UP News: बदायूं जिले का ये गांव बनेगा मॉडल सोलर विलेज, सौर ऊर्जा से रोशन होगा हर घर
बदायूं जिले की रिजौला ग्राम पंचायत के हर घर में सोलर पैनल लगेंगे। इस गांव मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस पर एक करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के तहत बदायूं जिले की रिजौला ग्राम पंचायत को 'मॉडल सोलर विलेज' (आदर्श सौर ग्राम) के रूप में विकसित किया जा रहा है। रिन्यूवल एंड एनर्जी कंजर्वेशन ऑर्गेनाइजेशन सेंटर फॉर स्टडी एंड साइंस टेक्नोलॉजी एंड पॉलिसी की टीम जल्द गांव में पहुंचकर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगी। इस परियोजना के तहत गांव के कायाकल्प के लिए सरकार द्वारा एक करोड़ का विशेष अनुदान दिया जाएगा। इसके बाद स्ट्रीट लाइट से सिंचाई तक का सारा काम सोलर लाइट के माध्यम से किया जाएगा।
मॉडल सोलर विलेज योजना का उद्देश्य जिले में एक ऐसा गांव विकसित करना है जो सौर ऊर्जा से चलने में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो। सभी ग्रामीण घरों एवं सरकारी बुनियादी ढांचे को 24 घंटे सौर ऊर्जा प्रदान करे। प्रदेश में अब तक 20 मॉडल सोलर विलेज के लिए ग्राम पंचायतों का चयन हो चुका है।
मॉडल सोलर विलेज योजना में पांच हजार से अधिक आबादी वाले गांवों को शामिल किया जाता है। जिला स्तरीय समिति की ओर से रिजौला गांव का चयन किया गया है। योजना के तहत एक करोड़ रुपये की लागत से पूरे गांव को सौर ऊर्जा से लैस किया जाएगा। इसके साथ ही गांव में लोगों के लिए हर घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे घरों की बिजली की जरूरत पूरी होगी। इससे ग्रामीणों को बिजली बिल से पूरी तरह राहत मिल जाएगी। महीने का हजारों रुपये का खर्च बचेगा।
फंड से गांव में किए जाएंगे यह कार्य
योजना के तहत गांव की गलियों में लगने वाली स्ट्रीट लाइटें सोलर एनर्जी से जलेंगी। इससे रात में गांव जगमग रहेगा और पंचायत का स्ट्रीट लाइट पर होने वाला खर्च भी बचेगा। साथ ही किसानों को भी बड़ी राहत मिलेगी। सिंचाई के लिए सोलर पंप सेट लगाए जाएंगे, जिससे डीजल और बिजली पर निर्भरता खत्म होगी। गांव में सोलर प्लांट की स्थापना के साथ ही सामुदायिक भवन, स्कूल, पंचायत घर और आंगनबाड़ी केंद्र भी सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। इससे सरकारी भवनों का बिजली बिल शून्य हो जाएगा।
आत्मनिर्भर बनेगा गांव
योजना का मुख्य उद्देश्य गांव को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। एक करोड़ की इस परियोजना से गांव का सालाना लाखों रुपये का बिजली खर्च बचेगा। साथ ही कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा। जिले में यह पहला गांव होगा जो पूरी तरह सौर ऊर्जा पर निर्भर होगा।
यूपीनेडा के परियोजना अधिकारी प्रणव पाठक ने बताया कि रिजोला को मॉडल सोलर विलेज योजना के लिए जिला स्तरीय समिति की ओर से चयन किया गया है, जल्द ही टीम गांव में जाकर डीपीआर तैयार करेगी। आगे अन्य कार्य शुरू हो जाएंगे। इसके बाद पूरा गांव सौर ऊर्जा से लैस हो जाएगा।
ग्राम प्रधान यादवेंद्र शाक्य ने बताया कि ग्राम पंचायत का मॉडल सोलर विलेज के लिए चयन होना खुशी की बात है, इस योजना से गांव में लोगों को बिजली से मुक्ति मिलेगी और वह आत्मनिर्भर बन सकेंगे।