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बर्ड फ्लू को लेकर एलर्ट जारी, जिले में 18 पोल्ट्री फार्मों की हो रही निगरानी
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बदायूं। बर्ड फ्लू को लेकर जिले में लगातार सतर्कता बरती जा रही है। जिले में 18 पोल्ट्री फार्मों की निगरानी के साथ वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीमें दूसरे जिलों से आने वाले पोल्ट्री उत्पादों की निगरानी कर रही हैं। हाल ही में जिले में बिल्सी और दातागंज क्षेत्र में बर्ल्ड फ्लू के दो मामले सामने आ चुके हैं।
बर्ड फ्लू का खतरा करीब एक महीने पहले पैदा हुआ था। उस समय पीलीभीत में पहला मामला सामने आया था। इसके बाद से ही जिले में सतर्कता से काम लिया जा रहा है। दूसरे जिलों से पोल्ट्री उत्पादों की आवक पर रोक लगा दी गई थी। चार दिन पहले दातागंज और बिल्सी में मामले सामने आए तो हड़कंप मच गया। बुधवार को भी पशु चिकित्सा विभाग और वन विभाग की टीमों ने अलग-अलग स्थानों से पक्षियों के नमूने लिए। यह नमूने जांच के लिए आईवीआरआई भेजे गए हैं। दातागंज और बिल्सी क्षेत्र में ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है।
हालांकि, अभी जिले में पक्षियों के एक साथ मरने का कोई मामला सामने नहीं आ रहा है ऐसे में खतरा ज्यादा न बढ़ने की बात भी कही जा रही है। पोल्ट्री फार्म संचालकों को भी जागरूक किया जा रहा है। कंट्रोल रूम में आने वाली सूचनाओं पर नजर रखी जा रही है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके जादौन का कहना है कि टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। जो नमूने हाल में भेजे गए हैं उनमें कोई पॉजिटिव मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, जिले में पोल्ट्री फार्मों की संख्या 60 के करीब है, लेकिन जिन पोल्ट्री फार्मों में मुर्गियां हैं और वह संचालित हो रहे हैं उनकी संख्या 18 है। सभी पोल्ट्री फार्म संचालकों को जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
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बर्ड फ्लू का खतरा करीब एक महीने पहले पैदा हुआ था। उस समय पीलीभीत में पहला मामला सामने आया था। इसके बाद से ही जिले में सतर्कता से काम लिया जा रहा है। दूसरे जिलों से पोल्ट्री उत्पादों की आवक पर रोक लगा दी गई थी। चार दिन पहले दातागंज और बिल्सी में मामले सामने आए तो हड़कंप मच गया। बुधवार को भी पशु चिकित्सा विभाग और वन विभाग की टीमों ने अलग-अलग स्थानों से पक्षियों के नमूने लिए। यह नमूने जांच के लिए आईवीआरआई भेजे गए हैं। दातागंज और बिल्सी क्षेत्र में ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है।
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हालांकि, अभी जिले में पक्षियों के एक साथ मरने का कोई मामला सामने नहीं आ रहा है ऐसे में खतरा ज्यादा न बढ़ने की बात भी कही जा रही है। पोल्ट्री फार्म संचालकों को भी जागरूक किया जा रहा है। कंट्रोल रूम में आने वाली सूचनाओं पर नजर रखी जा रही है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके जादौन का कहना है कि टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। जो नमूने हाल में भेजे गए हैं उनमें कोई पॉजिटिव मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, जिले में पोल्ट्री फार्मों की संख्या 60 के करीब है, लेकिन जिन पोल्ट्री फार्मों में मुर्गियां हैं और वह संचालित हो रहे हैं उनकी संख्या 18 है। सभी पोल्ट्री फार्म संचालकों को जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
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