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सीढ़ियां ढहीं, दबकर गर्भवती महिला की मौत
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सौंधामई गांव में महिला की मौत के बाद लगी भीड़। संवाद
- फोटो : BADAUN
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म्याऊं (बदायूं)। उसावां थाना क्षेत्र के गांव सौंधामई में शुक्रवार रात एक मकान की सीढ़ियां ढह गईं। उसके नीचे दबकर 28 वर्षीय सविता की मौत हो गई। वह सीढ़ियों के नीचे बैठकर खाना बना रही थी। सविता सात माह की गर्भवती थी। परिवार वालों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है।
हादसा शुक्रवार शाम करीब पांच बजे हुआ। उस वक्त सविता (28) पत्नी अरविंद कुमार अपने मकान में सीढ़ियों के नीचे रखे चूल्हे पर खाना बना रही थी। बताते हैं कि उसने चूल्हे पर सब्जी बनने को रख दी थी, फिर झाडू लेकर सफाई करने में जुट गई। इसी दौरान वह सब्जी देखने आई कि तभी अचानक सभी सीढ़ियां टूटकर उसके ऊपर ढह गईं। इससे सविता उसके नीचे दब गई। उसकी चीख-पुकार सुनकर परिवार और मोहल्ले के लोग आ गए। उन्होंने बमुश्किल सविता को मलबे के नीचे से निकाला। इसके बाद परिवार वाले उसे एक निजी डॉक्टर के पास ले गए, जहां उसकी रात करीब एक बजे मौत हो गई। परिवार वाले उसके शव को घर ले आए।
शनिवार सुबह सूचना पर तमाम लोग आ गए। परिवार वालों ने बताया कि अरविंद से कविता की शादी करीब आठ साल पहले हुई थी। उसका मायका शाहजहांपुर के जैतीपुर थान गांव मदरुआ में है। उसके एक बेटा और एक बेटी है। इस समय वह सात माह की गर्भवती थी। हादसे की सूचना पर उसके पिता मेघनाद भी पहुंच गए। फिर कविता का अंतिम संस्कार किया गया।
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किसी को आभास नहीं था, टूट जाएंगी सीढ़ियां
जिन सीढ़ियों के नीचे दबकर सविता की मौत हुई, वह पक्की ईंटों की थी। किसी को आभास तक नहीं था कि वह भी गिर सकती हैं। बताते हैं कि पिछले दिनों हुई बारिश के बाद सीढ़ियों के सबसे नीचे बनी चौकी बैठ गई थी, जिससे सीढ़ियों का ऊपरी भाग कमजोर हो गया था।
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हादसा शुक्रवार शाम करीब पांच बजे हुआ। उस वक्त सविता (28) पत्नी अरविंद कुमार अपने मकान में सीढ़ियों के नीचे रखे चूल्हे पर खाना बना रही थी। बताते हैं कि उसने चूल्हे पर सब्जी बनने को रख दी थी, फिर झाडू लेकर सफाई करने में जुट गई। इसी दौरान वह सब्जी देखने आई कि तभी अचानक सभी सीढ़ियां टूटकर उसके ऊपर ढह गईं। इससे सविता उसके नीचे दब गई। उसकी चीख-पुकार सुनकर परिवार और मोहल्ले के लोग आ गए। उन्होंने बमुश्किल सविता को मलबे के नीचे से निकाला। इसके बाद परिवार वाले उसे एक निजी डॉक्टर के पास ले गए, जहां उसकी रात करीब एक बजे मौत हो गई। परिवार वाले उसके शव को घर ले आए।
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शनिवार सुबह सूचना पर तमाम लोग आ गए। परिवार वालों ने बताया कि अरविंद से कविता की शादी करीब आठ साल पहले हुई थी। उसका मायका शाहजहांपुर के जैतीपुर थान गांव मदरुआ में है। उसके एक बेटा और एक बेटी है। इस समय वह सात माह की गर्भवती थी। हादसे की सूचना पर उसके पिता मेघनाद भी पहुंच गए। फिर कविता का अंतिम संस्कार किया गया।
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किसी को आभास नहीं था, टूट जाएंगी सीढ़ियां
जिन सीढ़ियों के नीचे दबकर सविता की मौत हुई, वह पक्की ईंटों की थी। किसी को आभास तक नहीं था कि वह भी गिर सकती हैं। बताते हैं कि पिछले दिनों हुई बारिश के बाद सीढ़ियों के सबसे नीचे बनी चौकी बैठ गई थी, जिससे सीढ़ियों का ऊपरी भाग कमजोर हो गया था।