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जिला अस्पताल पह़ुंचे एडी हैल्थ, अव्यवस्थाओं के मिले अंबार
Updated Tue, 04 Sep 2018 11:20 PM IST
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गंदी और बिना चादरों के मिले बेड, बेंचों पर लेटे मिले मरीज, नहीं मिली दवाइयां
जिला अस्पताल पहुंचे एडी हेल्थ, अव्यवस्थाओं के मिले अंबार
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। मंगलवार दोपहर एडी हेल्थ नरेंद्र कुमार के निरीक्षण में जिला अस्पताल प्रशासन की पोल खुल गई। दो-दो मरीजों का एक बेड पर इलाज होता मिला। गंदी और बिना चादरों के बेड मिले। कुछ मरीज बेंचों पर लेटे मिले। कई प्रमुख दवाइयां अस्पताल से गायब थीं। जिला अस्पताल में खामियां मिलने पर एडी हेल्थ ने नाराजगी जताई। साथ ही एक दिन में सुधार लाने के निर्देश दिए। सोमवार तक 52 लोगों की मौत हो चुकी थी, मंगलवार तक यह संख्या 58 पहुंच गई।
एडी हेल्थ नरेंद्र कुमार मंगलवार दोपहर करीब एक बजे जिला अस्पताल पहुंचे। इस दौरान अस्पताल के हालात बद से बदतर मिले। उन्होंने सबसे पहले इमरजेंसी का निरीक्षण किया, जहां छत से पानी टपकता हुआ मिला। उसके बाद उन्होंने इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया। इमरजेंसी में एक बेड पर दो-दो मरीज लेटे पाए गए। साथ ही एक मरीज के साथ कम से कम पांच-पांच तीमारदार पाए गए। सभी मरीज वाले बेड पर बैठे थे। अधिकतर बेड पर गंदी चादरें बिछी हुईं थीं। कुछ बेड बगैर चादरों के मिले। इस पर एडी हेल्थ ने नाराजगी जताई, कहा कि नए मरीजों को वही चादर बिछाने से बीमारी घटती नहीं। इससे बढ़ती है, उन्होंने सीएमएस डॉ. सुकुमार अग्रवाल से कहा कि वह एक दिन के अंदर इसमें सुधार लाएं। अन्यथा संबंधित के खिलाफ कार्रवाई तय समझे। किसी भी हालत में अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए। जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था, मरीजों को लिटाने, बेड, चादरों की व्यवस्था कर ली जाए। अगर यह सुधार नहीं हुआ तो वह इसकी रिपोर्ट शासन को बनाकर भेजेंगे। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने दवाओं का स्टाक भी चेक किया। कई प्रमुख दवाइयां कम मिलीं। इस दौरान अस्पताल की अव्यवस्थाओं के साथ चिकित्सकों की लापरवाही भी सामने आई।
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सीएमएस बोले, नहीं सूख रहीं चादरें
एडी हेल्थ के निरीक्षण के दौरान उठे सवाल पर सीएमएस डॉ. सुकुमार अग्रवाल बोले, बरसात का मौसम है। इससे चादरें नहीं सूख रहीं हैं। परंतु इसकी हकीकत कुछ और है। यह व्यवस्था स्वयं सीएमएस ने बिगाड़ी है। जिस स्थान पर चादरें सुखाई जाती हैं वहां सीएमएस अस्पताल का कचरा डलवा रहे हैं। वहां थोड़ी जगह तक नहीं बची है कि ठीक से चादरें तक फैलाई जा सकेें।
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सुधार नहीं नाकामी छिपाने में जुटा जिला अस्पताल
जिला अस्पताल में पता नहीं अब तक कितने अधिकारी, डीएम निरीक्षण कर चुके होंगे। हर बार उन्होंने कुछ न कुछ निर्देश जरूर दिए। गंदी चादरों और बगैर चादरों के बेड हमेशा शिकायत में कॉमन रहे। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन ने आज तक यह सुधार नहीं किया। किसी अधिकारी के आने पर अपनी नाकामी जरूर छिपाई। अगर ऐसी हालत रही तो एक दिन अस्पताल की व्यवस्थाएं ध्वस्त हो जाएंगी, फिर उन्हें संभालना मुश्किल हो जाएगा।
वर्जन-
जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं मिली हैं। बेड की संख्या कम पड़ गई है। वैसे ही मरीज बढ़े हैं। उनके इलाज में लापरवाही न हो इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। गंदी और बगैर चादरों के बेड मिले थे। उसमें भी सुधार लाने को कहा है।
-डॉ. नरेंद्र कुमार, एडी हेल्थ
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शासन तक पहुंची सीएमओ की शिकायत, हो सकती है कार्रवाई
तीन दिन से अवकाश पर हैं, जबकि जिले में बुखार से मर रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जिले में एक तरफ बुखार से लोगों के मरने का सिलसिला जारी है। सीएमओ डॉ. आशाराम अवकाश लेकर अपने घर बैठे हैं। विभागीय सूत्रों की माने तो सीएमओ तीन माह के कार्यकाल में करीब एक माह का अवकाश ले चुके हैं। करीब छह दिन अवकाश पर रहते हैं तो कभी आठ दिन। जिले में बुखार से कोहराम मचने के दौरान सीएमओ का छुट्टी पर चले जाना किसी के गले नहीं उतर रहा है।
सीएमओ डॉ. आशाराम लगातार तीन दिन से अवकाश पर हैं। विभागीय सूत्रों की माने तो सीएमओ दो दिन के अवकाश की बात कह कर गए थे परंतु तीन दिन हो चुके हैं। जिस दिन सीएमओ बगैर सूचना दिए अवकाश पर गए थे। उसी दिन डीएम दिनेश कुमार सिंह ने सवाल उठा दिए थे। साथ ही कहा था कि ऐसे माहौल में जिला मुख्यालय छोड़ना सीएमओ की सबसे बड़ी लापरवाही है। इस संबंध में वह शासन को अवगत कराएंगे। इधर, सिंचाई मंत्री धर्मपाल ने भी सीएमओ की इस लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने भी इस लापरवाही के बारे में शासन को अवगत कराने के संबंध में कहा था। सीएमओ की यह लापरवाही शासन तक पहुंच गई है। इसमें सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। मंगलवार को जिला अस्पताल आए एडी हेल्थ नरेंद्र कुमार ने बताया कि सीएमओ का जिला मुख्यालय छोड़ना गलत था। शासन से इस संबंध में कार्रवाई हो सकती है।
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...तो फाल्स सी फेरियम मलेरिया से मर रहे लोग!
स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई गई जांचों पर उठे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
दातागंज (बदायूं)। अमर उजाला ने जिसकी आशंका जताई थी, अब उसकी पुष्टि होती दिखाई दे रही है। आशंका थी कि कहीं ऐसा तो नहीं कि स्वास्थ्य विभाग मलेरिया-मलेरिया चिल्ला रहा हो और लोगों की मृत्यु की कोई दूसरी वजह निकले। वही हुआ, क्षेत्र में कई व्यक्तियों की जांच में फाल्स सी फेरियम मलेरिया की पुष्टि हुई है।
इस समय विकास खंड जगत क्षेत्र के अलावा दातागंज क्षेत्र में भी बुखार लोगों की जान ले रहा है। इस बुखार से पीड़ित दो व्यक्तियों के स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ब्लड सेंपल लिए गए थे। जिस पर उनकी ब्लड जांच रिपोर्ट को निगेटिव बताया गया। उन्होंने जांच रिपोर्ट के आधार पर दवा भी ली लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने प्राइवेट लैब में अपने ब्लड की जांच कराई, जिसमें फाल्स सी फेरियम मलेरिया निकला। ब्लड जांच करने वाले डॉक्टर ने यह भी बताया कि इस समय दो तरह का मलेरिया फैला है। इनमें फाल्स सी फेरियम मलेरिया सीधे दिमाग पर असर करता है और संबंधित व्यक्ति की मौत हो जाती है। जबकि वाई वैक्स मलेरिया साधारण बीमारी है।
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अब औरंगाबाद खालसा में फैला बुखार
