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Budaun News: मछली पकड़ने का जाल फेंकते समय गंगा में गिरा युवक, मौत
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कछला में गंगा में डूबने से अर्जुन की मौत के बाद जुटे ननाखेड़ा के लोग। संवाद
उझानी/ कछला। मछली पकड़ने के लिए जाल फेंकते समय पैर फिसल जाने से युवक गंगा में गिर गया। गहराई अधिक होने की वजह से वह डूब गया। काफी देर बाद भी वह कुछ दूरी पर खड़े मछुआरों को नजर नहीं आया तो उन्होंने फोन करके गांव से और लोगों को बुला लिया। करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने उसे बाहर निकाल लिया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
मृतक अर्जुन (20) पुत्र प्रेमपाल कश्यप कोतवाली क्षेत्र के गांव ननाखेड़ा का रहने वाला था। वह गांव के कुछेक मछुआरों के साथ मछली पकड़ने के लिए बृहस्पतिवार तड़के घर से निकला। गांव के पास ही आपस में सौ-डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर सभी मछुआरे गंगा में मछलियां पकड़ने को जुट गए।
बताते हैं कि अर्जुन ने गंगा में जाल फेंका तो वह पैर फिसल जाने पर जाल समेत गंगा में गिर गया। वह अन्य मछुआरों को नजर नहीं आया तो वह मौके पर पहुंच गए। उन्हें जाल तो दिखा, लेकिन अर्जुन का पता नहीं चला। मछुआरों ने इसके बाद अर्जुन के परिजनों को बुलाकर गंगा में उसकी तलाश शुरू कर दी।
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चूंकि मछुआरे गोताखोर भी हैं, सो उन्होंने गंगा में कूदने में देर भी नहीं की। करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद अर्जुन को खोज लिया गया। डूब जाने से अर्जुन की मौत हो चुकी थी। सूचना के बाद कछला चौकी इंचार्ज देवेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। मृतक के पिता ने बताया कि अर्जुन उनकी 10 संतानों में सबसे बड़ा था। इनमें दो बहनें भी शामिल हैं। दो साल पहले ही अर्जुन की शादी हुई थी। मृतक अर्जुन की एक साल की मासूम बेटी है। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा गया है।
गंगा में ननाखेड़ा के आसपास है काफी गहराई
कछला से करीब पांच किलोमीटर दूर ननाखेड़ा के पास जहां हादसा हुआ वहां गंगा में गहराई अधिक है। गांव का फांट कम होने की वजह से जल का वेग भी अधिक रहता है। बताते हैं कि अर्जुन समेत ननाखेड़ा के मछुआरे पहले भी इस इलाके में मछलियां पकड़ने के लिए जाते रहे हैं। मछुआरे गहराई से वाकिफ भी हैं। वह तैरना भी जानते हैं। बताते हैं कि पैर नहीं फिसलता तो अर्जुन खुद ही बचकर बाहर निकल आता। अचानक हादसे की वजह से वह खुद को संभाल नहीं पाया होगा।
कछला घाट पर इन श्रद्धालुओं की जा चुकी है जान
- 21 अप्रैल- 2024
मृतक मुनीश कुमार( 22) पुत्र अनिल शाह, निवासी बेगूसराय, बिहार
- 28 अप्रैल- 2024
मृतक विवेक शर्मा (22) पुत्र प्रमोद शर्मा, निवासी दतिया, जिला मथुरा
- 29 अप्रैल- 2024
मृतक कुनाल (20) पुत्र बनवारी, निवासी मंगोलपुरी, दिल्ली
- 15 मई- 2024
मृतक पीयूष (12) पुत्र धर्मेंद्र शर्मा, निवासी कासगंज
- 19 मई- 2024
मृतक तरूण कुमार (19) पुत्र प्रमोद दुबे, सोरों, कासगंज
- 28 मई- 2024
मृतक जितेंद्र (22) पुत्र नौरंगी लाल, जुनइया, उझानी
- 31 मई- 2024
मृतक धीरज (20) पुत्र श्रीनिवास, अहीरमई, एटा
12 जून- 2024
मृतक निशांत (11) पुत्र कृपाल सिंह, कुबेरपुर, आगरा
