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अतिक्रमण, अवैध कब्जा व ट्रैफिक नियमों की अनदेखी से सड़कें जाम
Updated Fri, 08 Jun 2018 07:48 PM IST
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अतिक्रमण हटे तो बदल सकती है सड़कों की सूरत
अतिक्रमण, अवैध कब्जों और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी से सड़कें जाम
बाजार में सड़कों पर रखा है सामान, अव्यवस्थित खड़े रहते हैं वाहन
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। प्रशासन, पुलिस और नगर पालिका ने अतिक्रमण विरोधी अभियान कई बार चलाया, मगर हर बार इसका असर अधिक दिनों तक नहीं रहा। शहर के अधिकतर इलाकों में अतिक्रमण की वजह से सड़कें सिकुड़कर पतली हो गई हैं। इससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। कई बार तो पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। दुकानों के आगे फैला सामान और उनके आगे लगे ठेले-फड़ वाले सड़क घेरे रहते हैं। कुछ इलाकों में अवैध रूप से दुकानें लगी रहती हैं। अतिक्रमण के अलावा शहर की हालत अस्थायी स्टैंडों ने बिगाड़ रखी है तो रही सही ट्रैफिक व्यवस्था टेंपो और ई-रिक्शा वालों ने बिगाड़ दी है। जहां मन में आता है, वहीं अपना वाहन रोक लेते हैं। चाहे कितना जाम लगा हो, जहां चाहते हैं वहीं से ई-रिक्शा मोड़ लेते हैं। सवारियां सड़क पर ई रिक्शा लगाकर बैठाते हैं। पीछे लाइन में कितने वाहन लगे हैं। इससे उन पर कोई फर्क नहीं पड़ता। शहर में जाम लगने का मुख्य कारण यही है।
शहर के बीच कई दूध की डेयरियां चल रहीं हैं। यहां पाले जाने वाले पशु दिन में खोल दिए जाते हैं। जो शहर के मार्गों पर जहां-तहां घूमते रहते हैं। शहर के गद्दी चौक का तो सबसे बुरा हाल है। यहां सड़क के दोनों ओर पशु बंधे रहते हैं। वहीं लावेला चौक से लेकर कचहरी, नेकपुर, इस्लामियां इंटर कॉलेज, लालपुल, टिकटगंज, काली सड़क आदि इलाकों में आवारा पशुओं का जमघट रहता है। यह पशु बीच रोड पर ही बैठ जाते हैं। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए कई बार शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा चुका है। इनमें कई स्थान ऐसे हैं, जहां एक नहीं, बल्कि कई बार अभियान चलाया गया। इसके बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं आया। आज शहर की हालत ऐसी है, कि लगातार सड़कों पर जाम लग रहा है। जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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इन स्थानों पर लगता है जाम
इस समय शहर में सबसे बुरी हालत गांधी ग्राउंड रोड की है। यहां एक क्लीनिक और मॉल की वजह कभी भी जाम लग जाता है। इनके बाहर वाहन खड़े रहते हैं। जिससे निकलना दूभर हो जाता है। कुछ आगे शिव मंदिर के पास मैजिक वाहनों की लाइन लगी रहती है। वहीं गद्दी चौक, लावेला चौक, कश्मीरी होटल, दातागंज तिराहा, नई सराय बड़ा गेट, बीएसएनएल ऑफिस के बाहर, पुरानी चुंगी, शहबाजपुर तिराहा, रोडवेज, महाराणा प्रताप चौक, कचहरी तिराहा, लालपुल तिराहा आदि स्थानों पर आए दिन जाम लग जाता है।
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सड़कों पर चल रहीं वेल्डिंग की दुकानें
