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Budaun News: खाद की हो रही थी कालाबाजारी, आंखें मूंदे रहे अफसर

Sun, 03 Dec 2023 12:40 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 03 Dec 2023 12:40 AM IST
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Black marketing of fertilizer was taking place, officers turned a blind eye
बदायूं। जिले भर में खाद की कालाबाजारी हो रही थी। तय दाम से अधिक वसूले जा रहे थे लेकिन कृषि विभाग के अफसर छापे मारकर अपनी रिपोर्ट में सबकुछ ठीक बताते रहे। इसका खुलासा डीएम के आदेश पर जिलेभर में बीते दिन एक ही वक्त पर खाद, बीज व्यापारियों के यहां मारे गए छापे में हुआ। डीएम ने इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
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पहले खाद की किल्लत से किसान परेशान रहे। जब खाद आई तो ओवर रेटिंग ने उनका दम निकाल दिया। एक कट्टे पर करीब ढाई सौ से तीन सौ रुपये ज्यादा वसूले जा रहे थे। डीएम मनोज कुमार के पास लगातार ओवर रेटिंग की शिकायतें पहुंच रही थीं, लेकिन कृषि विभाग इसकी तरफ से आंखें मूंदे रहा। दिखावे के लिए कुछ दुकानों पर छापे मारे भी गए तो रिपोर्ट सब कुछ ओके मिलने की दे दी गई। ऐसे में विभागीय लापरवाही साफ तौर पर दिखाई दे रही थी।
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डीएम को खाद की कालाबाजारी में कृषि विभाग की भूमिका होने का शक हुआ तो उन्होंने सभी एसडीएम से शुक्रवार को जिले भर में एक ही वक्त पर खाद की दुकानों पर छापे मरवाए। इससे कृषि विभाग की पोल खुल गई। एसडीएम की जांच के दौरान खाद-बीज की दुकानों पर तमाम कमियां मिली। स्टाॅक बाेर्ड से लेकर अन्य अभिलेख तक पूरे नहीं थे। खाद की कालाबाजारी भी भी पुष्टि हुई। कुछ दुकानदारों ने सत्यापन और निरीक्षण रजिस्टर तक नहीं दिखाए। एक्सपायर्ड कीटनाशक दवाओं की बिक्री होती मिली, जबकि विभाग की तरफ से लगातार जिले मेें खाद, बीज की दुकानों पर छापा मारने की बात कही जा रही है।
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सवाल उठता है इतनी कमियां होने के बावजूद विभाग की निगाहें दुकानदारों की ओर क्यों नहीं जा रही थीं। लोगों की मानें तो विभागीय अधिकारी, कर्मचारी दुकानदारों से सांठगांठ करके बैठे हैं, इससे इन दुकानदारों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं हो रही थी। सभी एसडीएम की जांच में खाद की कालाबाजारी समेत तमाम खामियां सामने आने के बाद भी कृषि विभाग ने अब तक किसी भी दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। केवल कारण बताओ नोटिस जारी कर औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

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एक्सपायर्ड दवाओं का होता है प्रभाव कम

- दातागंज कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. संजय कुमार का कहना है कि एक्सपायर्ड तिथि की दवा का इस्तेमाल करने पर वह बेअसर साबित होती है, जिसकी वजह से फसल पर लगा कीट भी नहीं मरता है। ऐसे में संबंधित फसल की पैदावार पर भी असर पड़ता है। कीटनाशक का प्रयोग सबसे ज्यादा मिर्च, शिमला मिर्च, भिंडी, बैगन आदि में होता है।



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27 दुकानों पर मारा छापा, 10 सैंपल भरे



कृषि विभाग की तरफ से दूसरे दिन शनिवार को सहसवान व उझानी क्षेत्र में छापामार कार्रवाई की गई। इस दौरान 27 दुकानों पर छापा मारा गया। दुकानों से 10 दवाओं के सैंपल लिए गए। इसके अलावा छह दुकानों पर अभिलेख अपूर्ण मिले। स्टाक बोर्ड भी सही नहीं मिला।




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वर्जन



- कुछ दिनों पहले सहकारिता और कृषि विभाग के अधिकारियों की बैठक ली थी। तब स्पष्ट निर्देश दिए थे कि ओवर रेटिंग की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए, लेकिन लगातार शिकायतेंं मिली रही थीं। ऐसे में कृषि विभाग की लापरवाही दिखाई दे रही थी। इस पर सभी एसडीएम से जांच कराई गई तो काफी कमियां मिली। शासन को विभागीय लापरवाही के बारे में अवगत कराया है। - मनोज कुमार, डीएम
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