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Budaun News: नौ साल पुराने जानलेवा हमले के आरोपी को दस साल की सजा
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बदायूं। जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज अग्रवाल ने नौ साल पुराने जानलेवा हमले के दोषी को दस साल की सजा सुनाई है। 51 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। 50 फीसदी राशि पीड़ित को देने का आदेश दिया है।
मामला गुन्नौर थाना क्षेत्र के गांव हरगोविंदपुर में 2014 में सामने आया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, गांव निवासी गेंदन लाल ने थाना गुन्नाैर हाल जिला संभल में 20 फरवरी 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि गांव निवासी महेंद्र से न्यायालय में वाद चल रहा था। इससे वह रंजिश मानता आ रहा था।
आरोप था कि उसका बेटा अनिल घर से घेर के लिए पशुओं को चारा डालने जा रहा था। रास्ते में महेंद्र ने अनिल को देखते ही गोली चला दी, जो उसके सिर में लगी। गोली की आवाज सुनकर बेटा मुकेश और वह खुद दौड़कर मौके पर पहुंच गए। वहीं गांव के तमाम लोग मौके पर आ गए। भीड़ की देखकर आरोपी जान से मारने की धमकी देता हुआ मौके से फरार हाे गया।पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए विवेचना इंस्पेक्टर विनोद कुमार शर्मा ने की। साक्ष्य पाते हुए विवेचक ने आरोप पत्र कोर्ट ने दाखिल किया। तब से मामला कोर्ट में विचाराधीन था। इस मामले को ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिह्नित कराया। अभियोजक पक्ष के विशेष लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह राठौर व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद महेंद्र को सजा सुनाई।
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मामला गुन्नौर थाना क्षेत्र के गांव हरगोविंदपुर में 2014 में सामने आया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, गांव निवासी गेंदन लाल ने थाना गुन्नाैर हाल जिला संभल में 20 फरवरी 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि गांव निवासी महेंद्र से न्यायालय में वाद चल रहा था। इससे वह रंजिश मानता आ रहा था।
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आरोप था कि उसका बेटा अनिल घर से घेर के लिए पशुओं को चारा डालने जा रहा था। रास्ते में महेंद्र ने अनिल को देखते ही गोली चला दी, जो उसके सिर में लगी। गोली की आवाज सुनकर बेटा मुकेश और वह खुद दौड़कर मौके पर पहुंच गए। वहीं गांव के तमाम लोग मौके पर आ गए। भीड़ की देखकर आरोपी जान से मारने की धमकी देता हुआ मौके से फरार हाे गया।पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए विवेचना इंस्पेक्टर विनोद कुमार शर्मा ने की। साक्ष्य पाते हुए विवेचक ने आरोप पत्र कोर्ट ने दाखिल किया। तब से मामला कोर्ट में विचाराधीन था। इस मामले को ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिह्नित कराया। अभियोजक पक्ष के विशेष लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह राठौर व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद महेंद्र को सजा सुनाई।
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