शहर के दातागंज तिराहे से लेकर पुरानी चुंगी तक लाइन से वेल्डिंग की कई दुकानें हैं। इन दुकानों में मरम्मत का कार्य सड़कों पर होता है। यहां आने वाले वाहन सड़क पर खड़े रहते हैं। ट्रक, ट्रॉली का निर्माण भी सड़कों पर होता हैं। इस वजह से सड़क का अधिकतर हिस्सा घिर जाता है। इधर से गुजरने वाले वाहनों की रफ्तार कम हो जाती है। रास्ते में कोई वाहन आ जाए तो जाम भी लग जाता है।
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सड़कों तक फैला बजरी-बजरफुट का कारोबार
शहर की अधिकतर बिल्डिंग मैटेरियल की दुकानों का सामान सड़क तक फैला है। वजीरगंज रोड पर स्थित एक दुकान के बजरी-बजरफुट से एमएफ हाईवे ही घिर गया है। इसी तरह दातागंज, उसावां और अलापुर मार्ग पर कई दुकानें चल रहीं हैं। जिनका सामान सड़कों पर बिक रहा है। पिछले दिनों उसावां मार्ग पर फैली बजरी की वजह से हादसा हो गया था, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई थी।
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नहीं सुधरेंगे रोडवेज स्टैंड के हालात
रोडवेज स्टैंड के बाहर जाम नहीं लगे इसके लिए पुलिस और एआरटीओ कई बार अभियान चला चुके हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग भी हुई थी। इसके बावजूद सड़क पर बसें लगा कर सवारियां भरी जा रही हैं। रोडवेज चौराहे पर प्राइवेट वाहन भी खड़े रहते हैं और सवारियां भर कर यातायात व्यवस्था को चौपट कर रहे हैं।
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क्या कहते हैं शहरवासी
फोटो-7
शहर की हालत ऐसी है कि पता नहीं कब जाम लग जाए। इससे सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को होती है। उन्हें बाजार जाने के लिए कई मुसीबतें झेलनी पड़ती हैं। कभी-कभी पैदल निकला मुश्किल हो जाता है। इसके लिए टेंपो और ई-रिक्शा वालों को कंट्रोल किया जाए। तभी सही रहेगा।
-अंजली अग्रवाल, इंदिरा चौक
फोटो-8
शहर में निकलते समय ऐसा लगता है कि टेंपो और ई-रिक्शा वालों को ट्रैफिक नियमों का कोई ज्ञान ही नहीं है। मन में आता है, वहीं रोक देते है। जाम लगा देते हैं। इससे सबसे बड़ी परेशानी पीछे आने वालों को होती है।
-अनुज चौहान, आवास विकास
फोटो-9
शहर में जाम लगना कोई नई बात नहीं है। यहां तो रोज आते हैं और रोज परेशान होते हैं। परंतु सवाल उठता है कि जिले की ट्रैफिक पुलिस क्या कर रही है। यह काम तो ट्रैफिक पुलिस का है। व्यवस्था में सुधार लाए तो क्या नहीं हो सकता।
-उमेश, मुजाहिदपुर
फोटो-10
यहां जाम लगता है तो पुलिस वाले खुलवा देते हैं लेकिन जब बरेली रोड पर जाम लगता है तो कोई खुलवाने नहीं जाता। दातागंज तिराहे पर तो लोग कटिया डालकर वेल्डिंग कर रहे हैं और उनका सामान सड़कों पर फैला है।
-रिशी अग्रवाल, लावेला चौक
वर्जन-
शहर में अतिक्रमण और सफाई दो समस्याएं हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है लेकिन जल्द ही उन्हें इन समस्याओं से निजात मिल जाएगी। फिलहाल शहर में सफाई को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
-संजय कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
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हमने शहर के बड़े बाजार में पूरा सुधार करा दिया है। अब वहां रिक्शा वाले तक नहीं जा रहे हैं। रोडवेज स्टैंड और लावेला चौक पर ट्रैफिक पुलिस तैनात रहती है। इसके बावजूद यहां जाम लगता है या अन्य स्थानों पर स्थिति खराब है तो जरूर सुधार किया जाएगा। इसके लिए अभियान चलवाएंगे।
