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रुदायन के स्कूल में घटिया तहरी को लेकर हंगामा
Updated Wed, 08 Nov 2017 11:30 PM IST
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स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। नगर क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि जिन संस्थाओं को भोजन वितरण की जिम्मेदारी दी गई है वे बेहद घटिया भोजन बांट रही हैं। इस वजह से बुधवार को नगर क्षेत्र के कई स्कूलों में बच्चों ने मिड-डे मील लेने से इनकार कर दिया। बच्चों को खराब खाना दिए जाने को लेकर उनके अभिभावकों में आक्रोश भी पनप रहा है।
एक नवंबर से जिले के नगरीय क्षेत्र में एनजीओ द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे भोजन को लेकर पहले दिन से ही सवाल उठ रहे थे। ज्यादातर स्कूलों के शिक्षकों की शिकायत की थी कि एमडीएम की गुणवत्ता इतनी घटिया है कि बच्चों को खिलाना उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने जैसा है।
दातागंज। नगर क्षेत्र में सात परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। बुधवार को एनजीओ वाले एमडीएम को लेकर स्कूलों में पहुंचे। आरोप है कि एमडीएम खराब होने की वजह से सभी स्कूलों के स्टाफ और बच्चों ने लौटा दिया। इन स्कूलों के शिक्षकों ने कहा कि तहरी बेहद घटिया थी। जिसे देखकर लग रहा था कि वह बच्चों को खिलाने लायक नहीं है। उच्च प्राथमिक स्कूल की प्रधानाध्यापिका शहाना बी ने कहा कि उन्हें तो बुधवार को पता चला है कि एनजीओ को भोजन की जिम्मेदारी दे दी गई है। प्राथमिक स्कूल द्वितीय के प्रधानाध्यापक सत्यवीर सिंह ने कहा कि नयी व्यवस्था से परेशानी बढ़ गई है। बर्तनों को कौन धोएगा यह समस्या रहती है। पहले रसोइया उन्हें साफ करतीं थीं। बताया कि भोजन वापस करने पर स्कूल स्तर पर खुद ही भोजन बनवाकर बच्चों को खिलवाया गया। साथ ही कई बच्चों को समोसे खिलवाए गए।
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रुदायन। कस्बे के स्कूलों में भोजन की व्यवस्था विभाग की ओर से रामपुर के एनजीओ को दी गई है। एनजीओ द्वारा जो भोजन दिया जा रहा है वह घटिया स्तर का बताया जा रहा है। बच्चों और उनके अभिभावकों में रोष है। बुधवार को प्राथमिक स्कूल में तहरी भेजी गई। उसे जब बच्चों को दिया गया तो उसमें बदबू आ रही थी। बच्चों ने उसे चखने की जगह कूड़ेदान में डाल दिया। बच्चों ने इसकी शिकायत घर पहुंचकर अपने अभिभावकों से की। तब कुछ अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर तहरी को देखा। उन्हें भी तहरी में बदबू आ रही थी। तब उन्होंने स्कूल में हंगामा शुरू कर दिया। शिक्षकों ने किसी तरह अभिभावकों को समझा-बुझाकर शांत किया। बताया कि इस मामले से वह विभागीय अधिकारियों को अवगत करा रहे हैं। बच्चों को ऐेसा भोजन नहीं खिलवाया जाएगा। प्रधानाध्यापिका पारुल सागर ने कहा कि उच्चाधिकारियों को इस बारे मेें बता दिया गया है।
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एक नवंबर से जिले के नगरीय क्षेत्र में एनजीओ द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे भोजन को लेकर पहले दिन से ही सवाल उठ रहे थे। ज्यादातर स्कूलों के शिक्षकों की शिकायत की थी कि एमडीएम की गुणवत्ता इतनी घटिया है कि बच्चों को खिलाना उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने जैसा है।
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दातागंज। नगर क्षेत्र में सात परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। बुधवार को एनजीओ वाले एमडीएम को लेकर स्कूलों में पहुंचे। आरोप है कि एमडीएम खराब होने की वजह से सभी स्कूलों के स्टाफ और बच्चों ने लौटा दिया। इन स्कूलों के शिक्षकों ने कहा कि तहरी बेहद घटिया थी। जिसे देखकर लग रहा था कि वह बच्चों को खिलाने लायक नहीं है। उच्च प्राथमिक स्कूल की प्रधानाध्यापिका शहाना बी ने कहा कि उन्हें तो बुधवार को पता चला है कि एनजीओ को भोजन की जिम्मेदारी दे दी गई है। प्राथमिक स्कूल द्वितीय के प्रधानाध्यापक सत्यवीर सिंह ने कहा कि नयी व्यवस्था से परेशानी बढ़ गई है। बर्तनों को कौन धोएगा यह समस्या रहती है। पहले रसोइया उन्हें साफ करतीं थीं। बताया कि भोजन वापस करने पर स्कूल स्तर पर खुद ही भोजन बनवाकर बच्चों को खिलवाया गया। साथ ही कई बच्चों को समोसे खिलवाए गए।
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रुदायन। कस्बे के स्कूलों में भोजन की व्यवस्था विभाग की ओर से रामपुर के एनजीओ को दी गई है। एनजीओ द्वारा जो भोजन दिया जा रहा है वह घटिया स्तर का बताया जा रहा है। बच्चों और उनके अभिभावकों में रोष है। बुधवार को प्राथमिक स्कूल में तहरी भेजी गई। उसे जब बच्चों को दिया गया तो उसमें बदबू आ रही थी। बच्चों ने उसे चखने की जगह कूड़ेदान में डाल दिया। बच्चों ने इसकी शिकायत घर पहुंचकर अपने अभिभावकों से की। तब कुछ अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर तहरी को देखा। उन्हें भी तहरी में बदबू आ रही थी। तब उन्होंने स्कूल में हंगामा शुरू कर दिया। शिक्षकों ने किसी तरह अभिभावकों को समझा-बुझाकर शांत किया। बताया कि इस मामले से वह विभागीय अधिकारियों को अवगत करा रहे हैं। बच्चों को ऐेसा भोजन नहीं खिलवाया जाएगा। प्रधानाध्यापिका पारुल सागर ने कहा कि उच्चाधिकारियों को इस बारे मेें बता दिया गया है।