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श्रावस्ती मॉडल पर काम करेगा बदायूं पुलिस-प्रशासन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,बदायूं
Updated Tue, 02 Jan 2018 01:37 AM IST
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श्रावस्ती के डीएम की पहल पर शुरू हुआ अभियान अब दूसरे जिलों में भी मॉडल के रूप में अपनाया जाएगा। शासन के निर्देश पर चार जनवरी को बदायूं जिले में भी अभियान चलाया जाएगा। भूमाफिया को खदेड़ने के साथ ही गांवों को विवादमुक्त कराने का अभियान भी चलेगा। पुलिस प्रशासन की टीमें चिह्नित गांवों में जाएंगीं और वहां आपसी विवादों को दूर किया जाएगा। शाम को गांव के विवाद मुक्त होने की रिपोर्ट मुख्य सचिव को देनी होगी। आगे भी इसी तरह के अभियान चलाए जाएंगे।
श्रावस्ती जिले से शुरू हुई पहल अब बदायूं में भी दिखेगी। चार जनवरी से इसका आगाज होगा। इसमें जिले के हर थाना क्षेत्र के एक गांव को चिह्नित किया गया है। इस तरह कुल 21 गांवों को पहले दिन यानि चार जनवरी को विवादमुक्त कराया जाएगा। इसमें प्राथमिक तौर पर ज्यादा समस्या वाले गांव देखे गए हैं। संबंधित थाने के एसओ, तहसील के नायब तहसीलदार, कानूनगो आदि अपने विभाग की टीमों के साथ सुबह ही पहुंच जाएंगे। जरूरत के हिसाब से कुछ और विभागों के अधिकारियों को बुलाने की योजना है। संयुक्त टीम शाम तक गांव में रहेगी और
सड़क, मकान, जमीन, बिजली, पानी जैसा हर वह विवाद निपटाएगी जिसे लेकर गांवों में अक्सर फसाद की नौबत आती है। विवादित मामलों में दोनों पक्षों को बैठाकर बात की जाएगी और उनकी रजामंदी से समझौते का प्रयास किया जाएगा। पहले से चिह्नित शिकायतों के अलावा नई शिकायतों को भी शामिल करते हुए शाम को डीएम के मार्फत मुख्य सचिव को रिपोर्ट सौंपी जाएगी कि अब इन गांवों में कोई विवाद नहीं है। भूमाफिया का कब्जा भी हटाया जाएगा
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अफसर करेंगे मॉनीटरिंग
चार जनवरी समेत आगे भी जिस दिन अभियान चलेगा, जिले के वरिष्ठ अधिकारी घूम-घूमकर उसकी मॉनीटरिंग करेंगे। डीएम और एसएसपी साथ में संबंधित गांवों में जाकर निस्तारण की स्थिति देखेंगे। इनके अलावा एडीएम और एएसपी, एसडीएम और सीओ साथ में गांवों का निरीक्षण करके हाल देखेंगे। प्रयास किया जाएगा कि सप्ताह में कम से कम दो बार ड्राइव चले और हर थाने के कम से कम दो गांवों के विवाद निपटा दिए जाएं।
जघन्य घटनाओं पर लगेगा अंकुश
शासन का मानना है कि गांव के छोटे-छोटे विवादों का समय पर निस्तारण न होने और पार्टीबंदी की वजह से ग्रामीणों के दिलों में एकदूसरे के प्रति घृणा रहती है। इन्हीं बातों की वजह से भविष्य में हत्या, दुराचार जैसी घटनाएं होती हैं। अगर छोटे विवाद सुलझ जाएंगे तो बड़ी घटनाओं पर भी लगाम लगेगी।
कब्रिस्तान से हटेगा कब्जा
सदर तहसील क्षेत्र के छह गांवों में भी चार जनवरी को अभियान चलेगा। एसडीएम पारसनाथ मौर्य ने बताया इनमें कादरचौक थाने के कचौरा, उझानी के पिपरौल, कुंवरगांव के नरऊ, बिनावर के रफियाबाद, सिविल लाइंस के सिलहरी गांव में विवाद खत्म कराए जाएंगे। कोतवाली क्षेत्र में बड़े सरकार के कब्रिस्तान की जगह पर पिछले दिनों कब्जा करने की कोशिश की गई थी। इसमें एसडीएम के निर्देश पर सात भूमाफिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अब चार जनवरी को प्रशासन की टीम इसे कब्जामुक्त कराएगी।
