{"_id":"4b87538e28b745246c90cae10144345d","slug":"barikeding-not-red-how-will-arrangement-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैरीकेडिंग न लाल निशान कैसे पूरे होंगे इंतजाम?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैरीकेडिंग न लाल निशान कैसे पूरे होंगे इंतजाम?
Ujani
Updated Tue, 26 May 2015 08:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कछला गंगाघाट पर दशहरा वाले दिन होने वाले मुख्य स्नान के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद के बीच घाट पर अभी तक कोई इंतजाम शुरू नहीं कराया गया है। मंगलवार को घाट पर न तो बैरीकेडिंग को बल्लियां नजर आईं और न ही महिलाओं की सुविधा को अस्थायी शेड बनाए गए हैं। गत सोमवती अमावस्या पर नौ लोगों की मौत के बाद भी जिला और पंचायत प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया है।
विज्ञापन
गंगाघाट पर श्रद्धालुओं के अनुरूप सुविधा और सुरक्षा के लिए तीन दिन पहले बदायूं और कासगंज जिले के पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की बैठक हुई थी। तय हुआ कि घाट पर सुरक्षा के इंतजाम बदायूं और ट्रफिक व्यवस्था की जिम्मेदारी कासगंज जिले की सोरों कोतवाली पुलिस की होगी। इसी के तहत कछला नगर पंचायत प्रशासन को घाट पर लाइट, बैरीकेडिंग, गंगा में गहराई वाले स्थानों पर लाल संकेत लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। दशहरा का मुख्य स्नान चूंकि बृहस्पतिवार को है, लेकिन एक दिन पहले और दशहरा के अगले दिन तक मेला रहेगा।
विज्ञापन
मंगलवार को घाट पर ऐसा कोई इंतजाम नजर नहीं आया, जो प्रशासनिक दावों को पुख्ता कर रहा हो। घाट पर मौजूद लोगों ने बताया कि नगर पंचायत प्रशासन की ओर से अभी तक कोई काम शुरू नहीं कराया गया है। ऐसे में उम्मीद काफी कम है कि मुख्य स्नान वाले दिन तक सभी इंतजाम पूरे हो पाएं। बता दें कि दो दिन पहले ही कछला नगर पंचायत अध्यक्ष पुष्पा देवी लौनिया चौहान ने खुद की वजाह ईओ की जवाबदेही तय कर दी थी। इंतजाम करना तो दूर मंगलवार को ईओ तक नहीं पहुंचे।
विज्ञापन
सोमवती पर नौ श्रद्धालुओं ने गंवाई थी जान
कछला में गंगाघाट पर श्रद्धालुओं के अनुरूप पुलिस और प्रशासनिक दावों की कलई भी कई बार खुल कर सामने आ चुकी है। सोमवती अमावस्या पर कछला में नहाते वक्त करीब 18 श्रद्धालु डूबे थे। डूबे श्रद्धालुओं में राजस्थान और मथुरा जिले के नौ श्रद्धालुओं को जान से हाथ धोना पड़ गया था। डूबे श्रद्धालुओं में राजस्थान के धौलपुर की ऑफीसर कालोनी निवासी मुनीश की पांच वर्षीय बेटी रौनक शर्मा का तो अभी तक शव भी नहीं मिला है।
कछला गंगाघाट पर व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए वह व्यक्तिगत रूप से कोशिश में लगी है। मंगलवार को भले ही इंतजाम शुरू नहीं हो पाए, लेकिन अगले दिन बुधवार से व्यवस्थाओं को शुरू करा दिया जाएगा। - पुष्पादेवी लौनिया चौहान, अध्यक्ष, कछला नगर पंचायत।