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बच्चों ने पिता को निर्दोष बताया तब हो पाया विवाहिता का अंतिम संस्कार
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उझानी (बदायूं)। संजरपुर निवासी विवाहिता की मंगलवार रात इलाज को बरेली ले जाते समय रास्ते में मौत के बाद बुधवार तड़के मायके वालों ने गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। उन्होंने पुलिस को भी मौके पर बुला लिया लेकिन बच्चों ने पुलिस और परिजनों के सामने हकीकत बयां की तो मायके वालों के तेवर शांत पड़ गए। करीब 12 घंटे तक चली पसोपेश के बीच मायके वालों ने पुलिस कार्रवाई से इंकार किया तब कहीं जाकर दोपहर में उसके शव का अंतिम संस्कार हो पाया।
कोतवाली क्षेत्र के गांव संजरपुर निवासी लक्ष्मी (32) पत्नी अजय कुमार की मंगलवार शाम हालत बिगड़ गई थी। पति और परिजन उसे लेकर पहले निजी चिकित्सक के पास पहुंचे, हालत में सुधार नहीं होने पर वह उसे लेकर बरेली को चल पड़े। बकौल अजय, रास्ते में लक्ष्मी की मौत हो गई। इसके बाद घरवाले शव संजरपुर ले आए। इसकी भनक लक्ष्मी के चाचा संतोष को लगी तो उसने अपने पिता कोतवाली क्षेत्र के ही गांव रनऊ निवासी काशीराम को फोन करके तड़के गांव बुला लिया। काशीराम समेत उसके परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मृतका लक्ष्मी का एक बेटा और दो बेटियां हैं। बात जब बच्चों के बयान पर आई तो बेटी समेत तीनों बच्चों ने मां को बीमार बताकर पिता का ही पक्ष रखा। उन्होंने घर में किसी तरह की कलह से भी इंकार कर दिया। इस पर मायके वालों ने भी पुलिस कार्रवाई से इंकार कर दिया। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि काशीराम ने कोतवाली में लिखकर दे दिया है कि लक्ष्मी की मौत बीमारी से हुई है। दोपहर बाद शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव संजरपुर निवासी लक्ष्मी (32) पत्नी अजय कुमार की मंगलवार शाम हालत बिगड़ गई थी। पति और परिजन उसे लेकर पहले निजी चिकित्सक के पास पहुंचे, हालत में सुधार नहीं होने पर वह उसे लेकर बरेली को चल पड़े। बकौल अजय, रास्ते में लक्ष्मी की मौत हो गई। इसके बाद घरवाले शव संजरपुर ले आए। इसकी भनक लक्ष्मी के चाचा संतोष को लगी तो उसने अपने पिता कोतवाली क्षेत्र के ही गांव रनऊ निवासी काशीराम को फोन करके तड़के गांव बुला लिया। काशीराम समेत उसके परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मृतका लक्ष्मी का एक बेटा और दो बेटियां हैं। बात जब बच्चों के बयान पर आई तो बेटी समेत तीनों बच्चों ने मां को बीमार बताकर पिता का ही पक्ष रखा। उन्होंने घर में किसी तरह की कलह से भी इंकार कर दिया। इस पर मायके वालों ने भी पुलिस कार्रवाई से इंकार कर दिया। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि काशीराम ने कोतवाली में लिखकर दे दिया है कि लक्ष्मी की मौत बीमारी से हुई है। दोपहर बाद शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
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