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Budaun News: घोड़ों के घेर में घायल मिले मजदूर की इलाज के दौरान मौत
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भिखारी लाल फाइल फोटो
बदायूं। अलापुर थाना क्षेत्र के गांव जगत निवासी मजदूर भिखारी लाल (56) की बुधवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। वह 22 सितंबर की रात घर में बने घोड़ों के घेर में घायल हालत में मिले थे। परिजन उनका कई अस्पतालों में इलाज करा चुके थे।
22 सितंबर की रात गांव निवासी भिखारी लाल को घायल अवस्था में परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया, वहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए सैफई मेडिकल कॉलेज भेजने की सलाह दी, लेकिन परिजनों ने उन्हें बरेली के एक अस्पताल में 24 सितंबर को भर्ती कराया था।
भतीजे जयसिंह के मुताबिक, 3 अक्तूबर को हालत में कुछ सुधार होने पर वह उन्हें घर ले आए थे। दो दिन बाद तबीयत बिगड़ने पर 6 अक्तूबर को फिर बरेली के अस्पताल ले गए। चिकित्सकों से दिखाने के बाद दवा लेकर उन्हें घर वापस ले आए। बुधवार सुबह करीब छह बजे उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि उनके ताऊ घोड़ा-तांगा से मजदूरी करते थे। उनके परिवार में पत्नी और तीन बेटियां और एक बेटा है। एक बेटी की शादी हो चुकी है। सीओ दातागंज अशेष नाथ सिंह ने बताया कि परिजनों की सूचना के आधार पर शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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22 सितंबर की रात गांव निवासी भिखारी लाल को घायल अवस्था में परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया, वहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए सैफई मेडिकल कॉलेज भेजने की सलाह दी, लेकिन परिजनों ने उन्हें बरेली के एक अस्पताल में 24 सितंबर को भर्ती कराया था।
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भतीजे जयसिंह के मुताबिक, 3 अक्तूबर को हालत में कुछ सुधार होने पर वह उन्हें घर ले आए थे। दो दिन बाद तबीयत बिगड़ने पर 6 अक्तूबर को फिर बरेली के अस्पताल ले गए। चिकित्सकों से दिखाने के बाद दवा लेकर उन्हें घर वापस ले आए। बुधवार सुबह करीब छह बजे उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि उनके ताऊ घोड़ा-तांगा से मजदूरी करते थे। उनके परिवार में पत्नी और तीन बेटियां और एक बेटा है। एक बेटी की शादी हो चुकी है। सीओ दातागंज अशेष नाथ सिंह ने बताया कि परिजनों की सूचना के आधार पर शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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