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बस से कुचलकर बाइक सवार मां-बेटे की मौत
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मीना फाइल फोटो। संवाद
- फोटो : BADAUN
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जरीफनगर (बदायूं)। बदायूं-दिल्ली हाईवे पर रविवार दोपहर रोडवेज बस से कुचलकर बाइक सवार 22 वर्षीय मीना और उसके दो माह के बेटे वीरेश की मौत हो गई। मीना अपने पति, बेटे और बेटी के साथ भाई के लगन समारोह में मायके अमरोहा जा रही थी। रास्ते में जरीफनगर थाने से आगे निकलकर पीछे से आई रोडवेज बस ने टक्कर मार दी, हादसे में पति और बेटी बाल-बाल बच गए। पुलिस ने रोडवेज बस को कब्जे में ले लिया है।
हादसा रविवार दोपहर करीब एक बजे हुआ। उस वक्त जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव पड़रिया निवासी राजेश कुमार अपनी पत्नी मीना (22), दो माह के बेटे वीरेश और दो वर्षीय बेटी वर्षा के साथ बाइक से अपनी ससुराल अमरोहा जिले के हसनपुर थाना क्षेत्र में अल्लीपुर मिलक गांव जा रहे थे। मीना वीरेश को गोद में लेकर बैठी थी। जबकि वर्षा को बाइक पर बीच में बैठा लिया गया था। उस दौरान राजेश कुमार हेलमेट लगाए थे। सोमवार को मीना के भाई का लगन समारोह होना था। इसीलिए पूरा परिवार अमरोहा जा रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उनकी बाइक बदायूं-दिल्ली हाईवे पर जरीफनगर थाने से कुछ दूर पहुंची थी कि तभी पीछे से तेज रफ्तार में आई नोएडा डिपो की रोडवेज बस ने उन्हें टक्कर मार दी। इससे दोनों मां-बेटे सड़क पर जा गिरे। उनकी बाइक भी गिर गई लेकिन राजेश अपनी बेटी को लेकर दूसरी ओर कूदने में सफल रहे। जब तक वह संभल पाते, उससे पहले बस ने मां-बेटे को कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। ड्राइवर बस को वहां से दौड़ा ले गया। यह देखकर राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंच गई। कुछ पुलिस कर्मियों ने आगे जाकर बस को रोक लिया। उसे कब्जे में ले लिया गया। एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि राजेश कुमार ने बस नंबर के आधार पर तहरीर दी है। पुलिस ने मां-बेटे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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राजेश ने कमर से बांध ली थी बेटी
राजेश ने ससुराल निकलने से पहले बाइक पर बैठते समय एक होशियारी की थी। उन्होंने अपनी बेटी वर्षा को बाइक पर बैठाने के बाद उसे एक कपड़े से अपनी कमर से बांध लिया था। बस की टक्कर लगने के दौरान मां-बेटे बाइक से गिर गए लेकिन बेटी कपड़े से बंधी थी। इससे वह बाइक से नहीं गिरी।
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राजेश बोले- निर्दयी था ड्राइवर, चाहता तो बच जाती मीना की जान
राजेश कुमार ने बताया कि अगर ड्राइवर चाहता तो कम से कम उसकी पत्नी की जान बच जाती। जब उसने पलटकर देखा, तब तक उसका बच्चा बस के नीचे आ गया था। उसने ड्राइवर को रुकने का इशारा किया था लेकिन उसने बस नहीं रोकी। वह उसकी पत्नी मीना को कुचलते हुए चला गया। इससे दोनों की मौत हो गई। संवाद
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हादसा रविवार दोपहर करीब एक बजे हुआ। उस वक्त जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव पड़रिया निवासी राजेश कुमार अपनी पत्नी मीना (22), दो माह के बेटे वीरेश और दो वर्षीय बेटी वर्षा के साथ बाइक से अपनी ससुराल अमरोहा जिले के हसनपुर थाना क्षेत्र में अल्लीपुर मिलक गांव जा रहे थे। मीना वीरेश को गोद में लेकर बैठी थी। जबकि वर्षा को बाइक पर बीच में बैठा लिया गया था। उस दौरान राजेश कुमार हेलमेट लगाए थे। सोमवार को मीना के भाई का लगन समारोह होना था। इसीलिए पूरा परिवार अमरोहा जा रहा था।
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प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उनकी बाइक बदायूं-दिल्ली हाईवे पर जरीफनगर थाने से कुछ दूर पहुंची थी कि तभी पीछे से तेज रफ्तार में आई नोएडा डिपो की रोडवेज बस ने उन्हें टक्कर मार दी। इससे दोनों मां-बेटे सड़क पर जा गिरे। उनकी बाइक भी गिर गई लेकिन राजेश अपनी बेटी को लेकर दूसरी ओर कूदने में सफल रहे। जब तक वह संभल पाते, उससे पहले बस ने मां-बेटे को कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। ड्राइवर बस को वहां से दौड़ा ले गया। यह देखकर राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंच गई। कुछ पुलिस कर्मियों ने आगे जाकर बस को रोक लिया। उसे कब्जे में ले लिया गया। एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि राजेश कुमार ने बस नंबर के आधार पर तहरीर दी है। पुलिस ने मां-बेटे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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राजेश ने कमर से बांध ली थी बेटी
राजेश ने ससुराल निकलने से पहले बाइक पर बैठते समय एक होशियारी की थी। उन्होंने अपनी बेटी वर्षा को बाइक पर बैठाने के बाद उसे एक कपड़े से अपनी कमर से बांध लिया था। बस की टक्कर लगने के दौरान मां-बेटे बाइक से गिर गए लेकिन बेटी कपड़े से बंधी थी। इससे वह बाइक से नहीं गिरी।
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राजेश बोले- निर्दयी था ड्राइवर, चाहता तो बच जाती मीना की जान
राजेश कुमार ने बताया कि अगर ड्राइवर चाहता तो कम से कम उसकी पत्नी की जान बच जाती। जब उसने पलटकर देखा, तब तक उसका बच्चा बस के नीचे आ गया था। उसने ड्राइवर को रुकने का इशारा किया था लेकिन उसने बस नहीं रोकी। वह उसकी पत्नी मीना को कुचलते हुए चला गया। इससे दोनों की मौत हो गई। संवाद