फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   bsa techer notice

नोटिस के बाद से स्कूल में कम दिखते थे फर्जी %मास्साब%

Wed, 17 Jul 2019 06:54 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jul 2019 06:54 PM IST
विज्ञापन
bsa techer notice
बदायूं। फर्जी शिक्षकों को जब बीएसए रामपाल सिंह राजपूत की ओर से नोटिस जारी किया गया था, तभी से वे तैनाती वाले स्कूल में कम दिखने लगे थे। नौकरी जाने का अंदेशा उन्हें पहले से ही सता रहा था, वे स्कूल में होते हुए भी निराशा के सागर में डूबे रहते थे। चर्चाओं को यदि सच माना जाए तो नोटिस मिलने के बाद से ही फर्जी शिक्षक स्कूल में हस्ताक्षर करने के बाद गायब हो जाया करते थे।
विज्ञापन

यूं तो बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी शिक्षक समय-समय पर पकड़ में आते रहे हैं, लेकिन वर्ष 2010 और 2015 के बीच हुई नियुक्तियों में फर्जी शिक्षकों ने ज्यादा ही अपना दिमाग लगाया। उन्होंने बीएड और शिक्षक पात्रता परीक्षा के फर्जी अभिलेख लगाकर नौकरी को हासिल कर लिया। चूंकि हजारों की संख्या में फर्जी शिक्षकों के नियुक्त होने की बात से शासन के भी कान खड़े हो गए थे। ऐसे में शासन ने विभागीय अधिकारियों से जांच कराने के बजाय एसआईटी से इसकी जांच कराई थी। जांच में पाया गया कि बदायूं में भी दर्जनों फर्जी शिक्षक हैं। इनकी संख्या अब तक 40 तक पहुंच चुकी है। शासन की सख्ती के बाद बीएसए रामपाल सिंह राजपूत भी कार्रवाई के मूड में आ गए थे। उन्होंने चिह्नित किए गए फर्जी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उनकी सूची तलब कर ली थी। तीन दिन से लगातार फर्जी शिक्षकों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई चल रही थी। सूत्र बता रहे हैं कि सभी फर्जी शिक्षकों को नोटिस भेज दिया गया था। तभी से यह फर्जी शिक्षक और भी ज्यादा मायूस हो गए थे। स्कूल में हाजिरी नाममात्र की चल रही थी। चूंकि प्रधानाध्यापकों या फिर उनके साथी स्टाफ को यह लग रहा था कि अब फर्जी शिक्षक बर्खास्त होने से बच नहीं पाएंगे, ऐसे में वह भी ऐसे शिक्षकों से कुछ नहीं कहते थे।
विज्ञापन


और भी संदिग्ध शिक्षकों के अभिलेखों की हो रही है जांच
-विभागीय सूत्र बता रहे हैं कि 40 शिक्षकों के बर्खास्त होने के बाद जो भी संदिग्ध शिक्षक हैं, उनके अभिलेखों की भी जांच की जा रही है। ऐसे में लग रहा है कि और भी शिक्षक इस प्रकार के हो सकते हैं। पकड़ में आने के बाद उन पर भी कार्रवाई हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed