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ये बदायूं है, यहां बंदी के दिन भी खुलता है बाजार

Mon, 05 Mar 2018 05:17 PM IST
Updated Mon, 05 Mar 2018 05:17 PM IST
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ये बदायूं है, यहां बंदी के दिन भी खुलता है बाजार
market - फोटो : demo
यहां बंदी के दिन भी खुलता है बाजार
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नहीं मिलते हैं श्रमिकों को अतिरिक्त रुपये, अधिकारियों की लापरवाही पर पड़ रही श्रमिकों पर भारी
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। श्रम नियमों के तहत सप्ताह में एक दिन बाजार बंदी के लिए तय रहता है। साप्ताहिक बंदी के लिए एक जनवरी को डीएम की ओर से लिखित आदेश भी जारी किया गया। शहर में साप्ताहिक बंदी का दिन रविवार तय है। बावजूद शहर में रविवार को अधिकतर बाजार खुला रहता है। जिले के दूसरे कस्बों में भी यही हाल है। इससे दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारियों का शोषण और श्रम नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है।
कहने को तो शहर में बाजार बंदी के लिए रविवार का दिन निर्धारित किया गया है, पर यहां संडे हो या मंडे, रोजाना ही एक जैसा बाजार खुलता है। आप बाजार बंदी वाले दिन भी कुछ भी खरीद सकते हैं। बंदी दिवस का पालन न होने से श्रमिकों को साप्ताहिक अवकाश नहीं मिलता है। इस दिन काम करने के बदले उन्हें अतिरिक्त रुपये भी नहीं दिए जाते है। शहर के गोपी चौक, घंटाघर, चूना मंडी, हलवाई मार्केट, छह सड़का, शास्त्री चौक, नेहरू चौक, बड़ा बाजार, टिकट गंज में इक्का दुक्का दुकानों को छोड़कर सभी दुकानें खुली रहती हैं। दुकानदारों का कहना है कि एक दूसरे को दुकान खोले देखने पर ही वे भी अपनी दुकान खोलकर बैठ जाते हैं कि ग्राहक तो आएंगे ही।
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दुकानदारों में प्रतिद्वंद्विता की भावना
बाजार बंदी दिवस का पालन करने वाले दुकानदार मजबूरीवश दुकान खोलते हैं, क्योंकि बाजार बंदी के दिन उनकी दुकान बंद रहती है तो ग्राहक अगल-बगल की दुकान पर चले जाने की आशंका रहती है। इससे उन्हें भी मजबूरीवश दुकान खोलनी पड़ती है।
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जिम्मेदारों ने दी छूट
बाजार बंदी का पालन कराने वाले विभाग के कुछ लोग काफी समय से बाजार में नहीं निकले। इसी का फायदा दुकानदारों ने उठाया। विभाग लगातार सक्रिय रहता तो बंदी के दिन कोई दुकानदार दुकान नहीं खोलता।
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श्रमिकों के अधिकारों का हो रहा हनन
बाजार खुलने से सबसे अधिक उत्पीड़न उन श्रमिकों का होता है। जो दुकानों पर कार्य करते हैं उन्हें जबरन दुकानों पर कार्य कराने के लिए बुलाया जाता है। साप्ताहिक छुट्टी की मांग करने पर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। श्रमिकों को घर के कार्य करने तक का समय नहीं मिलता।
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सिर्फ मेडिकल स्टोर स्वामी कर रहे पालन
शहर में सबसे ज्यादा मेडिकल स्टोर लावेला से कचहरी रोड पर हैं। इस रोड पर जिला और महिला अस्पताल हैं। इन पर रविवार की बंदी का असर साफ देखने को मिलता है। यहां पर बंदी के दिन रूटीन से सिर्फ एक ही मेडिकल खुलता है।
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बंदी के दिन
शहर और गुलड़िया में रविवार, दातागंज और उसहैत में सोमवार, ककराला और वजीरगंज में मंगलवार, उझानी और मुड़िया में बुधवार, बिल्सी, कुवरगांव और अलापुर में गुरुवार, सहसवान, सैदपुर, रुदायन, फैजगंज बेहटा और बिसौली में शुक्रवार, इस्लामनगर, सखानू, उसावां और कछला में शनिवार को बंदी का दिन घोषित किया गया है।
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निर्धारित साप्ताहिक बंदी के दिन कारोबारियों को अपने प्रतिष्ठान बंद रखने चाहिए। ऐसा न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएंगी। - अजय श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन

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वर्जन---
जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देश के अनुसार दुकानदारों को साप्ताहिक बंदी का पालन करना चाहिए। व्यापारी मंडल के सभी पदाधिकारी साप्ताहिक बंदी के दिन अपनी दुकानें बंद रखते हैं। अगर कोई दुकानदार नियमों का उल्लंघन करता है तो जिम्मेदार विभाग नजर रखे। फिर भी कोई नहीं मानता है कि उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
- वीरेंद्र धीगड़ा, जिलाध्यक्ष, बदायूं उद्योग व्यापार मंडल
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