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‘माननीय का नाम उजागर कर हो कार्रवाई’
ब्यूरो बदायूं।
Updated Sat, 14 May 2016 12:00 AM IST
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घमासान
- फोटो : अमर उजाला
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- अजय कुमार यादव की फेसबुक पोस्ट पर मचा बवाल
जिले में गोकशी को लेकर एसओ सिविल लाइंस रहे अजय कुमार यादव के पोस्ट पर शुरू हुआ घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा। शुक्रवार को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को देकर गोकशी के लिए जिम्मेदारमाननीय का नाम उजागर कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इससे पहले हिंदूवादी संगठनों ने मालवीय आवास पर धरना-प्रदर्शन किया। एसओ सिविल लाइंस रहे अजय कुमार यादव का तबादला जिले से बाहर बरेली कर दिया गया है। तबादला होने से एक दिन पहले अजय कुमार यादव ने अपने फेसबुक एकाउंट पर पोस्ट किया था कि जिले में एक माननीय की सरपरस्ती में गोकशी हो रही है। उन्होंने यह भी लिखा था कि अगर हिंदू ही गोकशी कराए तो उसे क्या सजा मिलनी चाहिए। अजय यादव की यह पोस्ट अखबार की सुर्खियां बनी तो राजनीतिक हलकों में हलचल शुरू हो गई।
बजरंग दल के संयोजक उज्ज्वल गुप्ता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इसमें मांग की गई है कि गोकशी कराने वाले माननीय का नाम सार्वजनिक कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में अतुल, शुभम अग्रवाल, पंकज शर्मा, मुनीश शर्मा, प्रेम कुमार वैश्य, कुमुद वैश्य, रजत मिश्रा, आनंद साहू, जरनैल सिंह, हरिओम पाठक, सुमित वर्मा आदि शामिल रहे।
इधर, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष सुनील राठौर के नेतृत्व में भी राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई है कि गोकशी कराने वाले माननीय के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए।
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भाजपा आंदोलन चलाए तो देंगे साथ : आबिद
जिले में गोकशी से संबंधित पोस्ट फेसबुक पर डालने वाले एसओ अजय कुमार यादव की पोस्ट ने तूल पकड़ लिया है। भाजपा नेताओं की बयानबाजी के बाद वक्फ विकास निगम के अध्यक्ष आबिद रजा ने कहा कि गोकशी कराने वाले माननीय का नाम उजागर होना चाहिए। कहा कि भाजपाई गोकशी कराने में लिप्त माननीय का नाम उजागर करने के लिए आंदोलन करते हैं तो वह खुद इसमें सहयोग करेंगे।
रजा ने कहा कि 80 फीसदी सिविल लाइंस क्षेत्र उनके विधानसभा क्षेत्र में आता है, इसलिए गौकशी में लिप्त माननीय पर नकेल कसने की जिम्मेदारी सबसे ज्यादा उनकी है। जिले में छह विधायक और दो सांसदों के साथ आठ माननीय हैं। इनमें कौन माननीय गोकशी करवाने में लिप्त है? एसओ अजय यादव उसका नाम उजागर करें। कहा कि प्रशासन एलआईयू से खोज कराए और गोकशी कराने वाले माननीय का नाम उजागर करे। कहा कि जांच में उनका नाम सामने आया तो राजनीति से इस्तीफा दे देंगे।
मुख्यमंत्री और गृह सचिव को भेजा पत्र
भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष कुलदीप वार्ष्णेय का कहना है कि एसओ अजय यादव की बात में दम है। इस प्रकरण को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और प्रमुख सचिव गृह को पत्र लिखकर गोकशी मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
जिले में गोकशी को लेकर एसओ सिविल लाइंस रहे अजय कुमार यादव के पोस्ट पर शुरू हुआ घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा। शुक्रवार को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को देकर गोकशी के लिए जिम्मेदारमाननीय का नाम उजागर कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इससे पहले हिंदूवादी संगठनों ने मालवीय आवास पर धरना-प्रदर्शन किया। एसओ सिविल लाइंस रहे अजय कुमार यादव का तबादला जिले से बाहर बरेली कर दिया गया है। तबादला होने से एक दिन पहले अजय कुमार यादव ने अपने फेसबुक एकाउंट पर पोस्ट किया था कि जिले में एक माननीय की सरपरस्ती में गोकशी हो रही है। उन्होंने यह भी लिखा था कि अगर हिंदू ही गोकशी कराए तो उसे क्या सजा मिलनी चाहिए। अजय यादव की यह पोस्ट अखबार की सुर्खियां बनी तो राजनीतिक हलकों में हलचल शुरू हो गई।
बजरंग दल के संयोजक उज्ज्वल गुप्ता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इसमें मांग की गई है कि गोकशी कराने वाले माननीय का नाम सार्वजनिक कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में अतुल, शुभम अग्रवाल, पंकज शर्मा, मुनीश शर्मा, प्रेम कुमार वैश्य, कुमुद वैश्य, रजत मिश्रा, आनंद साहू, जरनैल सिंह, हरिओम पाठक, सुमित वर्मा आदि शामिल रहे।
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इधर, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष सुनील राठौर के नेतृत्व में भी राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई है कि गोकशी कराने वाले माननीय के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए।
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भाजपा आंदोलन चलाए तो देंगे साथ : आबिद
जिले में गोकशी से संबंधित पोस्ट फेसबुक पर डालने वाले एसओ अजय कुमार यादव की पोस्ट ने तूल पकड़ लिया है। भाजपा नेताओं की बयानबाजी के बाद वक्फ विकास निगम के अध्यक्ष आबिद रजा ने कहा कि गोकशी कराने वाले माननीय का नाम उजागर होना चाहिए। कहा कि भाजपाई गोकशी कराने में लिप्त माननीय का नाम उजागर करने के लिए आंदोलन करते हैं तो वह खुद इसमें सहयोग करेंगे।
रजा ने कहा कि 80 फीसदी सिविल लाइंस क्षेत्र उनके विधानसभा क्षेत्र में आता है, इसलिए गौकशी में लिप्त माननीय पर नकेल कसने की जिम्मेदारी सबसे ज्यादा उनकी है। जिले में छह विधायक और दो सांसदों के साथ आठ माननीय हैं। इनमें कौन माननीय गोकशी करवाने में लिप्त है? एसओ अजय यादव उसका नाम उजागर करें। कहा कि प्रशासन एलआईयू से खोज कराए और गोकशी कराने वाले माननीय का नाम उजागर करे। कहा कि जांच में उनका नाम सामने आया तो राजनीति से इस्तीफा दे देंगे।
मुख्यमंत्री और गृह सचिव को भेजा पत्र
भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष कुलदीप वार्ष्णेय का कहना है कि एसओ अजय यादव की बात में दम है। इस प्रकरण को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और प्रमुख सचिव गृह को पत्र लिखकर गोकशी मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।