-सुनील कुमार, टीएसआई
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अतिक्रमण हटे तो बदल सकती है सड़कों की सूरत
अतिक्रमण, अवैध कब्जों और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी से सड़कें जाम
बाजार में सड़कों पर रखा है सामान, अव्यवस्थित खड़े रहते हैं वाहन
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। प्रशासन, पुलिस और नगर पालिका ने अतिक्रमण विरोधी अभियान कई बार चलाया, मगर हर बार इसका असर अधिक दिनों तक नहीं रहा। शहर के अधिकतर इलाकों में अतिक्रमण की वजह से सड़कें सिकुड़कर पतली हो गई हैं। इससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। कई बार तो पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। दुकानों के आगे फैला सामान और उनके आगे लगे ठेले-फड़ वाले सड़क घेरे रहते हैं। कुछ इलाकों में अवैध रूप से दुकानें लगी रहती हैं। अतिक्रमण के अलावा शहर की हालत अस्थायी स्टैंडों ने बिगाड़ रखी है तो रही सही ट्रैफिक व्यवस्था टेंपो और ई-रिक्शा वालों ने बिगाड़ दी है। जहां मन में आता है, वहीं अपना वाहन रोक लेते हैं। चाहे कितना जाम लगा हो, जहां चाहते हैं वहीं से ई-रिक्शा मोड़ लेते हैं। सवारियां सड़क पर ई रिक्शा लगाकर बैठाते हैं। पीछे लाइन में कितने वाहन लगे हैं। इससे उन पर कोई फर्क नहीं पड़ता। शहर में जाम लगने का मुख्य कारण यही है।
शहर के बीच कई दूध की डेयरियां चल रहीं हैं। यहां पाले जाने वाले पशु दिन में खोल दिए जाते हैं। जो शहर के मार्गों पर जहां-तहां घूमते रहते हैं। शहर के गद्दी चौक का तो सबसे बुरा हाल है। यहां सड़क के दोनों ओर पशु बंधे रहते हैं। वहीं लावेला चौक से लेकर कचहरी, नेकपुर, इस्लामियां इंटर कॉलेज, लालपुल, टिकटगंज, काली सड़क आदि इलाकों में आवारा पशुओं का जमघट रहता है। यह पशु बीच रोड पर ही बैठ जाते हैं। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए कई बार शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा चुका है। इनमें कई स्थान ऐसे हैं, जहां एक नहीं, बल्कि कई बार अभियान चलाया गया। इसके बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं आया। आज शहर की हालत ऐसी है, कि लगातार सड़कों पर जाम लग रहा है। जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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इन स्थानों पर लगता है जाम
इस समय शहर में सबसे बुरी हालत गांधी ग्राउंड रोड की है। यहां एक क्लीनिक और मॉल की वजह कभी भी जाम लग जाता है। इनके बाहर वाहन खड़े रहते हैं। जिससे निकलना दूभर हो जाता है। कुछ आगे शिव मंदिर के पास मैजिक वाहनों की लाइन लगी रहती है। वहीं गद्दी चौक, लावेला चौक, कश्मीरी होटल, दातागंज तिराहा, नई सराय बड़ा गेट, बीएसएनएल ऑफिस के बाहर, पुरानी चुंगी, शहबाजपुर तिराहा, रोडवेज, महाराणा प्रताप चौक, कचहरी तिराहा, लालपुल तिराहा आदि स्थानों पर आए दिन जाम लग जाता है।
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सड़कों पर चल रहीं वेल्डिंग की दुकानें
