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बदायूं डबल मर्डर: पोस्टमार्टम के बाद बच्चों का शव पहुंचा घर, बेसुध हुईं मां और दादी; फफक पड़े पिता

Wed, 20 Mar 2024 10:26 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं Published by: अनुज कुमार Updated Wed, 20 Mar 2024 10:26 PM IST
सार

बदायूं में दो मासूम बच्चों की हत्या के बाद शवों का पोस्टमार्टम हो गया है। जैसे ही शव घर पहुंचे तो चीत्कार मच गई। मां बेसुध होकर जमीन पर गिर गई।

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Badaun double murder outcry when bodies of both children reached home after post-mortem
शव घर पहुंचते ही मच गई चीत्कार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बदायूं में दो मासूम बच्चों की हत्या के बाद पोस्टमार्टम हो गया। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव घर पहुंचे तो चीख-पुकार मच गई। बुधवार सुबह 10 बजे दोनों बच्चों का पोस्टमार्टम पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में कराया गया। दोनों बच्चों के शव घर पहुंचे तो चीत्कार मच गया। पुलिस के जवानों ने पिता समेत परिजनों को संभाला। दोपहर 12 बजे दोनों के शवों को कछला घाट पर दफन किया जा सका।

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ठेकेदार विनोद ठाकुर के दो बच्चों की हत्या के बाद परिवार समेत मोहल्ले के लोग भी बदहवास हैं। लोगों में घटना को लेकर बेहद आक्रोश है। मंगलवार रात को घटना के तीन घंटे के अंदर ही आरोपी साजिद मुठभेड़ में ढेर हो गया। ये खबर सुनते ही लोगों का गुस्सा कुछ कम हुआ। तब कहीं शहर के हालात संभले।

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बुधवार को दोनों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। जैसे ही शव घर पहुंचा तो चीत्कार मच गई। मां बेसुध होकर जमीन पर गिर गई। पिता विनोद और दादी मुन्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता विनोद भी फफक पड़े। पुलिस के जवानों ने परिजनों को ढांढ़स बंधाया। जैसे-तैसे परिजनों को संभाला। नम आखों से दोनों बच्चों को दफन किया गया।

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सिविल लाइंस इलाके की बाबा कॉलोनी निवासी विनोद कुमार लखीमपुर खीरी जिले के मोहम्मदी में जलजीवन मिशन में ठेकेदारी करते हैं। पत्नी सुनीता ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। परिवार खुशहाल था। दादी मुन्नी देवी उझानी में होमगार्ड हैं। वह बार-बार दोनों पोतों को याद कर बेसुध हो रहीं हैं। रोते-रोते उनका यही कहना है कि हंसते-खेलते परिवार को पता नहीं किसकी नजर लग गई। बच्चों की मां सुनीता जब भी होश में आती हैं, तो उनके मुंह से यही निकलता है कि मेरे आयुष और अहान को बुलाओ। कुछ देर रोने के बाद वह फिर से अचेत हो जाती हैं।

जानकारी के लिए बता दें किआरोपी साजिद के एनकाउंटर की मजिस्ट्रियल जांच होगी। डीएम मनोज कुमार ने एनकाउंटर की मजिस्ट्रेट जांच के लिए आदेश दिए हैं। डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट से जांच कर 15 दिन में जांच आख्या मांगी है। उधर, इस हत्याकांड में नामजद साजिद के भाई जावेद का अब तक कोई पता नहीं चला है। उसकी तलाश में पुलिस की चार टीमें लगी हुई हैं। 

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