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स्वाइन फ्लू: एडवाइजरी जारी, रैपिड रेस्पांस टीम गठित की

Tue, 01 Nov 2022 01:06 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 01 Nov 2022 01:06 AM IST
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Advisory issued, rapid response team formed
बदायूं। प्रदेश में बढ़ते स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर बदायूं में भी अलर्ट कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी करने के साथ जिला स्तर पर रैपिड रेस्पांस टीम का गठन कर दिया है। बदायूं में वर्ष 2010 से लेकर 2017 तक स्वाइन फ्लू के आठ मामले सामने आए थे। इनमें पांच लोगों की मौत भी हो चुकी है।
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प्रदेश में डेंगू के प्रकोप के बीच स्वाइन फ्लू की दस्तक को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। स्वाइन फ्लू के लिहाज से बदायूं संवेदनशील रहा है। हालांकि, यहां 2017 के बाद जिले में कोई नया मामला सामने नहीं आया है। लेकिन इस वर्ष प्रदेश में अचानक स्वाइन फ्लू का प्रकोप बढ़ गया है। जानकार कहते हैं कि स्वाइन फ्लू के मामले तीन से चार साल बाद एक बार बढ़ते हैं। गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, लखनऊ में इस बार स्वाइन फ्लू के ज्यादा मामले मिले हैं। इन जिलों से बदायूं का सीधा संपर्क रहता है। प्रतिदिन सैकड़ों लोग यहां आते-आते हैं। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्कता बरत रहा है।
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गत वर्षों में सामने आए मामले
2010 ककराला में जितेंद्र कुमार की मौत।
2012 ककराला में निशा चपेट में आई।
2015 उझानी के सिरासौल में नफीस की मौत।
2015 उसहैत के मसूदपुरा में शबनम की मौत।
2015 उसहैत के मसूदपुरा में तबस्सुम चपेट में आई।
2015 उसहैत के लिलवां में मुनीशा की मौत।
2017 वजीरगंज के हतरा में नईम चपेट में आया।
2017 बिनावर के टिटौली में 14 वर्ष के शिव कुमार की मौत।
बीमारी के लक्षण
- सामान्य सर्दी के साथ बुखार का आना।
- तेज बुखार के और शरीर का टूटना।
- शरीर में दर्द के साथ ही आंखों में जलन।
- नाक बहना और मुंह से खून आना।
बचाव के उपाय
- भीड़भाड़ वाले इलाके में बिना मास्क के न जाएं।
- किसी से हाथ मिलाने से बचें।
- हाथों को साबुन से बार-बार धोएं।
- छींकते समय मुंह और नाक पर रूमाल लगाएं।
स्वाइन फ्लू का इलाज
डॉक्टरों के अनुसार स्वाइन फ्लू के लक्षण समय पर पता लग जाएं तो सबसे पहले टेमीफ्लू टेबलेट का इस्तेमाल करें। इस दवा से जल्द बीमारी काबू में की जा सकती है। अक्सर देखने में आता है कि लोग बुखार को सामान्य बुखार मान कर इलाज में लापरवाही करते हैं। इस कारण हालत गंभीर हो जाती है और समय से इलाज न मिलने पर जान तक चली जाती है।
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बदायूं में स्वाइन फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। यह बात सही है कि प्रदेश में इस बार स्वाइन फ्लू का पिछले वर्षों के मुकाबले ज्यादा प्रकोप है। बदायूं में करीब पांच वर्ष से स्वाइन फ्लू का कोई मरीज नहीं मिला है। प्रदेश में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को लेकर एडवाइजरी जारी करते हुए रैपिड रेस्पांस टीम गठित की गई है। सतर्कता के साथ निगरानी भी की जा रही है। -डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ
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