{"_id":"68b20b324de5a16c220bc58a","slug":"after-25-days-ganga-came-one-cm-below-the-danger-mark-badaun-news-c-123-1-bdn1010-146005-2025-08-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: 25 दिन बाद खतरे के निशान से एक सेमी नीचे आई गंगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: 25 दिन बाद खतरे के निशान से एक सेमी नीचे आई गंगा
विज्ञापन
सहसवान क्षेत्र में नावों के जरिए बांटी जा रही है राहत सामग्री। संवाद
बदायूं। गंगा का जलस्तर 25 दिन बाद खतरे के निशान से एक सेमी कम हुआ है। चार अगस्त से गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। गंगा में खतरे का निशान 162.40 मीटर है। शुक्रवार को जलस्तर 162.39 मीटर रहा। सहसवान में तहसील स्तर से शुक्रवार को राहत राशि बांटी गई। गांवों में भरा पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है। बाढ़ पीड़ित अपने गांव लौटने की तैयारी में हैं।
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से एक सेमी नीचे हुआ है। आगे इसके और कम होने की संभावना है। रामगंगा के जलस्तर में भी गिरावट आई है। नरौरा डैम से भी पानी का डिस्चार्ज कम हो रहा है। शुक्रवार को नरौरा डैम से डिस्चार्ज 1,28,716 क्यूसेक रहा।
उसहैत के 18 गांव अभी बाढ़ के पानी में घिरे हुए हैं। गांव जटा, प्रेमी नगला, कमलू नगला आदि में पानी कम होने लगा है। पानी भरा होने के कारण मकानों की नींव कमजोर हो गई हैं। बाढ़ खंड से जुड़े अधिकारियों का कहना है दो तीन दिन में जलस्तर और घटने लगेगा और स्थिति सामान्य होना शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन
सहसवान के गांव भमरौलिया, वीरसहाय नगला, खागी नगला और ताेफिया नगला में कटान बंद है। पानी कम होने पर बाढ़ पीड़ित अपने गांवों में जाकर मकानों की स्थिति का जायजा ले रहे हैं। तोफिया नगला में गंगा और उसकी सहायक नदी महावा के समीप हो रहा कटान कम हुआ है। तहसील प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री के पैकेट दिए गए।
स्कूल के भूमि पूजन के पांच दिन बाद आ गई बाढ़
उसहैत। जटा गांव में विधायक राजीव सिंह से जूनियर स्कूल का भूमि पूजन ही किया था। उसके पांच दिन बाद ही गांव में बाढ़ आ गई। निर्माण कार्य भी रुक गया। फिर से काम शुरू होने के लिए बाढ़ का पानी कम होने का इंतजार करना पड़ेगा। प्रशासन की तरफ से ग्रामीणों के लिए लगातार सुविधाएं मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है। गांव में मोटरबोट की सुविधा भी है। राशन भी दिया जा रहा है।
विज्ञापन
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से एक सेमी नीचे हुआ है। आगे इसके और कम होने की संभावना है। रामगंगा के जलस्तर में भी गिरावट आई है। नरौरा डैम से भी पानी का डिस्चार्ज कम हो रहा है। शुक्रवार को नरौरा डैम से डिस्चार्ज 1,28,716 क्यूसेक रहा।
विज्ञापन
उसहैत के 18 गांव अभी बाढ़ के पानी में घिरे हुए हैं। गांव जटा, प्रेमी नगला, कमलू नगला आदि में पानी कम होने लगा है। पानी भरा होने के कारण मकानों की नींव कमजोर हो गई हैं। बाढ़ खंड से जुड़े अधिकारियों का कहना है दो तीन दिन में जलस्तर और घटने लगेगा और स्थिति सामान्य होना शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन
सहसवान के गांव भमरौलिया, वीरसहाय नगला, खागी नगला और ताेफिया नगला में कटान बंद है। पानी कम होने पर बाढ़ पीड़ित अपने गांवों में जाकर मकानों की स्थिति का जायजा ले रहे हैं। तोफिया नगला में गंगा और उसकी सहायक नदी महावा के समीप हो रहा कटान कम हुआ है। तहसील प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री के पैकेट दिए गए।
स्कूल के भूमि पूजन के पांच दिन बाद आ गई बाढ़
उसहैत। जटा गांव में विधायक राजीव सिंह से जूनियर स्कूल का भूमि पूजन ही किया था। उसके पांच दिन बाद ही गांव में बाढ़ आ गई। निर्माण कार्य भी रुक गया। फिर से काम शुरू होने के लिए बाढ़ का पानी कम होने का इंतजार करना पड़ेगा। प्रशासन की तरफ से ग्रामीणों के लिए लगातार सुविधाएं मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है। गांव में मोटरबोट की सुविधा भी है। राशन भी दिया जा रहा है।

सहसवान क्षेत्र में नावों के जरिए बांटी जा रही है राहत सामग्री। संवाद