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सत्यपाल पर कौन करता शक, वह साया बनकर साथ था
Updated Sat, 09 Dec 2017 12:10 AM IST
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उझानी (बदायूूं)।
फतेहपुर में छह साल के मासूम छात्र हिमांशु की दरिंदगी के बाद हत्या के मामले में रिश्ते का ताऊ ही कातिल निकलेगा, यह किसी शख्स ने नहीं सोचा था। जेल जाते समय हत्यारोपी सत्यपाल भले ही यह कहता रहा कि वह नशे में हैवान बन गया लेकिन वह शातिर भी निकला। हिमांशु का शव मिलने के बाद घरवाले कोतवाली पहुंचे तो वह भी साथ आया। पोस्टमार्टम के दौरान भी साया बनकर साथ घूमा। ऐसे में सत्यपाल की भूमिका पर शक नहीं हुआ।
मासूम हिमांशु के घरवाले अब तक पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं कि कुनबे के ही सत्यपाल ने जघन्य अपराध कर डाला। ग्रामीणों की माने तो जिस समय हिमांशु का लहूलुहान शव गांव के पास ही बाजरा के पूलों में मिला, तब भी सत्यपाल मृतक के घरवालों के साथ मौके पर गया था। बात कोतवाली पहुंचकर रिपोर्ट लिखाने की आई तो उसने अपने एक व्यक्ति के जरिए यह अफवाह फैलाने की कोशिश की कि हिमांशु छत से गिर गया है। अगले दिन शव का पोस्टमार्टम हुआ तो भी सत्यपाल जिला मुख्यालय पर घरवालों के साथ घूमता नजर आया।
हत्यारोपी सत्यपाल पर पुलिस की पिछले आठ-नौ दिन से नजर थी। पुलिस सूत्रों की माने तो तहकीकात के दौरान दो-तीन बार उसने खुद को दूर रखने का प्रयास भी किया। ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करने वाले सत्यपाल ने यहां तक कि शाम को घर आना-जाना भी छोड़ दिया था। वैसे, पुलिस को पहले से ही शक था कि कातिल कोई करीबी ही निकलेगा, इसलिए वह बुनियाद को सबूतों के जरिए मजबूत करने में जुट गई। प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि सत्यपाल ने पूछताछ के दौरान पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश की पर बाद में वह टूट गया।
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फतेहपुर में छह साल के मासूम छात्र हिमांशु की दरिंदगी के बाद हत्या के मामले में रिश्ते का ताऊ ही कातिल निकलेगा, यह किसी शख्स ने नहीं सोचा था। जेल जाते समय हत्यारोपी सत्यपाल भले ही यह कहता रहा कि वह नशे में हैवान बन गया लेकिन वह शातिर भी निकला। हिमांशु का शव मिलने के बाद घरवाले कोतवाली पहुंचे तो वह भी साथ आया। पोस्टमार्टम के दौरान भी साया बनकर साथ घूमा। ऐसे में सत्यपाल की भूमिका पर शक नहीं हुआ।
मासूम हिमांशु के घरवाले अब तक पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं कि कुनबे के ही सत्यपाल ने जघन्य अपराध कर डाला। ग्रामीणों की माने तो जिस समय हिमांशु का लहूलुहान शव गांव के पास ही बाजरा के पूलों में मिला, तब भी सत्यपाल मृतक के घरवालों के साथ मौके पर गया था। बात कोतवाली पहुंचकर रिपोर्ट लिखाने की आई तो उसने अपने एक व्यक्ति के जरिए यह अफवाह फैलाने की कोशिश की कि हिमांशु छत से गिर गया है। अगले दिन शव का पोस्टमार्टम हुआ तो भी सत्यपाल जिला मुख्यालय पर घरवालों के साथ घूमता नजर आया।
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हत्यारोपी सत्यपाल पर पुलिस की पिछले आठ-नौ दिन से नजर थी। पुलिस सूत्रों की माने तो तहकीकात के दौरान दो-तीन बार उसने खुद को दूर रखने का प्रयास भी किया। ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करने वाले सत्यपाल ने यहां तक कि शाम को घर आना-जाना भी छोड़ दिया था। वैसे, पुलिस को पहले से ही शक था कि कातिल कोई करीबी ही निकलेगा, इसलिए वह बुनियाद को सबूतों के जरिए मजबूत करने में जुट गई। प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि सत्यपाल ने पूछताछ के दौरान पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश की पर बाद में वह टूट गया।
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