कुंवरगांव। जिले में बुखार ने अब सालारपुर ब्लाक के ग्राम औरंगाबाद खालसा में दस्तक दे दी है। सोमवार देेर रात झम्मनलाल के 14 वर्षीय बेटे चंद्रप्रकाश की तेज बुखार से मौत हो गई। जबकि गांव में दर्जनों लोग बीमार हैं। फकीराबाद गांव में अवनीश के 7 वर्षीय बेटे पंकज की रविवार रात शहर के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस समय गांव में बंटू (19), महावीर (40), ब्रजकिशोर (14) पुत्र अमित पाल, काशीराम की बेटी ममता (8) और चंद्रकांता (5), शिव चरण (65), राधे श्याम (35), अंकित (10) पुत्र राधेश्याम, आशा देवी (11) पुत्री राधेश्याम, राजेश्वर (16) पुत्री श्रीकृष्ण, चेतराम (45), चेतराम (60) वीरेंद्र (45), विजेंद्र (8) पुत्र राघवेन्द्र, राघवेंद्र (38), नारायणी (60), राजाबाबू (18), अंतराज का 16 वर्षीय बेटा नौरंगपाल और सत्यपाल (14), चरण सिंह (35) और उनका बेटा राहुल (5), आकाश (7), बेटी कुंवरवती (10), हरि सिंह (50), संता देवी (48), दानवीर (18) पुत्र रामचरन, दुलाल (50), जय नंदन (40), अमितपाल (50), धनदेवी (35), राजाबाबू (10), रामप्रकाश (52) समेत सैकड़ों लोग बुखार की चपेट में है। ग्रामीणों का कहना है गांव में कभी कीटनाशक दवा का छिड़काव नहीं हुआ।
झोलाछाप में मचा हड़कंप, दुकानें छोड़कर भागे
मूसाझाग (बदायूं)। विकास खंड दातागंज क्षेत्र के ग्राम सराय पिपरिया में सोमवार को झोलाछाप के इलाज से महेश की सोलह वर्षीय बेटी रश्मि की हालत बिगड़ गई थी। उसके पेट में दर्द हो रहा था। परिवार वाले उसे झोलाछाप डॉक्टर के पास ले गए, जो एक मेडिकल स्टोर के रूप में दुकान चला रहा था। उसकी दवा खाते ही हालत बिगड़ गई। किशोरी अचेत हो गई, उसे देखकर परिजनों के होश उड़ गए। तभी झोलाछाप मेडिकल स्टोर बंद करके फरार हो गया। बाद में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बमुश्किल किशोरी को ठीक किया। अब छोलाझाप दुकान बंद करके फरार हो चुका है। इस डर से कुछ अन्य भी दुकानें बंद करके भागने लगे हैं।
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जिला अस्पताल पहुंचे एडी हेल्थ, अव्यवस्थाओं के मिले अंबार
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। मंगलवार दोपहर एडी हेल्थ नरेंद्र कुमार के निरीक्षण में जिला अस्पताल प्रशासन की पोल खुल गई। दो-दो मरीजों का एक बेड पर इलाज होता मिला। गंदी और बिना चादरों के बेड मिले। कुछ मरीज बेंचों पर लेटे मिले। कई प्रमुख दवाइयां अस्पताल से गायब थीं। जिला अस्पताल में खामियां मिलने पर एडी हेल्थ ने नाराजगी जताई। साथ ही एक दिन में सुधार लाने के निर्देश दिए। सोमवार तक 52 लोगों की मौत हो चुकी थी, मंगलवार तक यह संख्या 58 पहुंच गई।
एडी हेल्थ नरेंद्र कुमार मंगलवार दोपहर करीब एक बजे जिला अस्पताल पहुंचे। इस दौरान अस्पताल के हालात बद से बदतर मिले। उन्होंने सबसे पहले इमरजेंसी का निरीक्षण किया, जहां छत से पानी टपकता हुआ मिला। उसके बाद उन्होंने इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया। इमरजेंसी में एक बेड पर दो-दो मरीज लेटे पाए गए। साथ ही एक मरीज के साथ कम से कम पांच-पांच तीमारदार पाए गए। सभी मरीज वाले बेड पर बैठे थे। अधिकतर बेड पर गंदी चादरें बिछी हुईं थीं। कुछ बेड बगैर चादरों के मिले। इस पर एडी हेल्थ ने नाराजगी जताई, कहा कि नए मरीजों को वही चादर बिछाने से बीमारी घटती नहीं। इससे बढ़ती है, उन्होंने सीएमएस डॉ. सुकुमार अग्रवाल से कहा कि वह एक दिन के अंदर इसमें सुधार लाएं। अन्यथा संबंधित के खिलाफ कार्रवाई तय समझे। किसी भी हालत में अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए। जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था, मरीजों को लिटाने, बेड, चादरों की व्यवस्था कर ली जाए। अगर यह सुधार नहीं हुआ तो वह इसकी रिपोर्ट शासन को बनाकर भेजेंगे। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने दवाओं का स्टाक भी चेक किया। कई प्रमुख दवाइयां कम मिलीं। इस दौरान अस्पताल की अव्यवस्थाओं के साथ चिकित्सकों की लापरवाही भी सामने आई।
