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राजनीति में आगे आएं महिलाएं, बदल सकती हैं समाज की दिशा
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छात्राओं को संबोधित करतीं प्राचार्य डॉ. श्रद्धा गुप्ता। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। हर क्षेत्र के साथ राजनीति में पुरुषों का वर्चस्व अधिक है, लेकिन यदि समाज की दशा और दिशा बदलनी है तो महिलाओं को राजनीति में आना होगा। यह कहना है राजकीय डिग्री कॉलेज की प्राचार्य डॉ. श्रद्धा गुप्ता का। वह छात्राओं से भी कहती हैं कि राजनीति केवल पुरुषों का क्षेत्र नहीं है। महिलाओं की भी उसमें उतनी ही भागीदारी होनी चाहिए। आधी आबादी यदि राजनीति में उतरेगी तभी समाज का भला हो सकेगा।
अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम के तहत बुधवार को राजकीय डिग्री कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. श्रद्धा गुप्ता ने छात्राओं को राजनीति में भागीदारी करने का आह्वान किया। कहा-आज हर क्षेत्र में महिलाएं आगे आकर पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहीं हैं लेकिन राजनीति में अभी भी महिलाओं की संख्या कम है। इस अंतर को भरना होगा। आज ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं प्रधान, नगर पालिका या पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष आदि तो बन जाती हैं लेकिन निर्णय लेने का अधिकार उनके पति या परिवार के पुरुष सदस्यों के पास होता है। यह कब तक चलेगा। एक न एक दिन तो हमें निर्णय लेने का अधिकार भी अपने हाथ में लेना होगा। इस मौके पर डॉ. राकेश जायसवाल, डॉ. सारिका आदि शिक्षक भी उपस्थित रहे।
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महिलाओं की राजनीति में भागीदारी जरूरी
यह बात सही है कि महिलाओं की राजनीति में भागीदारी आवश्यक है। छात्राओं को अपनी शिक्षण काल से ही यह बात समझनी होगी। आज के कार्यक्रम से काफी कुछ सीखने को मिला।
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- विशांजलि
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समाज का होगा निश्चित भला
समाज में महिला और पुरुष का अंतर ही समाज की खाई भरने नहीं देता। यदि महिलाएं राजनीति में होंगी तो समाज का निश्चित ही भला होगा। आज इस बात को और अच्छी तरह समझ में आ गया।
- खुशबू
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राजनीति हिस्सेदारी बढ़ानी होगी
अमर उजाला के इस कार्यक्रम से इतना तो समझ आ गया कि यदि हमें समाज की दिशा और दशा बदलनी है तो राजनीति में अपनी हिस्सेदारी बढ़ानी होगी। इसका प्रयास जरूर करेंगे।
-समरीन
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हमें भी शुरू से विचार करना होगा
आज इस कार्यक्रम में राजनीति में महिलाओं की भूमिका विषय पर चर्चा हुई। वास्तव में यह गंभीर विषय है, जिस पर हमें अपने शिक्षण काल से ही विचार करना होगा। केवल राजनीति विज्ञान की पढ़ाई से कुछ नहीं होगा।
- शिल्पी सिंह
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अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम के तहत बुधवार को राजकीय डिग्री कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. श्रद्धा गुप्ता ने छात्राओं को राजनीति में भागीदारी करने का आह्वान किया। कहा-आज हर क्षेत्र में महिलाएं आगे आकर पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहीं हैं लेकिन राजनीति में अभी भी महिलाओं की संख्या कम है। इस अंतर को भरना होगा। आज ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं प्रधान, नगर पालिका या पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष आदि तो बन जाती हैं लेकिन निर्णय लेने का अधिकार उनके पति या परिवार के पुरुष सदस्यों के पास होता है। यह कब तक चलेगा। एक न एक दिन तो हमें निर्णय लेने का अधिकार भी अपने हाथ में लेना होगा। इस मौके पर डॉ. राकेश जायसवाल, डॉ. सारिका आदि शिक्षक भी उपस्थित रहे।
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महिलाओं की राजनीति में भागीदारी जरूरी
यह बात सही है कि महिलाओं की राजनीति में भागीदारी आवश्यक है। छात्राओं को अपनी शिक्षण काल से ही यह बात समझनी होगी। आज के कार्यक्रम से काफी कुछ सीखने को मिला।
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समाज का होगा निश्चित भला
समाज में महिला और पुरुष का अंतर ही समाज की खाई भरने नहीं देता। यदि महिलाएं राजनीति में होंगी तो समाज का निश्चित ही भला होगा। आज इस बात को और अच्छी तरह समझ में आ गया।
- खुशबू
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राजनीति हिस्सेदारी बढ़ानी होगी
अमर उजाला के इस कार्यक्रम से इतना तो समझ आ गया कि यदि हमें समाज की दिशा और दशा बदलनी है तो राजनीति में अपनी हिस्सेदारी बढ़ानी होगी। इसका प्रयास जरूर करेंगे।
-समरीन
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हमें भी शुरू से विचार करना होगा
आज इस कार्यक्रम में राजनीति में महिलाओं की भूमिका विषय पर चर्चा हुई। वास्तव में यह गंभीर विषय है, जिस पर हमें अपने शिक्षण काल से ही विचार करना होगा। केवल राजनीति विज्ञान की पढ़ाई से कुछ नहीं होगा।
- शिल्पी सिंह