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Budaun News: लंदन से बैरिस्टर कोर्स के लिए अधिवक्ता अमन का चयन
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अधिवक्ता मोहम्मद अमन आलम
बदायूं। शहर में रहने वाले सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता मोहम्मद अमन आलम (25) का इंग्लैंड की सिटी यूनिवर्सिटी आफ लंदन में दो वर्षीय बैरिस्टर कोर्स में चयन हुआ है। इससे उनके परिवार के लोगों में खुशी की लहर है।
मीराजी चौकी निवासी अमन आलम अपने परिवार में सातवीं पीढ़ी के अधिवक्ता हैं। उन्होंने बताया कि 2022 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से विधि स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद एक वर्ष तक सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन जज जस्टिस कृष्ण मुरारी के रिसर्च एसोसिएट के रूप में कार्य किया। उसके बाद से वह सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर रहे हैं। हाल ही में अमन आलम को सुप्रीम कोर्ट के सबसे कम आयु के स्थायी अधिवक्ता (स्टैंडिंग काउंसिल) व एमीकस क्यूरी (न्यायमित्र) नियुक्त किया है। अमन ने बताया कि अक्तूबर के पहले सप्ताह में ही लंदन जाकर अपनी पढ़ाई करेंगे।
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पिता डीजीसी तो दादा थे पूर्व विधायक
अमन के पिता अनवर आलम जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। वह डेढ़ दशक से भी अधिक समय तक डीजीसी (सिविल) रहे हैं। उनके दादा पूर्व विधायक स्वर्गीय मौलवी फ़ख़रे आलम जिले के मशहूर राजनेता व वकील थे।
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मीराजी चौकी निवासी अमन आलम अपने परिवार में सातवीं पीढ़ी के अधिवक्ता हैं। उन्होंने बताया कि 2022 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से विधि स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद एक वर्ष तक सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन जज जस्टिस कृष्ण मुरारी के रिसर्च एसोसिएट के रूप में कार्य किया। उसके बाद से वह सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर रहे हैं। हाल ही में अमन आलम को सुप्रीम कोर्ट के सबसे कम आयु के स्थायी अधिवक्ता (स्टैंडिंग काउंसिल) व एमीकस क्यूरी (न्यायमित्र) नियुक्त किया है। अमन ने बताया कि अक्तूबर के पहले सप्ताह में ही लंदन जाकर अपनी पढ़ाई करेंगे।
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पिता डीजीसी तो दादा थे पूर्व विधायक
अमन के पिता अनवर आलम जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। वह डेढ़ दशक से भी अधिक समय तक डीजीसी (सिविल) रहे हैं। उनके दादा पूर्व विधायक स्वर्गीय मौलवी फ़ख़रे आलम जिले के मशहूर राजनेता व वकील थे।
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