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सीएमएस बोले, नहीं सूख रहीं चादरें
एडी हेल्थ के निरीक्षण के दौरान उठे सवाल पर सीएमएस डॉ. सुकुमार अग्रवाल बोले, बरसात का मौसम है। इससे चादरें नहीं सूख रहीं हैं। परंतु इसकी हकीकत कुछ और है। यह व्यवस्था स्वयं सीएमएस ने बिगाड़ी है। जिस स्थान पर चादरें सुखाई जाती हैं वहां सीएमएस अस्पताल का कचरा डलवा रहे हैं। वहां थोड़ी जगह तक नहीं बची है कि ठीक से चादरें तक फैलाई जा सकेें।
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सुधार नहीं नाकामी छिपाने में जुटा जिला अस्पताल
जिला अस्पताल में पता नहीं अब तक कितने अधिकारी, डीएम निरीक्षण कर चुके होंगे। हर बार उन्होंने कुछ न कुछ निर्देश जरूर दिए। गंदी चादरों और बगैर चादरों के बेड हमेशा शिकायत में कॉमन रहे। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन ने आज तक यह सुधार नहीं किया। किसी अधिकारी के आने पर अपनी नाकामी जरूर छिपाई। अगर ऐसी हालत रही तो एक दिन अस्पताल की व्यवस्थाएं ध्वस्त हो जाएंगी, फिर उन्हें संभालना मुश्किल हो जाएगा।
वर्जन-
जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं मिली हैं। बेड की संख्या कम पड़ गई है। वैसे ही मरीज बढ़े हैं। उनके इलाज में लापरवाही न हो इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। गंदी और बगैर चादरों के बेड मिले थे। उसमें भी सुधार लाने को कहा है।
-डॉ. नरेंद्र कुमार, एडी हेल्थ
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शासन तक पहुंची सीएमओ की शिकायत, हो सकती है कार्रवाई
तीन दिन से अवकाश पर हैं, जबकि जिले में बुखार से मर रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जिले में एक तरफ बुखार से लोगों के मरने का सिलसिला जारी है। सीएमओ डॉ. आशाराम अवकाश लेकर अपने घर बैठे हैं। विभागीय सूत्रों की माने तो सीएमओ तीन माह के कार्यकाल में करीब एक माह का अवकाश ले चुके हैं। करीब छह दिन अवकाश पर रहते हैं तो कभी आठ दिन। जिले में बुखार से कोहराम मचने के दौरान सीएमओ का छुट्टी पर चले जाना किसी के गले नहीं उतर रहा है।
सीएमओ डॉ. आशाराम लगातार तीन दिन से अवकाश पर हैं। विभागीय सूत्रों की माने तो सीएमओ दो दिन के अवकाश की बात कह कर गए थे परंतु तीन दिन हो चुके हैं। जिस दिन सीएमओ बगैर सूचना दिए अवकाश पर गए थे। उसी दिन डीएम दिनेश कुमार सिंह ने सवाल उठा दिए थे। साथ ही कहा था कि ऐसे माहौल में जिला मुख्यालय छोड़ना सीएमओ की सबसे बड़ी लापरवाही है। इस संबंध में वह शासन को अवगत कराएंगे। इधर, सिंचाई मंत्री धर्मपाल ने भी सीएमओ की इस लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने भी इस लापरवाही के बारे में शासन को अवगत कराने के संबंध में कहा था। सीएमओ की यह लापरवाही शासन तक पहुंच गई है। इसमें सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। मंगलवार को जिला अस्पताल आए एडी हेल्थ नरेंद्र कुमार ने बताया कि सीएमओ का जिला मुख्यालय छोड़ना गलत था। शासन से इस संबंध में कार्रवाई हो सकती है।
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...तो फाल्स सी फेरियम मलेरिया से मर रहे लोग!
