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मन में रखें विश्वास, मां-बाप को बनाए मित्र, बिना संकोच करें बात
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‘मन में रखें विश्वास, माता-पिता को बनाएं मित्र, बिना संकोच कहें बात’
अमर उजाला के अभियान ‘अपराजिता’ के तहत आयोजित पुलिस की पाठशाला
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। अमर उजाला की ओर से सोमवार को गिंदो देवी महिला महाविद्यालय में महिला सुरक्षा को लेकर अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के तहत पुलिस की पाठशाला आयोजित की गई। इसमें छात्राओं को कानून, आत्म सुरक्षा, महिलाओं के अधिकार, ट्रैफिक नियमों और साइबर क्राइम संबंधी जानकारियां दी गईं। अधिकारियों ने बताया कि संकट के समय छात्राएं क्या करें और कैसे खुद को सुरक्षित रख सकती हैं? छात्राएं मन में विश्वास रखें, माता-पिता को मित्र बनाएं, बिना संकोच बात कहें।
अमर उजाला की पुलिस पाठशाला में मुख्य अतिथि नगर पालिका चेयरमैन दीपमाला गोयल रहीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए ज्यादा जरूरी आत्मविश्वास है। जब तक महिलाओं और छात्राओं में आत्मविश्वास नहीं जागेगा तब तक वे आगे नहीं बढ़ सकतीं। इसलिए अपनी इच्छाओं को मारिए मत, उनको बाहर लाएं और समाज में फैली बुराई का मुकाबला करते हुए आगे बढ़ें। विशिष्ट अतिथि सीओ उझानी एवं ट्रैफिक का प्रभार संभाले भूषण वर्मा ने कहा कि अमर उजाला का यह कार्यक्रम ‘अपराजिता’ यानि जिस पर विजय पाना नामुमकिन हो प्रशंसनीय है। महिलाओं को अपनी शक्ति पहचानना चाहिए। कहीं किसी महिला के साथ अन्याय हो रहा हो तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा संबंधी वूमेन पॉवर हेल्पलाइन नंबर 1090, यूपी 100 पुलिस, एंटी रोमियो हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। साथ ही छात्राओं का हौसला अफजाई करते हुए मैरीकॉम की तरह आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
महिला थाना प्रभारी शर्मिला शर्मा ने छात्राओं को आत्म रक्षा के गुर बताए। उन्होंने साइबर क्राइम के बारे में बताया। कहा कि मोबाइल सूचना का अच्छा साधन है, लेकिन बहुत बुरा भी है। एसओ ने कहा कि मोबाइल, वाट्सएप और फेसबुक चलाते समय बेहद सावधान रहें। दोस्ती बनाएं, लेकिन सामने वाले की मंशा खतरनाक तो नहीं इस पर जरूर ध्यान दें। एसओ ने बताया कि कहा कि छात्राएं बॉलपेन, ऑलपिन और हेयरपिन अपने साथ रखें। जरूरत पढ़ने पर इनका उपयोग करें। मिर्च पाउडर आंखों में झोंक सकती हैं, जिससे उचक्के नजदीक नहीं भटकेंगे। कार्यक्रम के शुरू में छात्रा सुमन, लक्ष्मी और नैंसी ने मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की। वहीं छात्रा उमा और रजनी ने स्वागत गीत गाया।
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प्राचार्य डॉ. साधना अग्रवाल, प्रवक्ता उमासिंह गौर और श्रद्धा यादव ने भी छात्राओं को आत्मसुरक्षा का पाठ पढ़ाया। संचालन डॉ. शुभ्रा माहेश्वरी ने किया। कार्यक्रम में कॉलेज प्रबंध समिति अध्यक्ष विनय प्रकाश रस्तोगी, डॉ. निशि अवस्थी, डॉ. सुमन सिंह, डॉ. इंदू शर्मा, एकता शंखधार, उमंग गुप्ता, शिखा पांडे, डॉ. कल्पना राजपूत और डॉ. तरुणलता आदि मौजूद रहे।
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‘अन्याय सहें नहीं, पुलिस की मदद लें’
