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कछला में अस्थि विसर्जन करते समय तीन लोग बहे, एक की मौत
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गंगा में डुबकी लगाते समय सुरेश के परिजन। संवाद
- फोटो : BADAUN
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उझानी/कछला (बदायूं)। फुफेरे भाई की अस्थियां विसर्जित करने के लिए बृहस्पतिवार को कछला गंगाघाट पर पहुंचे राजस्थान के दौसा जिले के दो परिवार के तीन लोग बह गए। चीख-पुकार के बाद पहुंचे गोताखोरों ने दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो गई।
हादसा गंगाघाट पर पुल के पास हुआ। राजस्थान में दौसा जिले के थाना बांदीकुई के गांव बड़पाली पेचूपाड़ा निवासी सुरेश (30) पुत्र गिरिराज प्रसाद के फुफेर भाई का पिछले महीने निधन हो गया था। वह फुफेर भाई के परिजन के साथ उनकी अस्थियां विसर्जन करने के लिए निजी वाहन से आया था। विसर्जन के दौरान डुबकी लगाते समय सुरेश, उसके रिश्तेदार दौसा जिले में कस्बा सिकंदरा निवासी माझीलाल (45) और छोटेलाल (28) गंगा में बह गए। यह देख उनके परिजन ने बचाव के लिए शोर मचाया तो आसपास मौजूद गोताखोर आ गए। गोताखोरों ने माझीलाल और छोटेलाल को बचा लिया। दोनों को बाहर निकालने के बाद गोताखोरों ने सुरेश की तलाश में कई बार डुबकी लगाई। बाद में देर शाम उसका शव बरामद हो गया।
गोताखोर सुधीश और योगेंद्र ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से गंगा में जलस्तर बढ़ा हुआ है। प्रवाह भी तेज है। जहां हादसा हुआ, वहां काफी गहराई है। गोताखोरों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाले गए छोटेलाल के मुताबिक- परिवार के ही माझीलाल डूबने लगे तो वह और सुरेश आगे बढ़ गए थे। सुरेश धार में फंस गए। हादसे के बाद कछला चौकी के पुलिस कर्मियों ने दूसरे इलाके से भी प्राइवेट गोताखोरों को बुला लिया।
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बता दें कि एक महीने के दौरान गंगाघाट पर तीन हादसों में चार लोग जान गवां चुके हैं। तीन हादसे तो पुल के पास ही हुए थे।
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तीन दिन पहले गंगा में बही सोमवती भी है लापता
तीन दिन पहले कछला गंगाघाट पर कोतवाली क्षेत्र के गांव जाटवनगला निवासी दो-तीन परिवार के लोग गंगा स्नान के लिए पहुंचे थे। गंगा स्नान करते समय सोमवती और उसके भाई सूरजभान समेत तीन लोग बह गए थे। सूरजभान ओर अजय को तो गोताखोरों ने बचा लिया था लेकिन सोमवती का तीसरे दिन भी सुराग नहीं लग पाया। सोमवती भी पुल के पास ही गंगा में बह गई थी। लापता सोमवती के पिता पप्पू ने बताया कि बृहस्पतिवार खजुरारा गांव किनारे तक खोजबीन कराई गई।
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हादसा गंगाघाट पर पुल के पास हुआ। राजस्थान में दौसा जिले के थाना बांदीकुई के गांव बड़पाली पेचूपाड़ा निवासी सुरेश (30) पुत्र गिरिराज प्रसाद के फुफेर भाई का पिछले महीने निधन हो गया था। वह फुफेर भाई के परिजन के साथ उनकी अस्थियां विसर्जन करने के लिए निजी वाहन से आया था। विसर्जन के दौरान डुबकी लगाते समय सुरेश, उसके रिश्तेदार दौसा जिले में कस्बा सिकंदरा निवासी माझीलाल (45) और छोटेलाल (28) गंगा में बह गए। यह देख उनके परिजन ने बचाव के लिए शोर मचाया तो आसपास मौजूद गोताखोर आ गए। गोताखोरों ने माझीलाल और छोटेलाल को बचा लिया। दोनों को बाहर निकालने के बाद गोताखोरों ने सुरेश की तलाश में कई बार डुबकी लगाई। बाद में देर शाम उसका शव बरामद हो गया।
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गोताखोर सुधीश और योगेंद्र ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से गंगा में जलस्तर बढ़ा हुआ है। प्रवाह भी तेज है। जहां हादसा हुआ, वहां काफी गहराई है। गोताखोरों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाले गए छोटेलाल के मुताबिक- परिवार के ही माझीलाल डूबने लगे तो वह और सुरेश आगे बढ़ गए थे। सुरेश धार में फंस गए। हादसे के बाद कछला चौकी के पुलिस कर्मियों ने दूसरे इलाके से भी प्राइवेट गोताखोरों को बुला लिया।
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बता दें कि एक महीने के दौरान गंगाघाट पर तीन हादसों में चार लोग जान गवां चुके हैं। तीन हादसे तो पुल के पास ही हुए थे।
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तीन दिन पहले गंगा में बही सोमवती भी है लापता
तीन दिन पहले कछला गंगाघाट पर कोतवाली क्षेत्र के गांव जाटवनगला निवासी दो-तीन परिवार के लोग गंगा स्नान के लिए पहुंचे थे। गंगा स्नान करते समय सोमवती और उसके भाई सूरजभान समेत तीन लोग बह गए थे। सूरजभान ओर अजय को तो गोताखोरों ने बचा लिया था लेकिन सोमवती का तीसरे दिन भी सुराग नहीं लग पाया। सोमवती भी पुल के पास ही गंगा में बह गई थी। लापता सोमवती के पिता पप्पू ने बताया कि बृहस्पतिवार खजुरारा गांव किनारे तक खोजबीन कराई गई।