UP: शादी के लिए नहीं दिए दो लाख तो मौसी और बहन की कर दी हत्या, पुलिस ने सगे तीन भाइयों को भेजा जेल
बदायूं में दातागंज पुलिस ने गांव वीरमपुर में हुए दोहरे मां-बेटी हत्याकांड का खुलासा कर दिया है, लेकिन वह किसी के गले नहीं उतर रहा। पुलिस का दावा है कि मुख्य अभियुक्त विपिन ने अकेले ही दो लाख रुपये की खातिर मौसी व मौसेरी बहन की चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी थी।
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बदायूं में दातागंज पुलिस ने गांव वीरमपुर में हुए दोहरे मां-बेटी हत्याकांड का खुलासा कर दिया है, लेकिन वह किसी के गले नहीं उतर रहा। पुलिस का दावा है कि मुख्य अभियुक्त विपिन ने अकेले ही दो लाख रुपये की खातिर मौसी व मौसेरी बहन की चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी थी, जबकि उससे बड़े दो सगे भाइयों ने हत्या का राज छिपाया था। पुलिस ने तीनों को जेल भेज दिया है। वहीं, एसएसपी ने बताया मुकदमे में नामजद किए गए पांच अभियुक्तों की संलिप्ता की जांच जारी है।
एसएसपी डॉ. ब्रजेश सिंह ने बताया कि 15 अगस्त की देर रात गांव वीरमपुर निवासी जयंती (35) और उनकी मां शांति (70) की निर्माणाधीन घर के अंदर चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। जयंती का मौसेरा भाई विपिन संदिग्ध रूप में चाकू से घायल हुआ था। शांति के बेटे संजू ने वजीरगंज थानाक्षेत्र के गांव रोटा निवासी संजीव, पिंकु, सुरेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, कब्बाली व विपिन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दोहरे हत्याकांड की तफ्तीश की। पुलिस ने घायल विपिन को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन वह दो दिन तक पुलिस को गुमराह करता रहा। पुलिस का दावा है कि जब उससे सख्ती से पूछताछ हुई तो उसने दोनों की हत्या करना स्वीकार कर लिया। उसने बताया वह व उसके भाई अवनीश और विमल हजरतपुर थानाक्षेत्र के गांव चितरी में मां के रहते थे।
बताया कि उसकी मां ने गांव की जमीन बेचकर मौसेरी बहन जयंती के घर के पड़ोस में मकान बनवा लिया था। जहां तीनों भाई रहने लगे थे। वह अपनी शादी करने के लिए जयंती से दो लाख रुपये मांग रहा था, जिसे देने से वह मना कर रही थी। पुलिस के अनुसार, घटना वाली रात रुपये चोरी करने के इरादे से जयंती के घर घुसा था। जहां जयंती जाग गई। इस पर उसने पहले जयंती पर चाकू से वार किए। इसी बीच नींद से जागी मौसी शांति पर भी चाकू से हमला कर दिया। दोनों की मौत हो गई। इसके बाद वह घर पहुंचा। जहां उसने अपने दोनों भाई अवनीश व विमल को घटना क्रम की जानकारी दी। दोनों भाइयों ने हत्याकांड को छिपाने में उसका साथ दिया। दोनों भाइयों ने ही जयंती के दोनों मोबाइल और चाकू छिपाया था। पुलिस ने इसी आधार पर विपिन के दोनों भाई अवनीश व विमल के नाम दर्ज मुकदमे में साक्ष्य छिपाने के आरोप में बढ़ाए हैं। पुलिस ने हत्यारोपियों की निशानदेही से दोनों मोबाइल व आलाकत्ल चाकू बरामद कर लिया है। पुलिस ने तीनों भाइयों को जेल भेज दिया है।
विपिन ने मौसी व मौसेरी बहन की अकेले ही हत्या की थी। उसके दो भाइयों ने हत्या की बात पुलिस से छिपाई थी। तीनों को जेल भेजा गया है। मृतका के बेटे ने जिन अभियुक्तों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। उनकी संलिप्ता की जांच जारी है। - डॉ. ब्रजेश सिंह, एसएसपी
बदायूं में दोहरे हत्याकांड का खुलासा पुलिस के गले की फांस बन सकता है। पुलिस का ही दावा है कि विपिन दो दिन से कातिलों की संख्या को घटा बढ़ा रहा था। अब सवाल उठता है कि तो फिर उसने कैसे अकेले ही मां-बेटी के शरीर पर चाकू से 45 वार किए। वह कैसे अकेले ही दोनों को चाकू से बेरहमी से गोदता रहा। इधर, जयंती ने वजीरगंज के ही एक भू-माफिया व उसके गुर्गों पर हत्या की आशंका जताई थी। इसकी वजह थी कि भू-माफिया उसकी शेष बची पांच बीघा जमीन को भी हथियाना चाहता था। जिसकी कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक है। पुलिस अब इस दिशा में तफ्तीश की बात कह रही है।
वजीरगंज थानाक्षेत्र के गांव रोटा निवासी जयंती के पति गजेंद्र की 12 साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। जयंती को करीब 12 लाख रुपये सड़क दुर्घटना बीमा के मिले थे। इसके बाद से ही जयंती के रुपयों पर उसके तीनों जेठ की नजर हो गई थी। जयंती पर कुल 11 बीघा जमीन व एक मकान था। जमीन की कीमत 20 लाख रुपये प्रति बीघा है। इस वजह से वजीरगंज का एक भू-माफिया व उसके गुर्गे जयंती की जमीन को हथियाना चाहते थे।
इसके लिए भू-माफिया ने जयंती के खिलाफ उसके तीनों जेठ खड़े कर दिए थे। एक जेठ ने जयंती के खिलाफ ही पुलिस को तहरीर दी थी। इसके बाद जयंती को कागजों में मृत दर्शा दिया गया था। इससे जयंती पूरी तरह टूट गई। वह अपनी जमीन बेचने को मजबूर हो गई। जयंती के भाई संजू व अवनीश ने बताया कि उनकी बहन ने सात बीघा जमीन भू-माफिया के जरिये संजीव व पिंकू को बेची। इस जमीन का सौदा 50 लाख रुपये में हुआ था, लेकिन उनकी बहन को 28.50 लाख ही दिए गए।
बहन भू-माफिया व खरीदारों से अपने शेष रुपयों की मांग कर रही थी। इसके चलते करीब दो महीने पहले भू-माफिया व उसके गुर्गों ने जयंती को जान से मारने की धमकी दी थी। इसकी शिकायत जयंती ने वजीरगंज पुलिस व पुलिस अधिकारियों से भी की थी। जिसका नतीजा है कि जयंती को अपनी मां शांति के साथ जान से हाथ धोना पड़ा।
अभियुक्त जेल गए, लेकिन नामजदों को पुलिस ने बैठाये रखा
पुलिस ने भले ही विपिन व उसके दोनों भाइयों को जेल भेज दिया है, लेकिन पूछताछ के लिए दातागंज कोतवाली बुलाए गए तीन नामजद अभियुक्त पुलिस की हिरासत में रविवार शाम तक रहे। वह दो दिन से पुलिस की हिरासत में है।