{"_id":"6126a4bf8ebc3e79aa1c3039","slug":"accident-badaun-news-bly457488949","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रक ड्राइवर के डर ने खत्म कर दी सात जिंदगियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रक ड्राइवर के डर ने खत्म कर दी सात जिंदगियां
विज्ञापन
जिला अस्पताल में विलाप करते टेंपो ड्राइवर बुंदी के परिवार वाले। संवाद
- फोटो : BADAUN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुंवरगांव (बदायूं)। आंवला-बदायूं रोड पर ललेई पेट्रोल पंप के नजदीक सड़क हादसे में सात लोगों की मौत की प्रमुख वजह ट्रक की अनियंत्रित तेज रफ्तार है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले टेंपो को टक्कर मारने के बाद चालक ने पकड़े जाने के डर से ट्रक की रफ्तार बढ़ा दी थी। वह ट्रक पर नियंत्रण खो बैठा और सामने से आ रहे दूसरे टेंपो को रौंदते हुए खाई में पलट गया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कबूलपुरा निवासी विशाल पुत्र बहादुर अपने टेंपो में दो सवारियों को बैठाकर कुंवरगांव की ओर जा रहे थे। उन्होंने कबूलपुरा निवासी मोहित और सोनू को उतारने के लिए कासिमपुर चौराहे पर टेंपो रोका। वे दोनों टेंपो से उतर ही थे कि पीछे से आए कोयला लदे ट्रक ने साइड मार दी। इससे मोहित समेत दो लोग घायल हो गए। यह देखकर मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचा दिया। कुछ लोग चालक को पकड़ने के लिए ट्रक के पीछे दौड़े। चालक ने पकड़े जाने के डर से ट्रक को तेजी से दौड़ा दिया। तेज गति की वजह से रोड पर ट्रक लहराने लगा और ललेई पेट्रोल पंप के नजदीक सामने से आ रहे दूसरे टेंपो में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज लगी कि टेंपो उछलकर सड़क किनारे जा गिरा। ट्रक रोड किनारे जाकर खाई में पलट गया। हादसे में टेंपो में उसका ड्राइवर बनेई निवासी बुंदी, हुसैनपुर निवासी मुनेश पाल, दातागंज के आले नगला निवासी मुकेश पाल, कुंवरगांव निवासी मुरारी, प्रेमलता व उनकी नकटिया बरेली निवासी बेटी सपना और सपना की बेटी काव्या की मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद ट्रक का ड्राइवर खेतों की ओर भागा था। उसके पीछे ललेई गांव के लोग पीछे पड़ गए। उन्होंने खेतों में घेरकर उसे पकड़ लिया। पूछने पर पहले सवारी नाम राजू बताया। ट्रक में मिले आधार कार्ड के अनुसार जगदीश पुत्र विश्नूदयाल निवासी आंवला बरेली के रूप में उसकी पहचान हुई है। ग्रामीणों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया है।
विज्ञापन
बुंदी ने बीस दिन पहले लोन लेकर खरीदा था टेंपो
कुंवरगांव थाना क्षेत्र के बनेई गांव निवासी बुंदी टेंपो चलाकर अपने परिवार का गुजारा कर रहे थे। उन्होंने करीब बीस दिन पहले ही लोन लेकर टेंपो खरीदा था। बुंदी चार भाइयों में तीसरे नंबर के थे। उनकी एक बेटी आशिया और एक बेटा अफसान है। बुंदी की मौत से पत्नी भूरी का बुरा हाल है।
प्राथमिक स्कूल चकोलर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे मुरारी
कुंवरगांव कस्बा निवासी मुरारी क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल चकोलर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। वह पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके दो बेटे दिवाकर (15) और अर्जुन (12) हैं। दिवाकर ने बताया कि उसने अपने पिता को घर से निकलते हुए देखा था। उसे लगा कि पिता यहीं कहीं जा रहे हैं। जब उन्हें हादसे की सूचना मिली तो पैरों तले से जमीन खिसक गई। उसकी मां रामखिलौना और दादी नन्ही देवी जिला अस्पताल पहुंच गईं।
आशंका : नशे में था चालक, ट्रक में मिली शराब की बोतल
