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कष्ट में भगवान अपने भक्त की रक्षा जरूर करते हैं : दीपक
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बिल्सी के बांस बरोर्लया में भागवत कथा सुनाते दीपक शास्त्री। संवाद
- फोटो : BADAUN
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव बांस बरोलिया स्थित वृद्धाश्रम पर चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन मध्य प्रदेश से पधारे कथावाचक दीपक शास्त्री ने भक्त प्रह्लाद का वृतांत सुनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कहा- कष्ट में भगवान भक्त की रक्षा जरूर करते हैं।
कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि प्रह्लाद भगवान विष्णु के परम भक्त थे। यह बात उनके पिता हिरणाकश्यप को बर्दाश्त नहीं थी। सारी कोशिश के बाद भी हिरण्यकश्यप प्रह्लाद को भगवान विष्णु की भक्ति करने से रोक नहीं पाया तो उसने उसे मारने के बारे में सोचा। फिर एक दिन प्रह्लाद को मारने के लिए अपनी बहन होलिका की मदद ली। होलिका को भगवान शंकर से वरदान मिला हुआ था। उसे वरदान में एक ऐसी चादर मिली थी जिसे ओढ़ने पर अग्नि उसे जला नहीं सकती थी। होलिका उस चादर को ओढ़कर और प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठ गई। वह चादर उड़कर प्रहलाद के ऊपर आ गई और प्रह्लाद की जगह होलिका आग में भस्म हो गई।
प्रह्लाद आज भी पूरी दुनिया में विष्णु भक्त के नाम से पुकारे जाते हैं। उन्होंने कथा में अन्य प्रसंगों को सुनाते हुए कहा कि भागवत कथा समाज में छिपी कुरीतियों को दूर करने का संदेश देती है। इसलिए लोगों को कथा जरूर सुननी चाहिए। इस मौके पर आश्रम के संचालक उमाशंकर शास्त्री, वेदव्यास शर्मा, शिवगौड़, धनेश्वर सिंह पुंडीर, रा मकिशोर शर्मा, जसवीर सिंह, यादकिशोर माथुर, राजाराम, रामप्रकाश, सचिनशर्मा, कलावती, मनीषतिवारी, रश्मि पांडेय, सिमरन शर्मा, लता गौड़ आदि मौजूद रहे। संवाद
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कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि प्रह्लाद भगवान विष्णु के परम भक्त थे। यह बात उनके पिता हिरणाकश्यप को बर्दाश्त नहीं थी। सारी कोशिश के बाद भी हिरण्यकश्यप प्रह्लाद को भगवान विष्णु की भक्ति करने से रोक नहीं पाया तो उसने उसे मारने के बारे में सोचा। फिर एक दिन प्रह्लाद को मारने के लिए अपनी बहन होलिका की मदद ली। होलिका को भगवान शंकर से वरदान मिला हुआ था। उसे वरदान में एक ऐसी चादर मिली थी जिसे ओढ़ने पर अग्नि उसे जला नहीं सकती थी। होलिका उस चादर को ओढ़कर और प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठ गई। वह चादर उड़कर प्रहलाद के ऊपर आ गई और प्रह्लाद की जगह होलिका आग में भस्म हो गई।
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प्रह्लाद आज भी पूरी दुनिया में विष्णु भक्त के नाम से पुकारे जाते हैं। उन्होंने कथा में अन्य प्रसंगों को सुनाते हुए कहा कि भागवत कथा समाज में छिपी कुरीतियों को दूर करने का संदेश देती है। इसलिए लोगों को कथा जरूर सुननी चाहिए। इस मौके पर आश्रम के संचालक उमाशंकर शास्त्री, वेदव्यास शर्मा, शिवगौड़, धनेश्वर सिंह पुंडीर, रा मकिशोर शर्मा, जसवीर सिंह, यादकिशोर माथुर, राजाराम, रामप्रकाश, सचिनशर्मा, कलावती, मनीषतिवारी, रश्मि पांडेय, सिमरन शर्मा, लता गौड़ आदि मौजूद रहे। संवाद
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