650 शिक्षामित्रों को बंटे नियुक्ति पत्र
शिक्षामित्रों के लिए वह दिन आ ही गया जिसके लिए वह लंबे अरसे से इंतजार कर रहे थे। द्वितीय बैच के शिक्षामित्रों से किए वादे के अनुसार सोमवार को बीएसए कृपा शंकर वर्मा ने नियुक्ति पत्र वितरित करा दिए। नगर शिक्षा संसाधन केंद्र(यूईआरसी) में जिले के सभी ब्लॉकों से एबीआरसी को बुलाकर नियुक्ति पत्र दे दिए गए। बीआरसी केंद्र पर बीईओ प्रत्येक शिक्षामित्रों को नियुक्ति पत्र बांटेंगे। किसी को दिक्कत न हों, लिहाजा इस बार यह व्यवस्था लागू की गई। वहीं अवकाश होने के बाद चेहरे पर खुशी लिए शिक्षामित्रों की भीड़ बेसिक दफ्तर व यूईआरसी के बाहर भी नजर आई, लेकिन जैसे ही एबीआरसी नियुक्ति पत्र लेकर बीआरसी केंद्र को रवाना हुए, भीड़ भी छंटती चली गई। रिक्त पदों के सापेक्ष 650 शिक्षामित्रों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं।
जिले में प्रथम बैच के शिक्षामित्रों की ज्वाइनिंग पहले ही हो चुकी है। अब दूसरे बैच के रिक्त 1566 करीब शिक्षामित्रों को समायोजित करने की कार्रवाई बढाई गई। चूंकि जिले में पद 650 थे, लिहाजा पहले इतने ही शिक्षामित्रों को नियमित करने का निर्णय लिया गया। लेकिन यह बात इसमें नहीं आ पा रहे शिक्षामित्रों को गवारा नहीं हुआ और उन्होंने बेसिक दफ्तर के बाहर हंगामा काटना शुरू कर दिया और पहले प्रमोशन की मांग उठानी शुरू कर दी। अव्यवस्था को देख बीएसए को जारी विज्ञप्ति को अग्रिम आदेश के लिए निरस्त करना पड़ा। वहीं 650 की सूची में आ रहे शिक्षामित्रों ने इसका विरोध किया और शिक्षामित्र नेताओं पर भी आरोप लगाते हुए काउंसिलिंग कराने की मांग की। इस पर बीएसए ने सभी शिक्षामित्रों की काउंसिलिंग कराते हुए दस्तावेज जमा करा लिए और साथ में प्रमोशन प्रक्रिया भी शुरू करा दी, ताकि शिक्षामित्रों का समायेाजन हो सके। इसके अलावा पहले चक्र में पदों के हिसाब से 650 को नियुक्ति पत्र दिए जाने की भी बात कहीं। लिहाजा सोमवार को इसी क्रम में 650 शिक्षामित्रों को नियमानुसार नियुक्ति पत्र बीआरसी केंद्र के लिए दे दिए गए, मंगलवार को शिक्षामित्र बीईओ से नियुक्ति आदेश लेकर ज्वाइन कर सकेंगे। नियुक्ति आदेश की खुशी शिक्षामित्रों में साफ झलकी। बीएसए कृपा शंकर वर्मा ने बताया कि तय समय के अनुसार नियुक्ति पत्र दे दिए गए हैं। महिलाओं को विकल्प के अनुसार तथा पुरूषों के लिए रोस्टर प्रणाली से स्कूल आवंटित किए गए हैं। नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सभी शिक्षामित्रों को नियमित किया जा रहा है। यूईआरसी पर नीलेश सक्सेना, शेखर, कामेंद्र शर्मा, रामदास यादव आदि का सहयोग रहा।
शिक्षामित्र बोले, सूझबूझ से बीएसए ने उठाया कदम
एक तरफ शिक्षामित्रों का आक्रोश बढ़ता देख, वहीं दूसरी ओर 650 शिक्षामित्रों की समायोजित करने की मांग के बीच में फंसे बीएसए ने सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने एक साथ काउंसिलिंग कराने का निर्णय लिया। वहीं जूनियर में ढेरों आपत्तियां आने के कारण देरी को देखते हुए प्राइमरी में प्रमोशन की प्रक्रिया भी शुरू करा दी। ताकि एक तरफ जितने पद हैं उन्हें ज्वाइनिंग दी जा सके। वहीं शेष के लिए प्रमोशन के बाद पद रिक्त किए जा सकें। सोमवार को तमाम शिक्षामित्रों ने इसे लेकर बीएसए की सूझबूझ की सराहना की।