बदायूं। ग्रामीणों के मुताबिक ट्रक चालक नशे में था। इसी चक्कर में उसने इतनी रफ्तार बढ़ा दी, जिसे देखकर कोई भी कह सकता था कि हादसा होना तय है। ट्रक चालक को जब पकड़ा गया तो उसकी बात से लग रहा था कि वह नशे में था। ग्रामीणों ने जब पुलिस को सौंपा तो इसकी जानकारी दी। इस पर पुलिस ने ट्रक के केबिन की तलाशी ली तो उसमें शराब की बोतल मिली। बाद में प्रभारी एसएसपी सिद्धार्थ वर्मा ने भी इस बात की आशंका जताई। हालांकि इसकी पुष्टि ट्रक चालक के मेडिकल परीक्षण के बाद ही होगी।
हादसे ने उजाड़ दीं दो परिवारों की खुशियां
बदायूं। आंवला-बदायूं रोड पर हुए हादसे में डोरीलाल के दो परिवारों की खुशियां उजड़ गईं। एक ही झटके में उनकी तीन पीढ़ियों के सदस्यों की मौत हो गई। इनमें एक उनकी पत्नी, बेटी और उनकी धेवती शामिल थीं। ये तीनों लोग कपड़े खरीदने के लिए बदायूं जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही तीनों मौत के गाल में समा गए।
कुंवरगांव के वार्ड नंबर पांच निवासी डोरीलाल मूल रूप से बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव चनी के रहने वाले हैं। कुंवरगांव में उनकी ससुराल है। डोरीलाल कुंवरगांव में करीब 20 साल से रह रहे हैं। यहीं आकर उन्होंने सबसे बड़ी बेटी सपना (35) की शादी की थी। सपना से छोटा बेटा सचिन, बेटी उपासना और सबसे छोटा बेटा शनि है। परिवारवालों के मुताबिक सपना के पति गजेंद्र सिंह बीएसएफ में हैं। इस समय उनकी पोस्टिंग कोलकाता में हैं। सपना के चार बेटियां हैं। इनमेें सबसे बड़ी अंशिका (12), वंशिका (10), परी (8) और काव्या (5) थी। रक्षाबंधन के त्योहार पर सपना काव्या को लेकर अपने मायके कुंवरगांव आईं थीं। तब से वह मायके में ही थीं। मायके वालों ने त्योहार पर उन्हें कपड़ा दिलाने का वायदा किया था। इससे सपना अपनी मां प्रेमलता और बेटी काव्या को लेकर बदायूं आ रहीं थीं। डोरीलाल कहते हैं कि इस हादसे में उनका सबकुछ उजड़ गया। वह रोते-रोते बेहोश भी हो रहे थे। उनके परिवारवाले उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे थे।
मजदूरी करते थे हुसैनपुर के मुनेशपाल
कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव हुसैनपुर निवासी मुनेशपाल (20) तीन भाइयों में मझले थे। अभी उनकी शादी नहीं हुई थी। उनके नाम जमीन भी नहीं है। वह मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। वह बुधवार सुबह कुंवरगांव गए थे। वहीं से लौटते समय हादसे में उनकी जान चली गई।
हादसे की सूचना पर छावनी बना जिला अस्पताल
ये हादसा बुधवार दोपहर बाद सवा तीन बजे हुआ था। इसके दस मिनट बाद थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। चूंकि हादसा बड़ा था। इससे कंट्रोल रूप को सूचना दे दी गई। उसके बाद प्रभारी एसएसपी सिद्धार्थ वर्मा और एसपी सिटी प्रवीन सिंह चौहान घटनास्थल की ओर दौड़े। उन्होंने पुलिस लगाकर मौके के हालात संभाले। दूसरी ओर सीओ सिटी चंद्रपाल सिंह, सीओ उझानी गजेंद्र कुमार श्रोत्रिय, इंस्पेक्टर कोतवाली देवेंद्र कुमार धामा पुलिस बल को लेकर जिला अस्पताल पहुंच गए। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर संजीव कुमार शुक्ला पहले घटनास्थल पहुंचे। फिर वो भी अस्पताल आए। इससे जिला अस्पताल छावनी में तब्दील हो गया। मृतकों के परिवार के लोग पहुंचते रहे और चीखें बढ़ती गईं।
मंत्री पहुंचे अस्पताल, रात में कराए शवों के पोस्टमार्टम
हादसे की सूचना पर नगर विकास मंत्री महेश चंद्र गुप्ता पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने सभी मृतकों के परिवार वालों से बात की। उन्हें सांत्वना दी। उसके बाद हादसे के संबंध में डीएम और प्रभारी एसएसपी से बात की। उन्होंने डीएम से रात में ही सभी मृतकों के पोस्टमार्टम कराने को कहा। इसके अलावा उन्होंने ट्रक के ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराने की बात कही। उसके बाद मृतकों के पोस्टमार्टम कराने की तैयारियां शुरू कर दी गईं।
