{"_id":"6173bddb8f5b1133ed12d790","slug":"budaun-fifty-villages-surrounded-by-floods-of-ramganga-shahjahanpur-dataganj-also-closed-due-to-flowing-culvert","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदायूं : रामगंगा की बाढ़ से घिरे पचास गांव, पुलिया बहने से शाहजहांपुर-दातागंज भी बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदायूं : रामगंगा की बाढ़ से घिरे पचास गांव, पुलिया बहने से शाहजहांपुर-दातागंज भी बंद
Sat, 23 Oct 2021 01:16 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला नेटवर्क , बदायूं
अमर उजाला नेटवर्क , बदायूं
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Sat, 23 Oct 2021 01:16 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश में बारिश ने कहर बरपा रखा है, सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को हो रही है। गंगा के पानी के कारण जिले में सहसवान व उसहैत क्षेत्र के गांवों में हालात बिगड़े हैं।
विज्ञापन
floods in bareilly
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पहाड़ों पर हो रही बारिश मैदानों में सितम ढा रही है। गंगा उफान पर है जिससे जिले में सहसवान व उसहैत क्षेत्र के गांवों में हालात बिगड़े हैं। रामगंगा भी उफना गई हैं। दातागंज क्षेत्र के करीब पचास गांवों बाढ़ प्रभावित हो गए हैं। इनमें से कई गांव में पानी घुस गया है। दातागंज से शाहजहांपुर को जोड़ने वाले मार्ग पर पानी भर गया है। मानपुर की पुलिया पानी से बह गई है। इससे मार्ग बंद है। लोगों को आवागमन में दिक्कत आ रही है।
आंख में आंसू लिए किसान जद्दोजहद में जुटा हुआ
लगातार हुई बारिश और उसके बाद कोसी नदी के जलस्तर ने अपने साथ तमाम किसानों के लिए मुश्किल पैदा कर दी है। ऐसे में बेबस किसान इस आपदा में बर्बाद हुई फसल को कभी निहारता है तो कभी किस्मत को कोसता है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर दवाई तक, मकान से लेकर शादी, ब्याह व तीज त्योहार तक का दारोमदार उसकी फसल पर ही निर्भर रहता है है। पानी में डूब कर बर्बाद हो चुकी फसल से कुछ खाने के दाने हाथ लगने की आस में आंख में आंसू लिए किसान जद्दोजहद में जुटा हुआ है।
विज्ञापन
आंख में आंसू लिए किसान जद्दोजहद में जुटा हुआ
लगातार हुई बारिश और उसके बाद कोसी नदी के जलस्तर ने अपने साथ तमाम किसानों के लिए मुश्किल पैदा कर दी है। ऐसे में बेबस किसान इस आपदा में बर्बाद हुई फसल को कभी निहारता है तो कभी किस्मत को कोसता है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर दवाई तक, मकान से लेकर शादी, ब्याह व तीज त्योहार तक का दारोमदार उसकी फसल पर ही निर्भर रहता है है। पानी में डूब कर बर्बाद हो चुकी फसल से कुछ खाने के दाने हाथ लगने की आस में आंख में आंसू लिए किसान जद्दोजहद में जुटा हुआ है।
विज्ञापन