अमर उजाला का कार्यक्रम अपराजिता वाकई सराहनीय है। आज के दौर में महिलाओं को जागरूक होने की जरूरत है। जब तक उन्हें अपनी शक्ति का अहसास नहीं होगा, तब तक उन पर अन्याय और अत्याचार होते रहेंगे। इसलिए सहें नहीं, तुरंत पुलिस को सूचना दें।
-ओमकार सिंह, शहर कोतवाल
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‘डरें नहीं, मुकाबला करें’
महिलाओं की सुरक्षा को कई कानून बन चुके हैं। उन्हें डरने की जरूरत नहीं है फिर भी वे कोई कार्रवाई करने से डरती हैं। ऐसी महिलाओं को हौसला अफजाई की जरूरत है, जिससे वे खुद अन्याय का मुकाबला कर सकें।
- रजनी, छात्रा
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‘छेड़खानी करने वाले से घबराएं नहीं’
अगर कोई व्यक्ति किसी लड़की से छेड़खानी करता है तो घबराना नहीं चाहिए। सबसे पहले शोर मचाना चाहिए। अगर कोई आसपास न हो तो पेन या ऑलपिन अपने साथ रखें और उसके मार दें, जिससे वह भाग जाएगा।
-शीतल शर्मा, छात्रा
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‘अपनी शक्ति को पहचानें’
कॉलेज आने की शुरुआत में हमें बहुत परेशानी हुई। कुछ लड़के परेशान करते थे। मैं उनसे डरी नहीं, उनका डटकर मुकाबला किया। आज स्थिति यह है कि वह नजदीक आने की हिम्मत नहीं करते। हमारी बहनों को भी अपनी शक्ति पहचानना होगा।
-दीक्षा प्रभाकर, छात्रा
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‘डरें नहीं, शोर मचाएं’
सुरक्षा के लिहाज से महिलाओं का पहला हथियार उनकी आवाज है। आज का माहौल ऐसा है कि अगर महिला बीच बाजार किसी से कुछ कह दे तो दर्जनों लोग उसके साथ आ जाएंगे। बस कहने की हिम्मत चाहिए, उसी को जागृत करने की जरूरत है।
-नैंसी, छात्रा
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‘मन में रखें विश्वास, माता-पिता को बनाएं मित्र, बिना संकोच कहें बात’
अमर उजाला के अभियान ‘अपराजिता’ के तहत आयोजित पुलिस की पाठशाला
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। अमर उजाला की ओर से सोमवार को गिंदो देवी महिला महाविद्यालय में महिला सुरक्षा को लेकर अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के तहत पुलिस की पाठशाला आयोजित की गई। इसमें छात्राओं को कानून, आत्म सुरक्षा, महिलाओं के अधिकार, ट्रैफिक नियमों और साइबर क्राइम संबंधी जानकारियां दी गईं। अधिकारियों ने बताया कि संकट के समय छात्राएं क्या करें और कैसे खुद को सुरक्षित रख सकती हैं? छात्राएं मन में विश्वास रखें, माता-पिता को मित्र बनाएं, बिना संकोच बात कहें।
अमर उजाला की पुलिस पाठशाला में मुख्य अतिथि नगर पालिका चेयरमैन दीपमाला गोयल रहीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए ज्यादा जरूरी आत्मविश्वास है। जब तक महिलाओं और छात्राओं में आत्मविश्वास नहीं जागेगा तब तक वे आगे नहीं बढ़ सकतीं। इसलिए अपनी इच्छाओं को मारिए मत, उनको बाहर लाएं और समाज में फैली बुराई का मुकाबला करते हुए आगे बढ़ें। विशिष्ट अतिथि सीओ उझानी एवं ट्रैफिक का प्रभार संभाले भूषण वर्मा ने कहा कि अमर उजाला का यह कार्यक्रम ‘अपराजिता’ यानि जिस पर विजय पाना नामुमकिन हो प्रशंसनीय है। महिलाओं को अपनी शक्ति पहचानना चाहिए। कहीं किसी महिला के साथ अन्याय हो रहा हो तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा संबंधी वूमेन पॉवर हेल्पलाइन नंबर 1090, यूपी 100 पुलिस, एंटी रोमियो हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। साथ ही छात्राओं का हौसला अफजाई करते हुए मैरीकॉम की तरह आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
