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स्कूल में छुट्टा पशुओं को बंद करने की कोशिश, अध्यापकों से नोकझोंक
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कौआ नगला गांव में श्मशान भूमि में बंद छुट्टा पशु। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। कादरचौक थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत गढ़िया गंगवरार के मझरा कौआ नगला में मंगलवार दोपहर गुस्साए ग्रामीणों ने छुट्टा पशुओं को प्राइमरी स्कूल में बंद करने की कोशिश की। इससे पहले ग्रामीणों ने स्कूली बच्चों को वहां से भगा दिया। अध्यापकों ने इसका विरोध करते हुए हंगामा कर दिया। इससे ग्रामीणों से उनकी नोकझोंक हो गई। बाद में ग्रामीणों ने पशुओं को घेरकर श्मशान भूमि परिसर में बंद कर दिया।
ग्राम पंचायत गढ़िया गंगवरार इलाके में तमाम छुट्टा पशु फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक उनके इलाके में ऐसे पशुओं की संख्या सैकड़ों में है। इससे ये पशु जिस खेत में घुस जाते हैं। वहां फसल को चौपट कर देते हैं। मंगलवार दोपहर ग्राम पंचायत गढ़िया गंगवरार के मझरा कौआ नगला के ग्रामीण एकत्र हुए। उन्होंने फसलों की हालत देखकर इन पशुओं को गांव के प्राइमरी स्कूल में बंद करने का निर्णय लिया, जिससे उनका दर्द सरकारी अफसरों तक पहुंच सके।दोपहर के समय काफी संख्या में ग्रामीण प्राइमरी स्कूल पहुंचे, उन्होंने स्कूल के सभी बच्चों को वहां से भगा दिया। यह देखकर अध्यापकों ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि वे किसी भी कीमत पर पशुओं को स्कूल में बंद नहीं करने देंगे। इस बात को लेकर उनकी ग्रामीणों से नोकझोंक भी गई। आखिर में ग्रामीणों ने पशुओं को स्कूल में बंद करने को निर्णय बदल दिया। सभी ग्रामीण एकत्र होकर खेतों की ओर पहुंचे। वह करीब चार-पांच सौ पशुओं को घेरकर लाए और उन्हें श्मशान भूमि परिसर में बंद कर दिया। मंगलवार रात तक सभी पशु वहीं बंद रहे।
ग्रामीणों का आरोप- पशुओं के पालन-पोषण के नाम पर गोलमाल
ग्राम पंचायत गढ़िया गंगवरार के मझरा कौआ नगला के ग्रामीणों का आरोप है कि योगी सरकार ने छुट्टा पशुओं के लिए तमाम गोशालाएं खोली हैं। इसके बावजूद उनके गांव में तमाम पशु खुले घूम रहे हैं। सरकार और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी इस पर ध्यान दे रहा है। जबकि लगातार उनकी फसलें बर्बाद हो रहीं हैं। इन पशुओं के पालन-पोषण के नाम पर गोलमाल हो रहा है।
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मामला मेरी जानकारी में आया है। कुछ लोग घुमंतू पशुओं को सरकारी स्कूल में ले गए थे लेकिन बाद में उन्हें शमशान भूमि परिसर में बंद कर दिया। प्रधान व सचिव को निर्देश दिए हैं कि वह श्मशान भूमि परिसर में ही पशुओं के चारे व पानी की व्यवस्था करें। वहां पन्नी भी तानकर उन्हें ठंड से बचाएं। जल्दी ही उन्हें गोशालाओं में भेज दिया जाएगा।
- एसपी वर्मा, एसडीएम सदर
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ग्राम पंचायत गढ़िया गंगवरार इलाके में तमाम छुट्टा पशु फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक उनके इलाके में ऐसे पशुओं की संख्या सैकड़ों में है। इससे ये पशु जिस खेत में घुस जाते हैं। वहां फसल को चौपट कर देते हैं। मंगलवार दोपहर ग्राम पंचायत गढ़िया गंगवरार के मझरा कौआ नगला के ग्रामीण एकत्र हुए। उन्होंने फसलों की हालत देखकर इन पशुओं को गांव के प्राइमरी स्कूल में बंद करने का निर्णय लिया, जिससे उनका दर्द सरकारी अफसरों तक पहुंच सके।दोपहर के समय काफी संख्या में ग्रामीण प्राइमरी स्कूल पहुंचे, उन्होंने स्कूल के सभी बच्चों को वहां से भगा दिया। यह देखकर अध्यापकों ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि वे किसी भी कीमत पर पशुओं को स्कूल में बंद नहीं करने देंगे। इस बात को लेकर उनकी ग्रामीणों से नोकझोंक भी गई। आखिर में ग्रामीणों ने पशुओं को स्कूल में बंद करने को निर्णय बदल दिया। सभी ग्रामीण एकत्र होकर खेतों की ओर पहुंचे। वह करीब चार-पांच सौ पशुओं को घेरकर लाए और उन्हें श्मशान भूमि परिसर में बंद कर दिया। मंगलवार रात तक सभी पशु वहीं बंद रहे।
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ग्रामीणों का आरोप- पशुओं के पालन-पोषण के नाम पर गोलमाल
ग्राम पंचायत गढ़िया गंगवरार के मझरा कौआ नगला के ग्रामीणों का आरोप है कि योगी सरकार ने छुट्टा पशुओं के लिए तमाम गोशालाएं खोली हैं। इसके बावजूद उनके गांव में तमाम पशु खुले घूम रहे हैं। सरकार और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी इस पर ध्यान दे रहा है। जबकि लगातार उनकी फसलें बर्बाद हो रहीं हैं। इन पशुओं के पालन-पोषण के नाम पर गोलमाल हो रहा है।
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मामला मेरी जानकारी में आया है। कुछ लोग घुमंतू पशुओं को सरकारी स्कूल में ले गए थे लेकिन बाद में उन्हें शमशान भूमि परिसर में बंद कर दिया। प्रधान व सचिव को निर्देश दिए हैं कि वह श्मशान भूमि परिसर में ही पशुओं के चारे व पानी की व्यवस्था करें। वहां पन्नी भी तानकर उन्हें ठंड से बचाएं। जल्दी ही उन्हें गोशालाओं में भेज दिया जाएगा।
- एसपी वर्मा, एसडीएम सदर