फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   A mother's life will not go away due to lack of blood

खून की कमी से अब नहीं जाएगी किसी मां की जान

Fri, 26 May 2017 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ उझानी
अमर उजाला ब्यूरो/ उझानी Updated Fri, 26 May 2017 11:38 PM IST
विज्ञापन
A mother's life will not go away due to lack of blood
स्वास्थ्य केंद्र - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश की 37 एफआरयू पर प्रसूताओं को मिलेगी ब्लड स्टोरेज की सुविधा
विज्ञापन

प्रसव के दौरान मातृ मृत्यु दर में कमी लाने को कवायद शुरू      
उझानी समेत बरेली और पीलीभीत के चार अस्पताल भी शामिल

प्रसव के दौरान खून की कमी की वजह से प्रसूताओं की जिंदगी अब खतरे में नहीं पड़ेगी। प्रथम संदर्भन इकाई (एफआरयू) से लैस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ब्लड स्टोरेज रहेगा। जरूरत पड़ने पर प्रसूताओं के तीमारदारों को ब्लड बैंक के चक्कर भी नहीं काटने पड़ेंगे। इसके लिए सेहत महकमा ने कार्रवाई को अंतिम चरण में पहुंचाकर ऐसे अस्पतालों का चयन भी कर लिया है, जहां ब्लड स्टोरेज होगा। प्रदेश के चयनित 37 एफआरयू में बरेली मंडल में पीलीभीत और बदायूं में एक तो बरेली जिले के दो अस्पताल को शामिल किया गया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सेहत महकमे की ओर से लिए गए फैसले पर गौर करें तो पिछले कुछेक साल में प्रसव के दौरान मातृ मृत्यु दर में कमी तो आई, लेकिन प्रसूताओं की ज्यादातर मौत एक बात उजागर हुई कि उन्हें वक्त रहते ब्लड उपलब्ध नहीं हो पाया। मातृ मृत्यु दर में कमी लाने को ज्यादातर एफआरयू पर बेहतर सुविधाएं भी मुहैया कराई गई थीं पर उनका सही उपयोग नहीं हो पाया था। इसी सिलसिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने एफआरयू पर ही ब्लड स्टोरेज रखने के लिए कवायद शुरू कर अस्पतालों का चयन कर लिया। लखनऊ में इसे लेकर उच्च स्तरीय बैठक भी चार दिन पहले हुई। ब्लड स्टोरेज सेंटर के चयनित प्रदेश के जिन 37 एफआरयू को शामिल किया गया है, उनमें बरेली जिले के बहेड़ी और फरीदपुर, पीलीभीत में बीसलपुर और बदायूं में उझानी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ब्लड स्टोरेज की सुविधा रहेगी। स्टोरेज सेंटर को ब्लड जिला मुख्यालय पर संचालित ब्लड बैंक से मुहैया कराया जाएगा। उसकी देखभाल के लिए अलग से एक एमबीबीएस डॉक्टर और लैब टेक्नीशियन तैनात होगा।      
विज्ञापन

000000000      
यहां भी होगा ब्लड स्टोरेज सेंटर      
अंबेडकरनगर में टांडा, आजमगढ़ में फूलपुर, बागपत में बडौत, बाराबंकी में हैदरगढ़, बुलंदशहर में सिकंदराबाद, चंदौली में चकिया, फैजाबाद में रूदौली, फर्रुखाबाद में कायमगंज, फिरोजाबाद में टूंडला और जसराना, गौतमबुद्घनगर में दादरी, गाजीपुर में सैदपुर, गोंडा में करनैलगंज, गाजियाबाद में हापुड़ और गढ़, गोरखपुर में सहजनवा, हरदोई में संडीला, कौशांबी में सराय अकील, खीरी में पलिया, कुशीनगर में कसया, लखनऊ में मोहनलालगंज का रानी झलकारी बाई चिकित्सालय और अवंतीबाई चिकित्सालय मेरठ में मवाना और दौराला, मुरादाबाद में संभल (संभल अब मुरादाबाद से पृथक हो चुका है) मुजफ्फनगर में शामली, सहारनपुर में देवबंद, संतकबीरनगर में खलीलाबाद, सिद्घार्थनगर में उसका बाजार, सीतापुर में सिंधौली, सोनभद्र में चैपन और मेओरपुर, श्रावस्ती में इकौना, सुल्तानपुर में जगदीशपुर और उन्नाव जिले में नवाबगंज को ब्लड स्टोरेज सेंटर मिलेगा।      
विज्ञापन
विज्ञापन

0000000000000      
वर्जन      
फर्स्ट रिफरल यूनिटों पर ब्लड स्टोरेज के लिए कार्रवाई पूरी होने की ओर है। ब्लड स्टोरेज की सुविधा का सर्वाधिक फायदा प्रसूताओं को मिलेगा। इससे आने वाले दिनों में मातृ मृत्यु दर भी कंट्रोल होगी।
- डॉ. एमबी सिंह, चिकित्साधीक्षक।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed