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Budaun News: एक सप्ताह होगा सुरक्षा ऑडिट, फिर होगी कर्मियों की तैनाती
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बदायूं। एचपीसीएल प्लांट संचालन के लिए मंगलवार को तय हुआ कि एक सप्ताह में सुरक्षा ऑडिट तैयार करके उसके अनुसार ही खाका तैयार किया जाएगा। यह ऑडिट पुलिस और कंपनी के अधिकारी मिलकर करेंगे। उसके बाद सभी सुझाव पर विचार कर चिह्नित स्थानों पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर प्लांट का संचालन शुरू किया जाएगा।
कंपनी के अधिकारियों व डीएम-एसएसपी के बीच हुई बैठक में तय हुआ कि सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर ऑडिट कराया जाना जरूरी है। ताकि सुरक्षा इंतजाम करने में कोई चूक न रह जाए। इसके लिए पुलिस व कंपनी के अधिकारियों की टीम भी तय कर दी गई। निर्णय लिया गया कि जितने भी प्रमुख इंट्री प्वांइट है, उनके पास सशस्त्र सुरक्षा गार्डों की तैनाती की जाएगी। कहां कितने सुरक्षाकर्मी रहना चाहिए, यह भी ऑडिट में तय होगा।
बैठक में इस पर भी गौर किया गया कि 12 मार्च को जब प्लांट के अंदर चल रही बैठक के दौरान दो अफसरों सुधीर गुप्ता व हर्षित मिश्रा की हत्या की गई तो मौके पर सीसीटीवी कैमरा न होने से वहां की रिकॉर्डिंग सामने नहीं आ सकी। इसका कारण था कि प्लांट के सामने गेट के पास लगे सीसी कैमरे साइड में थे। इस कारण उनके फुटेज में हमलावर का चेहरा का सामने नहीं आ सका। ऐसे में अब कंपनी प्लांट के चारों तरफ हर स्थान पर सीसी कैमरे लगाएगी।
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जल्द से जल्द कराया जाएगा पुलिस चौकी का निर्माण
प्लांट के बाहर बने कमरे में फिलहाल पुलिस चौकी का संचालन शुरू करा दिया गया है। यहां आठ सिपाही व दो दरोगा तैनात किए हैं। इसके पास ही एक बीघा भूमि चिह्नित कर स्थायी पुलिस चौकी बनाई जानी है। इस चौकी का निर्माण भी जल्द से जल्द हो इसको लेकर भी चर्चा की गई है।
जरूरत पड़ी तो सीआईएसएफ भी होगी तैनात
यह भी बात सामने आई है कि यदि यहां पर सुरक्षा को लेकर जरूरत पड़ती है तो सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) के जवानाें को भी तैनात किया जाएगा। पहले पुलिसकर्मी व कंपनी के निजी सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाएंगे। इसके बाद यदि काेई कमी रहती है तो सीआईएसएफ भी तैनात होगी।
कर्मचारियों की तैनाती में बरती जाएगी पारदर्शिता
प्लांट परिसर में काम करने वाले कर्मचारियों की तैनाती में काफी पारदर्शिता बरती जाएगी। यहां करीब 150 कर्मचारी तैनात होंगे। बीते दिनों यहां पर 122 कर्मचारी रहे हैं। इनमें से 85 हटाए जा चुके है। जबकि पुरानी एजेंसी का लाइसेंस भी निरस्त हो चुका है। ऐसे में कंपनी में तैनात होने वाले सभी 150 या फिर उससे ज्यादा कर्मचारियों की तैनाती अब नए सिरे से ही होगी। इसके लिए जो भी वेंडर सामने आएगा, उसकी भी पूरी तहकीकात करने के बाद उसे काम को सौंपा जाएगा।
प्लांट संचालन को लेकर कंपनी के अफसरों से वार्ता हुई है। सुरक्षा-व्यवस्था का खाका तैयार किया जा रहा है। कड़े सुरक्षा प्रबंध व भयमुक्त माहौल के बीच जल्द से जल्द प्लांट का संचालन शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। - अंकिता शर्मा, एसएसपी
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कंपनी के अधिकारियों व डीएम-एसएसपी के बीच हुई बैठक में तय हुआ कि सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर ऑडिट कराया जाना जरूरी है। ताकि सुरक्षा इंतजाम करने में कोई चूक न रह जाए। इसके लिए पुलिस व कंपनी के अधिकारियों की टीम भी तय कर दी गई। निर्णय लिया गया कि जितने भी प्रमुख इंट्री प्वांइट है, उनके पास सशस्त्र सुरक्षा गार्डों की तैनाती की जाएगी। कहां कितने सुरक्षाकर्मी रहना चाहिए, यह भी ऑडिट में तय होगा।
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बैठक में इस पर भी गौर किया गया कि 12 मार्च को जब प्लांट के अंदर चल रही बैठक के दौरान दो अफसरों सुधीर गुप्ता व हर्षित मिश्रा की हत्या की गई तो मौके पर सीसीटीवी कैमरा न होने से वहां की रिकॉर्डिंग सामने नहीं आ सकी। इसका कारण था कि प्लांट के सामने गेट के पास लगे सीसी कैमरे साइड में थे। इस कारण उनके फुटेज में हमलावर का चेहरा का सामने नहीं आ सका। ऐसे में अब कंपनी प्लांट के चारों तरफ हर स्थान पर सीसी कैमरे लगाएगी।
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जल्द से जल्द कराया जाएगा पुलिस चौकी का निर्माण
प्लांट के बाहर बने कमरे में फिलहाल पुलिस चौकी का संचालन शुरू करा दिया गया है। यहां आठ सिपाही व दो दरोगा तैनात किए हैं। इसके पास ही एक बीघा भूमि चिह्नित कर स्थायी पुलिस चौकी बनाई जानी है। इस चौकी का निर्माण भी जल्द से जल्द हो इसको लेकर भी चर्चा की गई है।
जरूरत पड़ी तो सीआईएसएफ भी होगी तैनात
यह भी बात सामने आई है कि यदि यहां पर सुरक्षा को लेकर जरूरत पड़ती है तो सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) के जवानाें को भी तैनात किया जाएगा। पहले पुलिसकर्मी व कंपनी के निजी सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाएंगे। इसके बाद यदि काेई कमी रहती है तो सीआईएसएफ भी तैनात होगी।
कर्मचारियों की तैनाती में बरती जाएगी पारदर्शिता
प्लांट परिसर में काम करने वाले कर्मचारियों की तैनाती में काफी पारदर्शिता बरती जाएगी। यहां करीब 150 कर्मचारी तैनात होंगे। बीते दिनों यहां पर 122 कर्मचारी रहे हैं। इनमें से 85 हटाए जा चुके है। जबकि पुरानी एजेंसी का लाइसेंस भी निरस्त हो चुका है। ऐसे में कंपनी में तैनात होने वाले सभी 150 या फिर उससे ज्यादा कर्मचारियों की तैनाती अब नए सिरे से ही होगी। इसके लिए जो भी वेंडर सामने आएगा, उसकी भी पूरी तहकीकात करने के बाद उसे काम को सौंपा जाएगा।
प्लांट संचालन को लेकर कंपनी के अफसरों से वार्ता हुई है। सुरक्षा-व्यवस्था का खाका तैयार किया जा रहा है। कड़े सुरक्षा प्रबंध व भयमुक्त माहौल के बीच जल्द से जल्द प्लांट का संचालन शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। - अंकिता शर्मा, एसएसपी