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बदायूं में भारत बंद बेअसर, कई किसान नेता नजरबंद, ज्ञापन देकर निभाई औपचारिकता
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बदायूं। कृषि कानूनों के विरोध में सोमवार को तहसील मुख्यालयों पर किसान संगठनों ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सभी ने कृषि कानून वापस किए जाने की मांग दोहराई। प्रशासन को पांच सूत्री ज्ञापन दिया गया, जिसमें कृषि कानूनों को वापस लेने के साथ गन्ना मूल्य 450 रुपये क्विंटल करने, फसलों को आवारा पशुओं से बचाने आदि की मांग की गई है। हालांकि भारत बंद का जिले में असर नहीं दिखा। क्योंकि प्रशासन ने कई किसान नेताओं को घरों में नजरबंद कर दिया था।
संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से मालवीय आवास पर पंचायत की गई। पंचायत में भाकियू समेत कई किसान संगठनों ने हिस्सा लिया। मालवीय आवास पर काफी फोर्स तैनात रहा। किसानों ने यहां रोड जाम करने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हो सके। भारी पुलिस फोर्स के कारण किसान बाजार भी बंद नहीं करा सके। महाराणा प्रताप चौक पर भी किसानों ने जाम लगाने की कोशिश की, लेकिन यहां भी कामयाब नहीं हुए। शहर के सभी बाजार खुले रहे।
जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह राठौर ने कहा किसान 10 महीने से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने सुध नहीं ली है। 2022 में इसके परिणाम दिखेंगे। मंडलीय नेता राजेश सक्सेना ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर कानून बनाया जाना चाहिए। सभी फसलों को न्यूनतन समर्थन मूल्य के दायरे में लाया जाए। रामचंद्र सिंह यादव ने कहा किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं हो रहा। सभी तरह के कृषि माफ होने चाहिए। पंचायत में आवारा पशुओं से फसलों को नुकसान, महंगी बिजली का मुद्दा भी उठा। बाद में किसानों ने सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। इस मौके पर रवेंद्र सिंह, गजराज, सूरजपाल सिंह, दुर्गा प्रसाद, श्रीपाल सिंह पटेल, केपीएस राठौर, जमुना सिंह, सत्यवीर सिंह यादव आदि काफी संख्या में किसान रहे।
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उघैती : बाजार आम दिनों की तरह खुले रहे
उघैती। कस्बे में भारत बंद का कोई असर नहीं दिखा। बाजार आम दिनों की तरह खुले रहे। इस दौरान पुलिस ने एहतियात के तौर पर कई किसान नेताओं को घरों पर ही नजरबंद कर दिया। एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ इलाके में कैंप करते रहे। सोमवार सुबह की थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह राणा किसान नेता झांझन सिंह के आवास पर पहुंच गए। यहां उनको नजरबंद कर दिया गया। कई अन्य किसान नेता भी यहां आ गए। इसके बाद किसानों ने पांच सूत्री ज्ञापन दिया। किसानों ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर बाबूराम, जगदीश यादव, भगवानदास, सूरजपाल, सतपाल, त्रिमल सिंह, पुष्पेंद्र सिंह आदि रहे।
कछला : प्रदर्शनकारी किसानों ने की जाम लगाने की कोशिश
उझानी/कछला। भारत बंद के आह्वान पर संयुक्त किसान मोर्चा ने कछला चौराहे पर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हाईवे जाम करने की कोशिश की। सीओ गजेंद्र सिंह के समझाने पर प्रदर्शनकारी मान गए। बरेली-मथुरा हाईवे स्थित कछला चौराहे पर काफी संख्या में किसान तोमर मार्केट के पास इकट्ठे हुए। पंचायत के दौरान उन्होंने कृषि कानून के विरोध में केंद्र सरकार पर गुस्से का इजहार किया। कृषि कानून वापस लेने की की मांग की। इसके बाद किसानों ने जाम लगाने की कोशिश की। सीओ ने समझा कर जाम लगाने से रोक दिया। बाद में किसानों ने सीओ को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन दिया। इस मौके पर जुगेंद्र सिंह, राजेश कुमार, राजाराम, महेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, वीरेंद्र कुमार, तनवीर आदि रहे।
बिसौली : भाकियू ने किया हाईवे जाम, एसडीएम को दिया
बिसौली। भाकियू कार्यकर्ताओं ने भारत बंद को लेकर कस्बा मुड़िया धुरेकी पर एमएफ (मुरादाबाद-फर्रुखाबाद) हाईवे जाम कर दिया। बाद में किसानों ने कृषि कानून वापस लेने समेत पांच सूत्री ज्ञापन एसडीएम डॉ. राजेश कुमार को दिया। कस्बा मुड़िया धुरेकी के पास काफी संख्या में किसान हाईवे पर बैठ गए और कृषि कानूनों के विरोध में नारेबाजी की। एसडीएम डॉ. राजेश कुमार और सीओ विनय चौहान मौके पर पहुंच गए। किसानों को हटा कर हाईवे पर यातायात सामान्य कराया। इसके बाद किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन दिया। इस मौके पर दिनेश कुमार यादव, अशोक पाल सिंह, पप्पू प्रधान, संजय यादव, मुकेश भदौरिया, सूरज सिंह आदि रहे।