कुंवरगांव में ट्रक ड्राइवर की लापरवाही से हादसे में सात लोगों की मौत हुई है। आरोपी को ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने पकड़ लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। ट्रक के कोबिन में शराब का क्वार्टर मिला है। ग्रामीणों के मुताबिक ड्राइवर घटना के वक्त नशे में था। उसका मेडिकल परीक्षण कराकर जेल भेजा जाएगा। - सिद्धार्थ वर्मा, प्रभारी एसएसपी
विज्ञापन
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कबूलपुरा निवासी विशाल पुत्र बहादुर अपने टेंपो में दो सवारियों को बैठाकर कुंवरगांव की ओर जा रहे थे। उन्होंने कबूलपुरा निवासी मोहित और सोनू को उतारने के लिए कासिमपुर चौराहे पर टेंपो रोका। वे दोनों टेंपो से उतर ही थे कि पीछे से आए कोयला लदे ट्रक ने साइड मार दी। इससे मोहित समेत दो लोग घायल हो गए। यह देखकर मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचा दिया। कुछ लोग चालक को पकड़ने के लिए ट्रक के पीछे दौड़े। चालक ने पकड़े जाने के डर से ट्रक को तेजी से दौड़ा दिया। तेज गति की वजह से रोड पर ट्रक लहराने लगा और ललेई पेट्रोल पंप के नजदीक सामने से आ रहे दूसरे टेंपो में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज लगी कि टेंपो उछलकर सड़क किनारे जा गिरा। ट्रक रोड किनारे जाकर खाई में पलट गया। हादसे में टेंपो में उसका ड्राइवर बनेई निवासी बुंदी, हुसैनपुर निवासी मुनेश पाल, दातागंज के आले नगला निवासी मुकेश पाल, कुंवरगांव निवासी मुरारी, प्रेमलता व उनकी नकटिया बरेली निवासी बेटी सपना और सपना की बेटी काव्या की मौत हो गई।
विज्ञापन
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद ट्रक का ड्राइवर खेतों की ओर भागा था। उसके पीछे ललेई गांव के लोग पीछे पड़ गए। उन्होंने खेतों में घेरकर उसे पकड़ लिया। पूछने पर पहले सवारी नाम राजू बताया। ट्रक में मिले आधार कार्ड के अनुसार जगदीश पुत्र विश्नूदयाल निवासी आंवला बरेली के रूप में उसकी पहचान हुई है। ग्रामीणों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया है।
विज्ञापन
बुंदी ने बीस दिन पहले लोन लेकर खरीदा था टेंपो
कुंवरगांव थाना क्षेत्र के बनेई गांव निवासी बुंदी टेंपो चलाकर अपने परिवार का गुजारा कर रहे थे। उन्होंने करीब बीस दिन पहले ही लोन लेकर टेंपो खरीदा था। बुंदी चार भाइयों में तीसरे नंबर के थे। उनकी एक बेटी आशिया और एक बेटा अफसान है। बुंदी की मौत से पत्नी भूरी का बुरा हाल है।
प्राथमिक स्कूल चकोलर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे मुरारी
कुंवरगांव कस्बा निवासी मुरारी क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल चकोलर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। वह पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके दो बेटे दिवाकर (15) और अर्जुन (12) हैं। दिवाकर ने बताया कि उसने अपने पिता को घर से निकलते हुए देखा था। उसे लगा कि पिता यहीं कहीं जा रहे हैं। जब उन्हें हादसे की सूचना मिली तो पैरों तले से जमीन खिसक गई। उसकी मां रामखिलौना और दादी नन्ही देवी जिला अस्पताल पहुंच गईं।
आशंका : नशे में था चालक, ट्रक में मिली शराब की बोतल
बदायूं। ग्रामीणों के मुताबिक ट्रक चालक नशे में था। इसी चक्कर में उसने इतनी रफ्तार बढ़ा दी, जिसे देखकर कोई भी कह सकता था कि हादसा होना तय है। ट्रक चालक को जब पकड़ा गया तो उसकी बात से लग रहा था कि वह नशे में था। ग्रामीणों ने जब पुलिस को सौंपा तो इसकी जानकारी दी। इस पर पुलिस ने ट्रक के केबिन की तलाशी ली तो उसमें शराब की बोतल मिली। बाद में प्रभारी एसएसपी सिद्धार्थ वर्मा ने भी इस बात की आशंका जताई। हालांकि इसकी पुष्टि ट्रक चालक के मेडिकल परीक्षण के बाद ही होगी।
हादसे ने उजाड़ दीं दो परिवारों की खुशियां
