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समसपुर कूबरी पहुंचे संयुक्त निदेशक, माना फैला डिप्टीथीरिया
Updated Fri, 30 Nov 2018 08:15 PM IST
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समसपुर कूबरी पहुंचे संयुक्त निदेशक, माना फैला डिप्थीरिया
चिकित्सकों की टीम ने 150 बच्चों का किया चेकअप, चार बच्चों के लिए सैंपल
अमर उजाला ब्यूरो
उघैती (बदायूं)। लखनऊ से देर रात बदायूं पहुंचे संयुक्त निदेशक डॉ. हेमेंद्र कुमार अग्रवाल शुक्रवार सुबह अपनी टीम के साथ समसपुर कूबरी गांव पहुंचे। उन्होंने गांव का भ्रमण किया और उनकी टीम में शामिल चिकित्सकों की टीम ने कैंप लगाकर करीब डेढ़ सौ बच्चों का चेकअप किया। इनमें चार बच्चों के सैंपल भी लिए गए हैं। एक बच्चे में डिप्टीथीरिया के लक्षण मिले हैं।
सहसवान ब्लाक क्षेत्र के ग्राम समसपुर कूबरी में कुछ दिन पहले चार बच्चों की गला घोंटू बीमारी (डिप्टीथीरिया) से मौत हो गई थी। इसके अलावा कई बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया था। अब तक स्वास्थ्य विभाग गांव में फैली बीमारी को सामान्य मान रहा था। परंतु लगातार कई बच्चों के चपेट में आने पर मामला लखनऊ तक पहुंच गया। इस पर गुरुवार देर रात बदायूं पहुंचे संयुक्त निदेशक संचारी विभाग लखनऊ डॉ. हेमेंद्र कुमार अग्रवाल, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी संचारी विभाग लखनऊ डॉ. अभिषेक मिश्रा और स्टेट एपीडी स्वास्थ्य विभाग लखनऊ डॉ. राजेश सिंह शुक्रवार सुबह समसपुर कूबरी गांव पहुंचे। इनके साथ बदायूं से डॉ. कौशल गुप्ता, डॉ. कमर इकबाल, सहसवान से डॉ. गोविंद स्वणकेश, डॉ. इमरान सिद्दीकी, डॉ. आमिर हुसैन और डॉ. अकील भी पहुंचे। उसके बाद गांव में कैंप लगाकर बच्चों का चेकअप किया, फिर उन्हें दवाएं बांटी। इस दौरान करीब 150 बच्चों का एक-एक कर चेकअप किया गया। वहीं बच्चे शाहीन, ज्योति, सोनी और गोविंद के नाक और गले से लार का सैंपल लिया। इनमें एक बच्चे में गला घोंटू बीमारी के लक्षण मिले। यह सैंपल जिला अस्पताल भेजे गए हैं।
टीम ने गांव वालों को समझाया कि गांव में गंदगी न रखें और सड़े-गले फल नहीं खाएं। इससे बीमारी और बढ़ सकती है। टीम ने इस दौरान गांव का भ्रमण भी किया। कई जगह गंदगी पाई गई, जिस पर साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की।
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फैला डिप्टीथीरिया, अन्य बच्चों को खतरा
उघैती। शुक्रवार को गांव में जांच करने पहुंची टीम ने माना कि यह डिप्टीथीरिया रोग हो सकता है। एक बच्चे में इसके लक्षण मिले हैं। गला घोंटू की बीमारी वायरस से फैलती है। इससे अन्य बच्चों को खतरा हो सकता है। अब लोगों को और सावधानी बरतने की जरूरत है।
वर्जन---
गला घोंटू मौसमी बीमारी नहीं है। इसके वायरस होते हैं, एक दूसरे से बच्चों में पहुंचते हैं। एक बच्चे में गला घोंटू के लक्षण मिले हैं। लोगों को और सावधान रहने की जरूरत है। बाकी जानकारी सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