- ये हैं लापता
27 मई-2024 को छविशंकर (22) पुत्र विशंभर दयाल, मुड़िया ललिता, जिला भरतपुर, राजस्थान
16 जून-2024
- मोहित (14) पुत्र अजय कुमार, निवासी सहलवानपुर, एटा
- शाति देवी (70) निवासी हथिया, बरसाना, मथुरा
- रामप्यारी (90) पत्नी ग्यासीराम, भरतपुर राजस्थान
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मृतक अर्जुन (20) पुत्र प्रेमपाल कश्यप कोतवाली क्षेत्र के गांव ननाखेड़ा का रहने वाला था। वह गांव के कुछेक मछुआरों के साथ मछली पकड़ने के लिए बृहस्पतिवार तड़के घर से निकला। गांव के पास ही आपस में सौ-डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर सभी मछुआरे गंगा में मछलियां पकड़ने को जुट गए।
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बताते हैं कि अर्जुन ने गंगा में जाल फेंका तो वह पैर फिसल जाने पर जाल समेत गंगा में गिर गया। वह अन्य मछुआरों को नजर नहीं आया तो वह मौके पर पहुंच गए। उन्हें जाल तो दिखा, लेकिन अर्जुन का पता नहीं चला। मछुआरों ने इसके बाद अर्जुन के परिजनों को बुलाकर गंगा में उसकी तलाश शुरू कर दी।
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चूंकि मछुआरे गोताखोर भी हैं, सो उन्होंने गंगा में कूदने में देर भी नहीं की। करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद अर्जुन को खोज लिया गया। डूब जाने से अर्जुन की मौत हो चुकी थी। सूचना के बाद कछला चौकी इंचार्ज देवेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। मृतक के पिता ने बताया कि अर्जुन उनकी 10 संतानों में सबसे बड़ा था। इनमें दो बहनें भी शामिल हैं। दो साल पहले ही अर्जुन की शादी हुई थी। मृतक अर्जुन की एक साल की मासूम बेटी है। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा गया है।
गंगा में ननाखेड़ा के आसपास है काफी गहराई
कछला से करीब पांच किलोमीटर दूर ननाखेड़ा के पास जहां हादसा हुआ वहां गंगा में गहराई अधिक है। गांव का फांट कम होने की वजह से जल का वेग भी अधिक रहता है। बताते हैं कि अर्जुन समेत ननाखेड़ा के मछुआरे पहले भी इस इलाके में मछलियां पकड़ने के लिए जाते रहे हैं। मछुआरे गहराई से वाकिफ भी हैं। वह तैरना भी जानते हैं। बताते हैं कि पैर नहीं फिसलता तो अर्जुन खुद ही बचकर बाहर निकल आता। अचानक हादसे की वजह से वह खुद को संभाल नहीं पाया होगा।
कछला घाट पर इन श्रद्धालुओं की जा चुकी है जान
- 21 अप्रैल- 2024
मृतक मुनीश कुमार( 22) पुत्र अनिल शाह, निवासी बेगूसराय, बिहार
- 28 अप्रैल- 2024
मृतक विवेक शर्मा (22) पुत्र प्रमोद शर्मा, निवासी दतिया, जिला मथुरा
- 29 अप्रैल- 2024
मृतक कुनाल (20) पुत्र बनवारी, निवासी मंगोलपुरी, दिल्ली
- 15 मई- 2024
मृतक पीयूष (12) पुत्र धर्मेंद्र शर्मा, निवासी कासगंज
- 19 मई- 2024
मृतक तरूण कुमार (19) पुत्र प्रमोद दुबे, सोरों, कासगंज
- 28 मई- 2024
मृतक जितेंद्र (22) पुत्र नौरंगी लाल, जुनइया, उझानी
- 31 मई- 2024
मृतक धीरज (20) पुत्र श्रीनिवास, अहीरमई, एटा
12 जून- 2024
मृतक निशांत (11) पुत्र कृपाल सिंह, कुबेरपुर, आगरा
- ये हैं लापता
27 मई-2024 को छविशंकर (22) पुत्र विशंभर दयाल, मुड़िया ललिता, जिला भरतपुर, राजस्थान
16 जून-2024
- मोहित (14) पुत्र अजय कुमार, निवासी सहलवानपुर, एटा
- शाति देवी (70) निवासी हथिया, बरसाना, मथुरा
- रामप्यारी (90) पत्नी ग्यासीराम, भरतपुर राजस्थान