Budaun: महिला के शव की आंखें निकालने के मामले में सीएमओ निलंबित, डिप्टी सीएम के निर्देश पर हुई बड़ी कार्रवाई
Budaun News: पोस्टमार्टम के दौरान महिला के शव से आंखें निकालने के मामले में शासन स्तर से बड़ी कार्रवाई की गई है। बदायूं के सीएमओ को निलंबित कर दिया गया है। इससे पूर्व पोस्टमार्टम करने वाले दोनों डॉक्टर गिरफ्तार हो चुके हैं।
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बदायूं में पोस्टमार्टम के दौरान महिला के शव की आंखें निकालने के मामले में शासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर शुक्रवार को सीएमओ डॉ. प्रदीप कुमार वार्ष्णेय को निलंबित कर दिया गया। उन्हें महानिदेशक कार्यालय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं लखनऊ संबद्ध कर दिया गया है। साथ ही मामले की एक जांच एडी हेल्थ डॉ. पुष्पा पंत त्रिपाठी को सौंपी गई है।
मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव रसूला निवासी पूजा (20) पत्नी जोगेंद्र ने 10 दिसंबर को फंदे से लटककर आत्मत्या कर ली थी। ग्राम कुतरई निवासी उसके पिता गंगाचरण का आरोप था कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी में काफी दहेज दिया था लेकिन उससे ससुराल वाले खुश नहीं थे। इससे उन्होंने उत्पीड़न करते हुए पूजा की फंदे से लटका कर हत्या कर दी थी। इस पर मुजरिया पुलिस ने 10 दिसंबर की रात पूजा का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।
रातभर उसका शव मोर्चरी में रखा रहा था। दूसरे दिन दोपहर के समय उसका पोस्टमार्टम कराया गया था। जब उसका शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी से निकाला गया था। तब परिवार वालों का दावा है कि उसकी आंखें थीं। पोस्टमार्टम के बाद जब उन्होंने अंतिम संस्कार के लिए बॉडीबैग खोला तो आंखें गायब थीं।
आरोपी डॉक्टरों को भेजा गया जेल
उनकी शिकायत पर डीएम मनोज कुमार ने महिला के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया और इस मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की। उसके अलावा राजकीय मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों का एक बोर्ड भी गठित किया गया है। प्राथमिक जांच के आधार पर पोस्टमार्टम करने वाले दो डॉक्टर जेल भेजे जा चुके हैं।
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डिप्टी सीएम ने घटना पर जताई नाराजगी
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस घटना को लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। बदायूं के सीएमओ डॉ. प्रदीप कुमार वार्ष्णेय को पदीय दायित्वों और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाह पाया गया। मामले की प्राथमिक जांच के बाद डॉ. प्रदीप को निलंबित करते हुए लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया है। महिला के शव का प्रथम बार पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों और अन्य कार्मिकों का विवरण जुटाने के लिए बरेली के अपर निदेशक को निर्देशित किया गया है।