-डॉ. हेमेंद्र कुमार अग्रवाल, संयुक्त निदेशक संचारी विभाग लखनऊ
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समसपुर कूबरी पहुंचे संयुक्त निदेशक, माना फैला डिप्थीरिया
चिकित्सकों की टीम ने 150 बच्चों का किया चेकअप, चार बच्चों के लिए सैंपल
अमर उजाला ब्यूरो
उघैती (बदायूं)। लखनऊ से देर रात बदायूं पहुंचे संयुक्त निदेशक डॉ. हेमेंद्र कुमार अग्रवाल शुक्रवार सुबह अपनी टीम के साथ समसपुर कूबरी गांव पहुंचे। उन्होंने गांव का भ्रमण किया और उनकी टीम में शामिल चिकित्सकों की टीम ने कैंप लगाकर करीब डेढ़ सौ बच्चों का चेकअप किया। इनमें चार बच्चों के सैंपल भी लिए गए हैं। एक बच्चे में डिप्टीथीरिया के लक्षण मिले हैं।
सहसवान ब्लाक क्षेत्र के ग्राम समसपुर कूबरी में कुछ दिन पहले चार बच्चों की गला घोंटू बीमारी (डिप्टीथीरिया) से मौत हो गई थी। इसके अलावा कई बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया था। अब तक स्वास्थ्य विभाग गांव में फैली बीमारी को सामान्य मान रहा था। परंतु लगातार कई बच्चों के चपेट में आने पर मामला लखनऊ तक पहुंच गया। इस पर गुरुवार देर रात बदायूं पहुंचे संयुक्त निदेशक संचारी विभाग लखनऊ डॉ. हेमेंद्र कुमार अग्रवाल, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी संचारी विभाग लखनऊ डॉ. अभिषेक मिश्रा और स्टेट एपीडी स्वास्थ्य विभाग लखनऊ डॉ. राजेश सिंह शुक्रवार सुबह समसपुर कूबरी गांव पहुंचे। इनके साथ बदायूं से डॉ. कौशल गुप्ता, डॉ. कमर इकबाल, सहसवान से डॉ. गोविंद स्वणकेश, डॉ. इमरान सिद्दीकी, डॉ. आमिर हुसैन और डॉ. अकील भी पहुंचे। उसके बाद गांव में कैंप लगाकर बच्चों का चेकअप किया, फिर उन्हें दवाएं बांटी। इस दौरान करीब 150 बच्चों का एक-एक कर चेकअप किया गया। वहीं बच्चे शाहीन, ज्योति, सोनी और गोविंद के नाक और गले से लार का सैंपल लिया। इनमें एक बच्चे में गला घोंटू बीमारी के लक्षण मिले। यह सैंपल जिला अस्पताल भेजे गए हैं।
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टीम ने गांव वालों को समझाया कि गांव में गंदगी न रखें और सड़े-गले फल नहीं खाएं। इससे बीमारी और बढ़ सकती है। टीम ने इस दौरान गांव का भ्रमण भी किया। कई जगह गंदगी पाई गई, जिस पर साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की।
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फैला डिप्टीथीरिया, अन्य बच्चों को खतरा
उघैती। शुक्रवार को गांव में जांच करने पहुंची टीम ने माना कि यह डिप्टीथीरिया रोग हो सकता है। एक बच्चे में इसके लक्षण मिले हैं। गला घोंटू की बीमारी वायरस से फैलती है। इससे अन्य बच्चों को खतरा हो सकता है। अब लोगों को और सावधानी बरतने की जरूरत है।
वर्जन---
गला घोंटू मौसमी बीमारी नहीं है। इसके वायरस होते हैं, एक दूसरे से बच्चों में पहुंचते हैं। एक बच्चे में गला घोंटू के लक्षण मिले हैं। लोगों को और सावधान रहने की जरूरत है। बाकी जानकारी सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
-डॉ. हेमेंद्र कुमार अग्रवाल, संयुक्त निदेशक संचारी विभाग लखनऊ