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Budaun News: जिला महिला अस्पताल गेट पर प्रसव के मामले में भी कार्रवाई लटकी
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सिटी मजिस्ट्रेट की जांच में लपेटे में आए थे चार कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिला महिला अस्पताल के गेट पर प्रसव के मामले में डेढ़ माह बाद भी कार्रवाई नहीं हो सकी है। डीएम मनोज कुमार के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने इस मामले में जांच की तो चार कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई थी।
शहर के कबूलपुरा निवासी रवि अपनी पत्नी शिवानी को प्रसव पीड़ा होने पर 28 दिसंबर को जिला महिला अस्पताल लेकर आए थे। यहां कई जांचों के बाद कह दिया गया कि स्थिति गंभीर है। जच्चा-बच्चा दोनों में किसी की गारंटी नहीं है। शिवानी को भर्ती भी नहीं किया गया। बाद में शिवानी ने जिला महिला अस्पताल के गेट पर बच्चे को जन्म दिया था।
रवि ने छह हजार रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। जिस पर डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच में प्रथम दृष्टया चार कर्मचारियों को दोषी पाया था। डीएम ने सीएमओ और सीएमएस को कार्रवाई का आदेश दिया था, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं की गई।
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जांच में प्रथम दृष्टया चार कर्मचारी दोषी पाए गए थे। डीएम की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में कार्रवाई को लेकर निर्णय किया जाएगा।
-डॉ. इंदुकांत वर्मा, सीएमएस
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिला महिला अस्पताल के गेट पर प्रसव के मामले में डेढ़ माह बाद भी कार्रवाई नहीं हो सकी है। डीएम मनोज कुमार के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने इस मामले में जांच की तो चार कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई थी।
शहर के कबूलपुरा निवासी रवि अपनी पत्नी शिवानी को प्रसव पीड़ा होने पर 28 दिसंबर को जिला महिला अस्पताल लेकर आए थे। यहां कई जांचों के बाद कह दिया गया कि स्थिति गंभीर है। जच्चा-बच्चा दोनों में किसी की गारंटी नहीं है। शिवानी को भर्ती भी नहीं किया गया। बाद में शिवानी ने जिला महिला अस्पताल के गेट पर बच्चे को जन्म दिया था।
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रवि ने छह हजार रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। जिस पर डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच में प्रथम दृष्टया चार कर्मचारियों को दोषी पाया था। डीएम ने सीएमओ और सीएमएस को कार्रवाई का आदेश दिया था, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं की गई।
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जांच में प्रथम दृष्टया चार कर्मचारी दोषी पाए गए थे। डीएम की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में कार्रवाई को लेकर निर्णय किया जाएगा।
-डॉ. इंदुकांत वर्मा, सीएमएस