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Budaun: गंगा एक्सप्रेसवे के तहत खोदाई में निकलीं मूर्तियां, हरकत में नहीं आया प्रशासन, न पहुंचा पुरातत्व विभाग

Sat, 07 Jan 2023 09:01 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, बिसौली (बदायूं)
संवाद न्यूज एजेंसी, बिसौली (बदायूं) Published by: आकाश दुबे Updated Sat, 07 Jan 2023 09:01 PM IST
सार

गंगा एक्सप्रेसवे के अन्तर्गत हो रहे खोदाई कार्य के दौरान प्राचीन मूर्तियां निकलीं थीं। जेसीबी से खोदाई के बाद मूर्तियां निकलने की बात जैसे ही गांव में फैली तो ग्रामीणों का हुजूम मौके पर पहुंच गया। कई मूर्तियां खंडित मिलीं जबकि कई मूर्तियां जस की तस मिली हैं।

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Budaun No team of administration reached spot for idols excavated under Ganga Expressway
खोदाई में निकली मूर्ती - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बदायूं के बिसौली में गंगा एक्सप्रेसवे के तहत हो रही खोदाई के दौरान प्राचीन टीले से मूर्तियां निकलने के मामले में शनिवार को भी प्रशासन हरकत में नहीं आया। ग्रामीणों ने खोदाई में निकली मूर्तियों को गांव कोट स्थित एक मंदिर में रखवा दिया है। पुरातत्व विभाग की टीम के आने के बाद ही पता चल सकेगा कि मूर्तियां कितनी पुरानी हैं।

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बीते दिन तहसील क्षेत्र के गांव कोट रतनपुर में गंगा एक्सप्रेसवे के अन्तर्गत हो रहे खोदाई कार्य के दौरान प्राचीन मूर्तियां निकलीं थीं। जेसीबी से खोदाई के बाद मूर्तियां निकलने की बात जैसे ही गांव में फैली तो ग्रामीणों का हुजूम मौके पर पहुंच गया। कई मूर्तियां खंडित मिलीं जबकि कई मूर्तियां जस की तस मिली हैं।

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ग्रामीणों में मूर्तियों के प्राचीन होने को लेकर तमाम कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ ग्रामीण इसे दो हजार वर्ष पूर्व राजा समुद्रपाल के कालखंड की बता रहे हैं तो कुछ ग्रामीण इसे राजा शालिवाहन के कालखंड की बता रहे हैं। इस मामले को लेकर प्रशासन शनिवार को भी अनजान रहा। एसडीएम ज्योति शर्मा ने कहा कि अगर ऐसा कुछ है तो वे मामले की जानकारी लेकर रविवार को गांव कोट मौके पर जाएंगी। बहरहाल सच क्या है यह तो पुरातत्व विभाग की टीम के मौके पर आने के बाद ही पता चल पाएगा।

टीले के बराबर है एतिहासिक तालाब
ग्रामीणों के अनुसार जिस टीले की खोदाई के दौरान मूर्तियां मिली हैं, उसके ठीक बराबर में एक बहुत बड़ा तालाब है। एक वर्ष पूर्व ही तालाब की पैमाइश हुई थी। बुजुर्गों के अनुसार हजारों वर्ष पहले इस तालाब में राजा शालिवाहन की पत्नी नहाने आया करती थीं। बुजुर्ग ग्रामीणों के मुताबिक लगभग तीन दशक पहले तक यह तालाब काफी लंबी चौड़ी ईंटों से निर्मित था, लेकिन अब यह पक्का नहीं रहा। इधर, गांव कोट के बच्चों की मानें तो खोदाई के दौरान एक चांदी की चप्पल जैसी वस्तु भी मिली थी। बच्चों के अनुसार उसको जेसीबी का चालक अपने साथ ले गया।

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