स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई गई जांचों पर उठे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
दातागंज (बदायूं)। अमर उजाला ने जिसकी आशंका जताई थी, अब उसकी पुष्टि होती दिखाई दे रही है। आशंका थी कि कहीं ऐसा तो नहीं कि स्वास्थ्य विभाग मलेरिया-मलेरिया चिल्ला रहा हो और लोगों की मृत्यु की कोई दूसरी वजह निकले। वही हुआ, क्षेत्र में कई व्यक्तियों की जांच में फाल्स सी फेरियम मलेरिया की पुष्टि हुई है।
इस समय विकास खंड जगत क्षेत्र के अलावा दातागंज क्षेत्र में भी बुखार लोगों की जान ले रहा है। इस बुखार से पीड़ित दो व्यक्तियों के स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ब्लड सेंपल लिए गए थे। जिस पर उनकी ब्लड जांच रिपोर्ट को निगेटिव बताया गया। उन्होंने जांच रिपोर्ट के आधार पर दवा भी ली लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने प्राइवेट लैब में अपने ब्लड की जांच कराई, जिसमें फाल्स सी फेरियम मलेरिया निकला। ब्लड जांच करने वाले डॉक्टर ने यह भी बताया कि इस समय दो तरह का मलेरिया फैला है। इनमें फाल्स सी फेरियम मलेरिया सीधे दिमाग पर असर करता है और संबंधित व्यक्ति की मौत हो जाती है। जबकि वाई वैक्स मलेरिया साधारण बीमारी है।
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अब औरंगाबाद खालसा में फैला बुखार
कुंवरगांव। जिले में बुखार ने अब सालारपुर ब्लाक के ग्राम औरंगाबाद खालसा में दस्तक दे दी है। सोमवार देेर रात झम्मनलाल के 14 वर्षीय बेटे चंद्रप्रकाश की तेज बुखार से मौत हो गई। जबकि गांव में दर्जनों लोग बीमार हैं। फकीराबाद गांव में अवनीश के 7 वर्षीय बेटे पंकज की रविवार रात शहर के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस समय गांव में बंटू (19), महावीर (40), ब्रजकिशोर (14) पुत्र अमित पाल, काशीराम की बेटी ममता (8) और चंद्रकांता (5), शिव चरण (65), राधे श्याम (35), अंकित (10) पुत्र राधेश्याम, आशा देवी (11) पुत्री राधेश्याम, राजेश्वर (16) पुत्री श्रीकृष्ण, चेतराम (45), चेतराम (60) वीरेंद्र (45), विजेंद्र (8) पुत्र राघवेन्द्र, राघवेंद्र (38), नारायणी (60), राजाबाबू (18), अंतराज का 16 वर्षीय बेटा नौरंगपाल और सत्यपाल (14), चरण सिंह (35) और उनका बेटा राहुल (5), आकाश (7), बेटी कुंवरवती (10), हरि सिंह (50), संता देवी (48), दानवीर (18) पुत्र रामचरन, दुलाल (50), जय नंदन (40), अमितपाल (50), धनदेवी (35), राजाबाबू (10), रामप्रकाश (52) समेत सैकड़ों लोग बुखार की चपेट में है। ग्रामीणों का कहना है गांव में कभी कीटनाशक दवा का छिड़काव नहीं हुआ।
झोलाछाप में मचा हड़कंप, दुकानें छोड़कर भागे
मूसाझाग (बदायूं)। विकास खंड दातागंज क्षेत्र के ग्राम सराय पिपरिया में सोमवार को झोलाछाप के इलाज से महेश की सोलह वर्षीय बेटी रश्मि की हालत बिगड़ गई थी। उसके पेट में दर्द हो रहा था। परिवार वाले उसे झोलाछाप डॉक्टर के पास ले गए, जो एक मेडिकल स्टोर के रूप में दुकान चला रहा था। उसकी दवा खाते ही हालत बिगड़ गई। किशोरी अचेत हो गई, उसे देखकर परिजनों के होश उड़ गए। तभी झोलाछाप मेडिकल स्टोर बंद करके फरार हो गया। बाद में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बमुश्किल किशोरी को ठीक किया। अब छोलाझाप दुकान बंद करके फरार हो चुका है। इस डर से कुछ अन्य भी दुकानें बंद करके भागने लगे हैं।