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महिला थाना प्रभारी शर्मिला शर्मा ने छात्राओं को आत्म रक्षा के गुर बताए। उन्होंने साइबर क्राइम के बारे में बताया। कहा कि मोबाइल सूचना का अच्छा साधन है, लेकिन बहुत बुरा भी है। एसओ ने कहा कि मोबाइल, वाट्सएप और फेसबुक चलाते समय बेहद सावधान रहें। दोस्ती बनाएं, लेकिन सामने वाले की मंशा खतरनाक तो नहीं इस पर जरूर ध्यान दें। एसओ ने बताया कि कहा कि छात्राएं बॉलपेन, ऑलपिन और हेयरपिन अपने साथ रखें। जरूरत पढ़ने पर इनका उपयोग करें। मिर्च पाउडर आंखों में झोंक सकती हैं, जिससे उचक्के नजदीक नहीं भटकेंगे। कार्यक्रम के शुरू में छात्रा सुमन, लक्ष्मी और नैंसी ने मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की। वहीं छात्रा उमा और रजनी ने स्वागत गीत गाया।
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प्राचार्य डॉ. साधना अग्रवाल, प्रवक्ता उमासिंह गौर और श्रद्धा यादव ने भी छात्राओं को आत्मसुरक्षा का पाठ पढ़ाया। संचालन डॉ. शुभ्रा माहेश्वरी ने किया। कार्यक्रम में कॉलेज प्रबंध समिति अध्यक्ष विनय प्रकाश रस्तोगी, डॉ. निशि अवस्थी, डॉ. सुमन सिंह, डॉ. इंदू शर्मा, एकता शंखधार, उमंग गुप्ता, शिखा पांडे, डॉ. कल्पना राजपूत और डॉ. तरुणलता आदि मौजूद रहे।
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‘अन्याय सहें नहीं, पुलिस की मदद लें’
अमर उजाला का कार्यक्रम अपराजिता वाकई सराहनीय है। आज के दौर में महिलाओं को जागरूक होने की जरूरत है। जब तक उन्हें अपनी शक्ति का अहसास नहीं होगा, तब तक उन पर अन्याय और अत्याचार होते रहेंगे। इसलिए सहें नहीं, तुरंत पुलिस को सूचना दें।
-ओमकार सिंह, शहर कोतवाल
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‘डरें नहीं, मुकाबला करें’
महिलाओं की सुरक्षा को कई कानून बन चुके हैं। उन्हें डरने की जरूरत नहीं है फिर भी वे कोई कार्रवाई करने से डरती हैं। ऐसी महिलाओं को हौसला अफजाई की जरूरत है, जिससे वे खुद अन्याय का मुकाबला कर सकें।
- रजनी, छात्रा
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‘छेड़खानी करने वाले से घबराएं नहीं’
अगर कोई व्यक्ति किसी लड़की से छेड़खानी करता है तो घबराना नहीं चाहिए। सबसे पहले शोर मचाना चाहिए। अगर कोई आसपास न हो तो पेन या ऑलपिन अपने साथ रखें और उसके मार दें, जिससे वह भाग जाएगा।
-शीतल शर्मा, छात्रा
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‘अपनी शक्ति को पहचानें’
कॉलेज आने की शुरुआत में हमें बहुत परेशानी हुई। कुछ लड़के परेशान करते थे। मैं उनसे डरी नहीं, उनका डटकर मुकाबला किया। आज स्थिति यह है कि वह नजदीक आने की हिम्मत नहीं करते। हमारी बहनों को भी अपनी शक्ति पहचानना होगा।
-दीक्षा प्रभाकर, छात्रा
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‘डरें नहीं, शोर मचाएं’
सुरक्षा के लिहाज से महिलाओं का पहला हथियार उनकी आवाज है। आज का माहौल ऐसा है कि अगर महिला बीच बाजार किसी से कुछ कह दे तो दर्जनों लोग उसके साथ आ जाएंगे। बस कहने की हिम्मत चाहिए, उसी को जागृत करने की जरूरत है।
-नैंसी, छात्रा