शहर के दातागंज तिराहे से लेकर पुरानी चुंगी तक लाइन से वेल्डिंग की कई दुकानें हैं। इन दुकानों में मरम्मत का कार्य सड़कों पर होता है। यहां आने वाले वाहन सड़क पर खड़े रहते हैं। ट्रक, ट्रॉली का निर्माण भी सड़कों पर होता हैं। इस वजह से सड़क का अधिकतर हिस्सा घिर जाता है। इधर से गुजरने वाले वाहनों की रफ्तार कम हो जाती है। रास्ते में कोई वाहन आ जाए तो जाम भी लग जाता है।
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सड़कों तक फैला बजरी-बजरफुट का कारोबार
शहर की अधिकतर बिल्डिंग मैटेरियल की दुकानों का सामान सड़क तक फैला है। वजीरगंज रोड पर स्थित एक दुकान के बजरी-बजरफुट से एमएफ हाईवे ही घिर गया है। इसी तरह दातागंज, उसावां और अलापुर मार्ग पर कई दुकानें चल रहीं हैं। जिनका सामान सड़कों पर बिक रहा है। पिछले दिनों उसावां मार्ग पर फैली बजरी की वजह से हादसा हो गया था, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई थी।
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नहीं सुधरेंगे रोडवेज स्टैंड के हालात
रोडवेज स्टैंड के बाहर जाम नहीं लगे इसके लिए पुलिस और एआरटीओ कई बार अभियान चला चुके हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग भी हुई थी। इसके बावजूद सड़क पर बसें लगा कर सवारियां भरी जा रही हैं। रोडवेज चौराहे पर प्राइवेट वाहन भी खड़े रहते हैं और सवारियां भर कर यातायात व्यवस्था को चौपट कर रहे हैं।
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क्या कहते हैं शहरवासी
फोटो-7
शहर की हालत ऐसी है कि पता नहीं कब जाम लग जाए। इससे सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को होती है। उन्हें बाजार जाने के लिए कई मुसीबतें झेलनी पड़ती हैं। कभी-कभी पैदल निकला मुश्किल हो जाता है। इसके लिए टेंपो और ई-रिक्शा वालों को कंट्रोल किया जाए। तभी सही रहेगा।
-अंजली अग्रवाल, इंदिरा चौक
फोटो-8
शहर में निकलते समय ऐसा लगता है कि टेंपो और ई-रिक्शा वालों को ट्रैफिक नियमों का कोई ज्ञान ही नहीं है। मन में आता है, वहीं रोक देते है। जाम लगा देते हैं। इससे सबसे बड़ी परेशानी पीछे आने वालों को होती है।
-अनुज चौहान, आवास विकास
फोटो-9
शहर में जाम लगना कोई नई बात नहीं है। यहां तो रोज आते हैं और रोज परेशान होते हैं। परंतु सवाल उठता है कि जिले की ट्रैफिक पुलिस क्या कर रही है। यह काम तो ट्रैफिक पुलिस का है। व्यवस्था में सुधार लाए तो क्या नहीं हो सकता।
-उमेश, मुजाहिदपुर
फोटो-10
यहां जाम लगता है तो पुलिस वाले खुलवा देते हैं लेकिन जब बरेली रोड पर जाम लगता है तो कोई खुलवाने नहीं जाता। दातागंज तिराहे पर तो लोग कटिया डालकर वेल्डिंग कर रहे हैं और उनका सामान सड़कों पर फैला है।
-रिशी अग्रवाल, लावेला चौक
वर्जन-
शहर में अतिक्रमण और सफाई दो समस्याएं हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है लेकिन जल्द ही उन्हें इन समस्याओं से निजात मिल जाएगी। फिलहाल शहर में सफाई को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
-संजय कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
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हमने शहर के बड़े बाजार में पूरा सुधार करा दिया है। अब वहां रिक्शा वाले तक नहीं जा रहे हैं। रोडवेज स्टैंड और लावेला चौक पर ट्रैफिक पुलिस तैनात रहती है। इसके बावजूद यहां जाम लगता है या अन्य स्थानों पर स्थिति खराब है तो जरूर सुधार किया जाएगा। इसके लिए अभियान चलवाएंगे।
-सुनील कुमार, टीएसआई