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संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से मालवीय आवास पर पंचायत की गई। पंचायत में भाकियू समेत कई किसान संगठनों ने हिस्सा लिया। मालवीय आवास पर काफी फोर्स तैनात रहा। किसानों ने यहां रोड जाम करने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हो सके। भारी पुलिस फोर्स के कारण किसान बाजार भी बंद नहीं करा सके। महाराणा प्रताप चौक पर भी किसानों ने जाम लगाने की कोशिश की, लेकिन यहां भी कामयाब नहीं हुए। शहर के सभी बाजार खुले रहे।
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जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह राठौर ने कहा किसान 10 महीने से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने सुध नहीं ली है। 2022 में इसके परिणाम दिखेंगे। मंडलीय नेता राजेश सक्सेना ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर कानून बनाया जाना चाहिए। सभी फसलों को न्यूनतन समर्थन मूल्य के दायरे में लाया जाए। रामचंद्र सिंह यादव ने कहा किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं हो रहा। सभी तरह के कृषि माफ होने चाहिए। पंचायत में आवारा पशुओं से फसलों को नुकसान, महंगी बिजली का मुद्दा भी उठा। बाद में किसानों ने सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। इस मौके पर रवेंद्र सिंह, गजराज, सूरजपाल सिंह, दुर्गा प्रसाद, श्रीपाल सिंह पटेल, केपीएस राठौर, जमुना सिंह, सत्यवीर सिंह यादव आदि काफी संख्या में किसान रहे।
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उघैती : बाजार आम दिनों की तरह खुले रहे
उघैती। कस्बे में भारत बंद का कोई असर नहीं दिखा। बाजार आम दिनों की तरह खुले रहे। इस दौरान पुलिस ने एहतियात के तौर पर कई किसान नेताओं को घरों पर ही नजरबंद कर दिया। एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ इलाके में कैंप करते रहे। सोमवार सुबह की थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह राणा किसान नेता झांझन सिंह के आवास पर पहुंच गए। यहां उनको नजरबंद कर दिया गया। कई अन्य किसान नेता भी यहां आ गए। इसके बाद किसानों ने पांच सूत्री ज्ञापन दिया। किसानों ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर बाबूराम, जगदीश यादव, भगवानदास, सूरजपाल, सतपाल, त्रिमल सिंह, पुष्पेंद्र सिंह आदि रहे।
कछला : प्रदर्शनकारी किसानों ने की जाम लगाने की कोशिश
उझानी/कछला। भारत बंद के आह्वान पर संयुक्त किसान मोर्चा ने कछला चौराहे पर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हाईवे जाम करने की कोशिश की। सीओ गजेंद्र सिंह के समझाने पर प्रदर्शनकारी मान गए। बरेली-मथुरा हाईवे स्थित कछला चौराहे पर काफी संख्या में किसान तोमर मार्केट के पास इकट्ठे हुए। पंचायत के दौरान उन्होंने कृषि कानून के विरोध में केंद्र सरकार पर गुस्से का इजहार किया। कृषि कानून वापस लेने की की मांग की। इसके बाद किसानों ने जाम लगाने की कोशिश की। सीओ ने समझा कर जाम लगाने से रोक दिया। बाद में किसानों ने सीओ को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन दिया। इस मौके पर जुगेंद्र सिंह, राजेश कुमार, राजाराम, महेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, वीरेंद्र कुमार, तनवीर आदि रहे।
बिसौली : भाकियू ने किया हाईवे जाम, एसडीएम को दिया
बिसौली। भाकियू कार्यकर्ताओं ने भारत बंद को लेकर कस्बा मुड़िया धुरेकी पर एमएफ (मुरादाबाद-फर्रुखाबाद) हाईवे जाम कर दिया। बाद में किसानों ने कृषि कानून वापस लेने समेत पांच सूत्री ज्ञापन एसडीएम डॉ. राजेश कुमार को दिया। कस्बा मुड़िया धुरेकी के पास काफी संख्या में किसान हाईवे पर बैठ गए और कृषि कानूनों के विरोध में नारेबाजी की। एसडीएम डॉ. राजेश कुमार और सीओ विनय चौहान मौके पर पहुंच गए। किसानों को हटा कर हाईवे पर यातायात सामान्य कराया। इसके बाद किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन दिया। इस मौके पर दिनेश कुमार यादव, अशोक पाल सिंह, पप्पू प्रधान, संजय यादव, मुकेश भदौरिया, सूरज सिंह आदि रहे।