लेकर वकीलों में भारी आक्रोश है। उन्होंने इसकी शिकायत हाईकोर्ट के साथ जिला जज व पुलिस के अधिकारियों से की है। वकीलों ने इंस्पेक्टर और सिपाहियों के खिलाफ कार्यवाही के साथ सीओ के स्थानान्तरण की मांग की है।
अधिवक्ता के चेहरे व शरीर पर चोटों के सात जख्म
आक्रोशित अधिवक्ताओं ने सहसवान सीएचसी में अधिवक्ता का मेडिकल कराया। उनके चेहरे और शरीर पर जख्मों के साथ निशान हैं। इस बारे में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है। चेतावनी दी है कि अगर सीओ और इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वकील आंदोलन करेंगे।
तहसील बार की अपात बैठक आज
वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ पुलिस द्वारा की गई मारपीट का मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। माना जा रहा है कि अगर समय रहते मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वकील बड़ा आंदोलन कर सकते हैं। अधिवक्ता के साथ हुई मारपीट के मामले में तहसील बार एसोसिएशन की अपात बैठक मंगलवार को अध्यक्ष रियाज अहमद खां की अध्यक्षता में होनी है। इस बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
क्या कहते हैं अधिकारी
अधिवक्ता अपने घर से ईरिक्शा पर आ रहे थे। वह मास्क नहीं लगाए थे। इस पर पुलिस कर्मियों ने उनसे मास्क लगाने को कहा। इस पर अधिवक्ता पुलिस कर्मियों से अभद्र व्यवहार करने लगे। बात बढ़ने पर अधिवक्ता रिक्शे से उतरने की कोशिश में नीचे गिर गए। इससे उनके चेहरे पर चोटें आ गईं हैं। मारपीट का आरोप गलत है। - हरेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर, सहसवान
अधिवक्ता काफी बुजुर्ग हैं। वह ई-रिक्शा में बैठकर कहीं जा रहे थे। इंस्पेक्टर ने मास्क न लगाने की वजह से ई-रिक्शा रोका था। वह गुस्से में आ गए। रिक्शा से उतरे तो नीचे गिर गई और उनको चोट लग गई। बाकी कोई ऐसी बात नहीं है। अगर वह शिकायत करते हैं तो उसकी जांच कराएंगे।
- डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी देहात