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Budaun News: पशुधन प्रसार अधिकारी से 98 हजार रुपये ठगे
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योगेश कुमार सिंह।
उझानी (बदायूं)। ठगों ने सीबीआई अधिकारी बनकर व्हाट्सएप वायस कॉल कर बेटे को छोड़ने की एवज में पशुधन प्रसार अधिकारी से 98 हजार रुपये ठग लिए। इस दौरान उन्होंने एआई तकनीक का इस्तेमाल कर उनके बेटे की हूबहू आवाज बनाकर बात भी कराई। इस मामले में पशुधन प्रसार अधिकारी ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोतवाली में तहरीर दी है।
नगर के मोहल्ला अयोध्यागंज में रहने वाले योगेश कुमार सिंह पशुधन प्रसार अधिकारी हैं। उनके बेटे सौरभ सिंह फार्मेंसी का काम करते हैं। बृहस्पतिवार को सौरभ अपने सहायक के साथ बिल्सी गए थे। दोपहर करीब दो बजे योगेश के पास व्हाट्सएप पर वायस कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके बेटे सौरभ को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे नोएडा ले जाया जा रहा है। उसने कॉल पर आर्टिफिशल इंटेलीजेंस के जरिये हूबहू सौरभ की आवाज में बात भी की।
सौरभ को छोड़ने के एवज में पांच लाख रुपये मांगे। झांसे में आकर योगेश ने दो बार में 98 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। दूसरे बेटे को कॉल करके अपने खाते में पांच लाख रुपये डलवाने के लिए भेजा। इसी दौरान उनके दिमाग में सौरभ को कॉल करने की बात आई।
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बात की तो सौरभ ने बताया कि वह सही सलामत बिल्सी में है। इस पर पशुधन प्रसार अधिकारी को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने कोतवाली में तहरीर दी है।
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एआई से ठगी का पहला मामला
एआई यानी आर्टिफिशिल इंटेलीजेंस साफ्टवेयर से जिले में ठगी का यह पहला मामला है। इस सॉफ्टवेयर के जरिये कम्प्यूटर से हू-ब-हू आवाज निकाली जा सकती है। साइबर ठग अब ठगी के लिए आवाज और चेहरा बदलने के लिए एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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नगर के मोहल्ला अयोध्यागंज में रहने वाले योगेश कुमार सिंह पशुधन प्रसार अधिकारी हैं। उनके बेटे सौरभ सिंह फार्मेंसी का काम करते हैं। बृहस्पतिवार को सौरभ अपने सहायक के साथ बिल्सी गए थे। दोपहर करीब दो बजे योगेश के पास व्हाट्सएप पर वायस कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके बेटे सौरभ को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे नोएडा ले जाया जा रहा है। उसने कॉल पर आर्टिफिशल इंटेलीजेंस के जरिये हूबहू सौरभ की आवाज में बात भी की।
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सौरभ को छोड़ने के एवज में पांच लाख रुपये मांगे। झांसे में आकर योगेश ने दो बार में 98 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। दूसरे बेटे को कॉल करके अपने खाते में पांच लाख रुपये डलवाने के लिए भेजा। इसी दौरान उनके दिमाग में सौरभ को कॉल करने की बात आई।
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बात की तो सौरभ ने बताया कि वह सही सलामत बिल्सी में है। इस पर पशुधन प्रसार अधिकारी को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने कोतवाली में तहरीर दी है।
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एआई से ठगी का पहला मामला
एआई यानी आर्टिफिशिल इंटेलीजेंस साफ्टवेयर से जिले में ठगी का यह पहला मामला है। इस सॉफ्टवेयर के जरिये कम्प्यूटर से हू-ब-हू आवाज निकाली जा सकती है। साइबर ठग अब ठगी के लिए आवाज और चेहरा बदलने के लिए एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं।