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एक दिन बाद ही फिर शुरू कर दिया तालाब पाटना
बदायूं।
Updated Sun, 10 Jan 2016 11:58 PM IST
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थाना क्षेत्र के गांव भूड़ा भदरौल में भू माफिया ने तालाब पाटने का काम एक दिन बंद रखा और अगले दिन से फिर तालाब पाटना शुरू कर दिया है। इस तालाब को पाटने से रोकने के लिए एसडीएम सदर प्रदीप कुमार यादव ने एसओ कादरचौक को मार्क किया था कि वह तालाब पटवाने का काम रुकवा दें। अगले दिन गांव में शहीद को श्रद्धांजलि का कार्यक्रम था। अधिकारियों के इसमें शामिल होना था। उस दिन भू माफियाओं ने तालाब पाटने का काम बंद रखा और अगले ही दिन तालाब पाटने का काम फिर शुरू कर दिया। यहां लेखपाल ने भी इस संबंध में प्रशासन को कोई रिपोर्ट नहीं दी है। एसओ कादरचौक एक दिन गए भी थे, लेकिन शहीद को श्रद्धांजलि के कार्यक्रम की तैयारी कर लौट आए। उन्होंने तालाब पाटने वाली जगह को देखा भी नहीं। ग्रामीण इस विषय को लेकर कोर्ट जाने की तैयारी में हैं।
यहां बता दें कि एसडीएम ने शिकायत कर्ताओं के प्रार्थना पत्र पर ही एसओ रुकुम पाल सिंह यादव को भूड़ा भदरौल में तालाब पाटने से रोकने का आदेश किया था। इधर, गांव की चौकी भी इस स्थल से काफी समीप है। इसके बाद भी तालाब पाटने को नहीं रोका जा रहा है।
1995 में हो चुका है तालाब का सौंदर्यीकरण
इस तालाब का ग्राम पंचायत की ओर से 1995 में सौंदर्यीकरण कराया गया था। यहां इस पर एक गेट भी बना हुआ है। इससे स्पष्ट है कि ग्राम पंचायत में इसका रिकार्ड रहा है। बावजूद एसओ कादरचौक बिना पड़ताल उन लोगों को तालाब मान रहे हैं, जो इसे पाट रहे हैं। यहां कोर्ट के आदेशों का खुला उल्लंघन हो रहा है। इससे सत्ता पक्ष की शह पर यह कार्य होना माना जा रहा है।
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मुझे किसी अधिकारी का आदेश नहीं मिला है। एक लेखपाल आया था, उसने बताया कि जो लोग तालाब पाट रहे हैं, उनका चकबंदी में इस तालाब वाली जगह पर नाम है। इसीलिए उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की है।
- रुकुम पाल सिंह यादव, एसओ कादरचौक
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यहां बता दें कि एसडीएम ने शिकायत कर्ताओं के प्रार्थना पत्र पर ही एसओ रुकुम पाल सिंह यादव को भूड़ा भदरौल में तालाब पाटने से रोकने का आदेश किया था। इधर, गांव की चौकी भी इस स्थल से काफी समीप है। इसके बाद भी तालाब पाटने को नहीं रोका जा रहा है।
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1995 में हो चुका है तालाब का सौंदर्यीकरण
इस तालाब का ग्राम पंचायत की ओर से 1995 में सौंदर्यीकरण कराया गया था। यहां इस पर एक गेट भी बना हुआ है। इससे स्पष्ट है कि ग्राम पंचायत में इसका रिकार्ड रहा है। बावजूद एसओ कादरचौक बिना पड़ताल उन लोगों को तालाब मान रहे हैं, जो इसे पाट रहे हैं। यहां कोर्ट के आदेशों का खुला उल्लंघन हो रहा है। इससे सत्ता पक्ष की शह पर यह कार्य होना माना जा रहा है।
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मुझे किसी अधिकारी का आदेश नहीं मिला है। एक लेखपाल आया था, उसने बताया कि जो लोग तालाब पाट रहे हैं, उनका चकबंदी में इस तालाब वाली जगह पर नाम है। इसीलिए उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की है।
- रुकुम पाल सिंह यादव, एसओ कादरचौक