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Budaun News: 25 लाख में बना भवन... 15 साल में खंडहर
Mon, 06 Jan 2025 01:14 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Mon, 06 Jan 2025 01:14 AM IST
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दहगवां के गांव धर्मपुर टप्पा वैश्य में बना स्वास्थ्य उपकेंद्र खंडहर में तब्दील। संवाद
बदायूं। दहगवां ब्लॉक के गांव धर्मपुर टप्पा वैश्य में 25 लाख की लागत से 2009 में बना स्वास्थ्य उपकेंद्र आज तक शुरू नहीं हो सका है।
इसका भवन बनकर पूरी तरह से तैयार है, फर्नीचर आदि भी डाल दिया गया। लेकिन हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। इसके चलते भवन खंडहर हो गया। जबकि, मौजूदा अधिकारियों को इसकी जानकारी तक नहीं है। दहगवां सीएचसी क्षेत्र के गांव धर्मपुर टप्पा वैश्य में 25 लाख रुपये से 15 साल पहले ग्रामीणों की मांग पर स्वास्थ्य उपकेंद्र बनाया गया था। बताते हैं कि उपकेंद्र का भवन बनने के बाद यहां फर्नीचर भी लाकर रख दिया गया। लेकिन, बिजली का कनेक्शन नहीं लग सका। समय के साथ-साथ सरकारें भी बदलती गईं, लिहाजा किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
नतीजा, यह निकला कि यह स्वास्थ्य उपकेंद्र अब पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो चुका है। यहां आज तक न तो डॉक्टरों न ही किसी एएनएम की तैनाती हो सकी। हालत यह है कि जिम्मेदारों को इस उपकेंद्र के बारे में जानकारी तक नहीं है। गांव के लोगों ने सीएमओ को पत्र भेजकर उपकेंद्र संचालित कराने की मांग की है। शासन को भी पत्र भेजा गया। लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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इसका भवन बनकर पूरी तरह से तैयार है, फर्नीचर आदि भी डाल दिया गया। लेकिन हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। इसके चलते भवन खंडहर हो गया। जबकि, मौजूदा अधिकारियों को इसकी जानकारी तक नहीं है। दहगवां सीएचसी क्षेत्र के गांव धर्मपुर टप्पा वैश्य में 25 लाख रुपये से 15 साल पहले ग्रामीणों की मांग पर स्वास्थ्य उपकेंद्र बनाया गया था। बताते हैं कि उपकेंद्र का भवन बनने के बाद यहां फर्नीचर भी लाकर रख दिया गया। लेकिन, बिजली का कनेक्शन नहीं लग सका। समय के साथ-साथ सरकारें भी बदलती गईं, लिहाजा किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
नतीजा, यह निकला कि यह स्वास्थ्य उपकेंद्र अब पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो चुका है। यहां आज तक न तो डॉक्टरों न ही किसी एएनएम की तैनाती हो सकी। हालत यह है कि जिम्मेदारों को इस उपकेंद्र के बारे में जानकारी तक नहीं है। गांव के लोगों ने सीएमओ को पत्र भेजकर उपकेंद्र संचालित कराने की मांग की है। शासन को भी पत्र भेजा गया। लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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