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गहराई में डुबकी लगाना ही बन गया मौत की वजह, तीसरे युवक की तलाश जारी
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उझानी (बदायूं)। गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान कछला के मुख्य घाट की बजाय गांव खजुरारा के पास गहराई में डुबकी लगाना ही एटा जिले के जलेसर में ठगैलान मोहल्ले के विकास और सोनू की मौत की वजह बन गया। उनके तीसरे साथी उपदेश का शनिवार को भी दिन भी पता नहीं चल पाया है। गोताखोर शनिवार पूरे दिन उसकी तलाश में जुटे रहे। परिवार के लोगों ने अपने जिले के गोताखोरों को भी घाट पर बुला लिया।
हादसा शुक्रवार देर शाम हुआ था। गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जलेसर के श्रद्धालुओं की टोली कछला में पहुंची तो उस वक्त कासगंज जिले के छोर वाले घाट पर काफी भीड़भाड़ थी। सर्वाधिक संख्या कासगंज, हाथरस और एटा जिले के श्रद्धालुओं की रही। जलेसर में ठगैरान मोहल्ले के श्रद्धालुओं की टोली ने बड़ी प्रतिमाएं तो भूविसर्जित कर दी लेकिन छोटी मूर्तियों को वह डुबकी लगाते समय विसर्जित करना चाहते थे।
टोली में शामिल हरिओम ने बताया कि विकास उर्फ आशू पुत्र मुकेश, सोनू पुत्र छोटेलाल और उपदेश उर्फ खलीफा पुत्र केशव देव कछला घाट से ही गंगा किनारे चलते-चलते कादरचौक की ओर गांव खजुरारा की तरफ पहुंच गए। तीनों के साथ कुछ और युवक भी थे। उसी दौरान सबसे पहले उपदेश के बहने का शोर मचा। पास में ही स्नान कर रहे सोनू और विकास भी अपने बचाव के लिए चिल्लाने लगे। चूंकि अंधेरा हो चुका था, ऐसे में तीनों के संगी-साथी अनुमान के सहारे खोजबीन में जुट गए। साथियों ने स्थानीय लोगों की मदद से विकास और सोनू को खोज निकाला लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। उपदेश का पता नहीं लगा।
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उपदेश की खोजबीन में जुटे गोताखोर ओमकार ने बताया कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां गहराई अधिक है। शनिवार दोपहर बाद इलाके के गोताखोर खोजबीन करते हुए खजुरारा से करीब दो किलोमीटर आगे गए लेकिन उसका सुराग नहीं लग पाया।
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घाट पर डुबकी लगाते तो शायद गोताखोर बचा लेते जान
गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान जलेसर के सोनू, विकास और उपदेश के गंगा में बह जाने का जिस समय शोर मचा, तब वहां तीनों के संगी-साथियों के अलावा कोई और नहीं था। घाट नहीं होने की वजह से पुलिस और गोताखोरों का भी खजुरारा की तरफ ध्यान नहीं जाता। तीनों अगर कछला घाट पर बहते तो शायद गोताखोरों की मौजूदगी उनकी जान बचा लेती।
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केशव का इकलौता बेटा है उपदेश
गंगा में खजुरारा के पास बहे उपदेश उर्फ खलीफा (16) एटा में जलसेर के मोहल्ला ठगैलान निवासी केशव देव का इकलौता बेटा है। बहन कविता उससे बड़ी है। मां श्रीकांता की मौत हो चुकी है। मृतक विकास उर्फ आशू अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। सोनू चार भाइयों में दूसरे नंबर का था।
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हादसा शुक्रवार देर शाम हुआ था। गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जलेसर के श्रद्धालुओं की टोली कछला में पहुंची तो उस वक्त कासगंज जिले के छोर वाले घाट पर काफी भीड़भाड़ थी। सर्वाधिक संख्या कासगंज, हाथरस और एटा जिले के श्रद्धालुओं की रही। जलेसर में ठगैरान मोहल्ले के श्रद्धालुओं की टोली ने बड़ी प्रतिमाएं तो भूविसर्जित कर दी लेकिन छोटी मूर्तियों को वह डुबकी लगाते समय विसर्जित करना चाहते थे।
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टोली में शामिल हरिओम ने बताया कि विकास उर्फ आशू पुत्र मुकेश, सोनू पुत्र छोटेलाल और उपदेश उर्फ खलीफा पुत्र केशव देव कछला घाट से ही गंगा किनारे चलते-चलते कादरचौक की ओर गांव खजुरारा की तरफ पहुंच गए। तीनों के साथ कुछ और युवक भी थे। उसी दौरान सबसे पहले उपदेश के बहने का शोर मचा। पास में ही स्नान कर रहे सोनू और विकास भी अपने बचाव के लिए चिल्लाने लगे। चूंकि अंधेरा हो चुका था, ऐसे में तीनों के संगी-साथी अनुमान के सहारे खोजबीन में जुट गए। साथियों ने स्थानीय लोगों की मदद से विकास और सोनू को खोज निकाला लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। उपदेश का पता नहीं लगा।
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उपदेश की खोजबीन में जुटे गोताखोर ओमकार ने बताया कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां गहराई अधिक है। शनिवार दोपहर बाद इलाके के गोताखोर खोजबीन करते हुए खजुरारा से करीब दो किलोमीटर आगे गए लेकिन उसका सुराग नहीं लग पाया।
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घाट पर डुबकी लगाते तो शायद गोताखोर बचा लेते जान
गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान जलेसर के सोनू, विकास और उपदेश के गंगा में बह जाने का जिस समय शोर मचा, तब वहां तीनों के संगी-साथियों के अलावा कोई और नहीं था। घाट नहीं होने की वजह से पुलिस और गोताखोरों का भी खजुरारा की तरफ ध्यान नहीं जाता। तीनों अगर कछला घाट पर बहते तो शायद गोताखोरों की मौजूदगी उनकी जान बचा लेती।
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केशव का इकलौता बेटा है उपदेश
गंगा में खजुरारा के पास बहे उपदेश उर्फ खलीफा (16) एटा में जलसेर के मोहल्ला ठगैलान निवासी केशव देव का इकलौता बेटा है। बहन कविता उससे बड़ी है। मां श्रीकांता की मौत हो चुकी है। मृतक विकास उर्फ आशू अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। सोनू चार भाइयों में दूसरे नंबर का था।