बदायूं। आंवला-बदायूं रोड पर हुए हादसे में डोरीलाल के दो परिवारों की खुशियां उजड़ गईं। एक ही झटके में उनकी तीन पीढ़ियों के सदस्यों की मौत हो गई। इनमें एक उनकी पत्नी, बेटी और उनकी धेवती शामिल थीं। ये तीनों लोग कपड़े खरीदने के लिए बदायूं जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही तीनों मौत के गाल में समा गए।
कुंवरगांव के वार्ड नंबर पांच निवासी डोरीलाल मूल रूप से बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव चनी के रहने वाले हैं। कुंवरगांव में उनकी ससुराल है। डोरीलाल कुंवरगांव में करीब 20 साल से रह रहे हैं। यहीं आकर उन्होंने सबसे बड़ी बेटी सपना (35) की शादी की थी। सपना से छोटा बेटा सचिन, बेटी उपासना और सबसे छोटा बेटा शनि है। परिवारवालों के मुताबिक सपना के पति गजेंद्र सिंह बीएसएफ में हैं। इस समय उनकी पोस्टिंग कोलकाता में हैं। सपना के चार बेटियां हैं। इनमेें सबसे बड़ी अंशिका (12), वंशिका (10), परी (8) और काव्या (5) थी। रक्षाबंधन के त्योहार पर सपना काव्या को लेकर अपने मायके कुंवरगांव आईं थीं। तब से वह मायके में ही थीं। मायके वालों ने त्योहार पर उन्हें कपड़ा दिलाने का वायदा किया था। इससे सपना अपनी मां प्रेमलता और बेटी काव्या को लेकर बदायूं आ रहीं थीं। डोरीलाल कहते हैं कि इस हादसे में उनका सबकुछ उजड़ गया। वह रोते-रोते बेहोश भी हो रहे थे। उनके परिवारवाले उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे थे।
मजदूरी करते थे हुसैनपुर के मुनेशपाल
कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव हुसैनपुर निवासी मुनेशपाल (20) तीन भाइयों में मझले थे। अभी उनकी शादी नहीं हुई थी। उनके नाम जमीन भी नहीं है। वह मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। वह बुधवार सुबह कुंवरगांव गए थे। वहीं से लौटते समय हादसे में उनकी जान चली गई।
हादसे की सूचना पर छावनी बना जिला अस्पताल
ये हादसा बुधवार दोपहर बाद सवा तीन बजे हुआ था। इसके दस मिनट बाद थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। चूंकि हादसा बड़ा था। इससे कंट्रोल रूप को सूचना दे दी गई। उसके बाद प्रभारी एसएसपी सिद्धार्थ वर्मा और एसपी सिटी प्रवीन सिंह चौहान घटनास्थल की ओर दौड़े। उन्होंने पुलिस लगाकर मौके के हालात संभाले। दूसरी ओर सीओ सिटी चंद्रपाल सिंह, सीओ उझानी गजेंद्र कुमार श्रोत्रिय, इंस्पेक्टर कोतवाली देवेंद्र कुमार धामा पुलिस बल को लेकर जिला अस्पताल पहुंच गए। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर संजीव कुमार शुक्ला पहले घटनास्थल पहुंचे। फिर वो भी अस्पताल आए। इससे जिला अस्पताल छावनी में तब्दील हो गया। मृतकों के परिवार के लोग पहुंचते रहे और चीखें बढ़ती गईं।
मंत्री पहुंचे अस्पताल, रात में कराए शवों के पोस्टमार्टम
हादसे की सूचना पर नगर विकास मंत्री महेश चंद्र गुप्ता पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने सभी मृतकों के परिवार वालों से बात की। उन्हें सांत्वना दी। उसके बाद हादसे के संबंध में डीएम और प्रभारी एसएसपी से बात की। उन्होंने डीएम से रात में ही सभी मृतकों के पोस्टमार्टम कराने को कहा। इसके अलावा उन्होंने ट्रक के ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराने की बात कही। उसके बाद मृतकों के पोस्टमार्टम कराने की तैयारियां शुरू कर दी गईं।
कुंवरगांव में ट्रक ड्राइवर की लापरवाही से हादसे में सात लोगों की मौत हुई है। आरोपी को ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने पकड़ लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। ट्रक के कोबिन में शराब का क्वार्टर मिला है। ग्रामीणों के मुताबिक ड्राइवर घटना के वक्त नशे में था। उसका मेडिकल परीक्षण कराकर जेल भेजा जाएगा। - सिद्धार्थ वर्मा, प्रभारी एसएसपी