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अधिवक्ता विपर्णा की जान को खतरा, सुरक्षा मिलेगी
बदायूं।
Updated Sun, 26 Nov 2017 12:19 AM IST
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विपर्णा गौड़।
- फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। डीजीसी क्रिमनल रहीं साधना शर्मा के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए उनकी बहन अधिवक्ता विपर्णा गौड़ शिद्दत से पैरवी कर रही हैं। उनकी जान को खतरे की संभावना भांपकर जिला सुरक्षा समिति ने उन्हें फिलहाल एक महीने के लिए नि:शुल्क रूप से सुरक्षाकर्मी देने का फैसला लिया है। एक दिसंबर से विपर्णा यह सुरक्षा ले लेंगी।
डीजीसी क्रिमनल रहीं साधना शर्मा की स्कूटी को बदायूं और उझानी के बीच जिरौलिया के पास 23 मई 2016 को एक ट्रक ने कुचल दिया था। उस वक्त घटना को सड़क हादसा माना गया था। पूर्व भाजपा नेता पीसी शर्मा की साधना से नजदीकी थी। इसलिए घटना के बाद पीसी शर्मा की ओर से ही हादसे की रिपोर्ट करा दी गई। साधना शर्मा की अधिवक्ता बहन विपर्णा गौड़ ने इस मामले में सुराग जुटाए तो कहानी दूसरी ही निकली। मामला सुनियोजित तरीके से हत्या का था। तब विपर्णा की ओर से एक महीने बाद पीसी शर्मा आदि के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। केस में कुल 11 आरोपियों के नाम प्रकाश में आए। इनमें से पीसी शर्मा समेत छह लोग जेल में हैं। जबकि पीसी की पत्नी कमलेश शर्मा, विपर्णा की सगी बहन श्रद्धा गुप्ता और बहनोई श्रवण गुप्ता समेत पांच आरोपी फरार हैं। विपर्णा इन सभी की गिरफ्तारी और इन्हें ज्यादा से ज्यादा सजा दिलाने के लिए लगातार पैरवी कर रही हैं।
खुफिया अमले और पुलिस अधिकारियों के पास इनपुट था कि विपर्णा की जान को खतरा है। इसके बाद अधिकारियों ने विपर्णा से सुरक्षा के मुद्दे पर बात की। इस क्रम में उझानी कस्बे के मोहल्ला बाजार कलां की मूल निवासी विपर्णा की ओर से आठ नवंबर को सुरक्षा के संबंध में पत्र देने की औपचारिकता पूरी की गई। जनपदीय सुरक्षा समिति की बैठक के बाद प्रभारी एसएसपी डॉ. एसपी सिंह ने निर्देश दिए कि फिलहाल एक माह के लिए विपर्णा को सादे कपड़ों में एक सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराया जाएगा। विपर्णा ने बताया कि वह कुछ दिन काम की वजह से हाईकोर्ट में रहेंगी। वहां से लौटकर एक दिसंबर से सुरक्षा ले लेंगी।
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डीजीसी क्रिमनल रहीं साधना शर्मा की स्कूटी को बदायूं और उझानी के बीच जिरौलिया के पास 23 मई 2016 को एक ट्रक ने कुचल दिया था। उस वक्त घटना को सड़क हादसा माना गया था। पूर्व भाजपा नेता पीसी शर्मा की साधना से नजदीकी थी। इसलिए घटना के बाद पीसी शर्मा की ओर से ही हादसे की रिपोर्ट करा दी गई। साधना शर्मा की अधिवक्ता बहन विपर्णा गौड़ ने इस मामले में सुराग जुटाए तो कहानी दूसरी ही निकली। मामला सुनियोजित तरीके से हत्या का था। तब विपर्णा की ओर से एक महीने बाद पीसी शर्मा आदि के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। केस में कुल 11 आरोपियों के नाम प्रकाश में आए। इनमें से पीसी शर्मा समेत छह लोग जेल में हैं। जबकि पीसी की पत्नी कमलेश शर्मा, विपर्णा की सगी बहन श्रद्धा गुप्ता और बहनोई श्रवण गुप्ता समेत पांच आरोपी फरार हैं। विपर्णा इन सभी की गिरफ्तारी और इन्हें ज्यादा से ज्यादा सजा दिलाने के लिए लगातार पैरवी कर रही हैं।
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खुफिया अमले और पुलिस अधिकारियों के पास इनपुट था कि विपर्णा की जान को खतरा है। इसके बाद अधिकारियों ने विपर्णा से सुरक्षा के मुद्दे पर बात की। इस क्रम में उझानी कस्बे के मोहल्ला बाजार कलां की मूल निवासी विपर्णा की ओर से आठ नवंबर को सुरक्षा के संबंध में पत्र देने की औपचारिकता पूरी की गई। जनपदीय सुरक्षा समिति की बैठक के बाद प्रभारी एसएसपी डॉ. एसपी सिंह ने निर्देश दिए कि फिलहाल एक माह के लिए विपर्णा को सादे कपड़ों में एक सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराया जाएगा। विपर्णा ने बताया कि वह कुछ दिन काम की वजह से हाईकोर्ट में रहेंगी। वहां से लौटकर एक दिसंबर से सुरक्षा ले लेंगी।
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