सभी तहसीलदारों और एसओ को बताया गया है कि वह संबंधित गांवों में मौजूद संभावित विवादों के बारे में पहले ही होमवर्क कर लें। इससे विवादों को सुलझाने में दिक्कत नहीं आएगी। अभियान लगातार जारी रहेगा। मैं भी एसएसपी के साथ गांवों का निरीक्षण करूंगा।
- दिनेश कुमार सिंह, डीएम
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श्रावस्ती जिले से शुरू हुई पहल अब बदायूं में भी दिखेगी। चार जनवरी से इसका आगाज होगा। इसमें जिले के हर थाना क्षेत्र के एक गांव को चिह्नित किया गया है। इस तरह कुल 21 गांवों को पहले दिन यानि चार जनवरी को विवादमुक्त कराया जाएगा। इसमें प्राथमिक तौर पर ज्यादा समस्या वाले गांव देखे गए हैं। संबंधित थाने के एसओ, तहसील के नायब तहसीलदार, कानूनगो आदि अपने विभाग की टीमों के साथ सुबह ही पहुंच जाएंगे। जरूरत के हिसाब से कुछ और विभागों के अधिकारियों को बुलाने की योजना है। संयुक्त टीम शाम तक गांव में रहेगी और
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सड़क, मकान, जमीन, बिजली, पानी जैसा हर वह विवाद निपटाएगी जिसे लेकर गांवों में अक्सर फसाद की नौबत आती है। विवादित मामलों में दोनों पक्षों को बैठाकर बात की जाएगी और उनकी रजामंदी से समझौते का प्रयास किया जाएगा। पहले से चिह्नित शिकायतों के अलावा नई शिकायतों को भी शामिल करते हुए शाम को डीएम के मार्फत मुख्य सचिव को रिपोर्ट सौंपी जाएगी कि अब इन गांवों में कोई विवाद नहीं है। भूमाफिया का कब्जा भी हटाया जाएगा
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अफसर करेंगे मॉनीटरिंग
चार जनवरी समेत आगे भी जिस दिन अभियान चलेगा, जिले के वरिष्ठ अधिकारी घूम-घूमकर उसकी मॉनीटरिंग करेंगे। डीएम और एसएसपी साथ में संबंधित गांवों में जाकर निस्तारण की स्थिति देखेंगे। इनके अलावा एडीएम और एएसपी, एसडीएम और सीओ साथ में गांवों का निरीक्षण करके हाल देखेंगे। प्रयास किया जाएगा कि सप्ताह में कम से कम दो बार ड्राइव चले और हर थाने के कम से कम दो गांवों के विवाद निपटा दिए जाएं।
जघन्य घटनाओं पर लगेगा अंकुश
शासन का मानना है कि गांव के छोटे-छोटे विवादों का समय पर निस्तारण न होने और पार्टीबंदी की वजह से ग्रामीणों के दिलों में एकदूसरे के प्रति घृणा रहती है। इन्हीं बातों की वजह से भविष्य में हत्या, दुराचार जैसी घटनाएं होती हैं। अगर छोटे विवाद सुलझ जाएंगे तो बड़ी घटनाओं पर भी लगाम लगेगी।
कब्रिस्तान से हटेगा कब्जा
सदर तहसील क्षेत्र के छह गांवों में भी चार जनवरी को अभियान चलेगा। एसडीएम पारसनाथ मौर्य ने बताया इनमें कादरचौक थाने के कचौरा, उझानी के पिपरौल, कुंवरगांव के नरऊ, बिनावर के रफियाबाद, सिविल लाइंस के सिलहरी गांव में विवाद खत्म कराए जाएंगे। कोतवाली क्षेत्र में बड़े सरकार के कब्रिस्तान की जगह पर पिछले दिनों कब्जा करने की कोशिश की गई थी। इसमें एसडीएम के निर्देश पर सात भूमाफिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अब चार जनवरी को प्रशासन की टीम इसे कब्जामुक्त कराएगी।
सभी तहसीलदारों और एसओ को बताया गया है कि वह संबंधित गांवों में मौजूद संभावित विवादों के बारे में पहले ही होमवर्क कर लें। इससे विवादों को सुलझाने में दिक्कत नहीं आएगी। अभियान लगातार जारी रहेगा। मैं भी एसएसपी के साथ गांवों का निरीक्षण करूंगा।
- दिनेश कुमार सिंह, डीएम